Daily Life Natural Home Remedies - उपयोगी घरेलु नुस्खे

सात दिन में बढ़ा हुआ क्रिएटिनिन (Createnine) हो जायेगा सही।

क्रिएटिनिन बढ़ना किडनी रोगों का संेत है। अधिक बढ़ जाने पर किडनी की नियमित डायलिसिस करवानी पड़ती है। अगर फिर भी आराम ना आये तो किडनी ट्रांसप्लांट करवाने तक की नौबत आ जाती है। ऐसे में नीम और पीपल का ये प्रयोग बहुत कारगर है। एक हफ्ते में बढ़ा हुआ क्रिएटिनिन सही हो सकता है। आइये जाने ये प्रयोग।

आवश्यक सामग्री।
  1. नीम की छाल।
  2. पीपल की छाल।
3 गिलास पानी में 10 ग्राम नीम की छाल और 10 ग्राम पीपल की छाल लेकर आधा रहने तक उबाल कर काढ़ा बना लें। इस काढ़े को दिन में 3-4 भाग में बाँट कर सेवन करते रहें। इस प्रयोग से मात्र सात दिन क्रिएटिनिन का स्तर व्यवस्थित हो जाता है या प्रयाप्त लेवल तक आ जाता है।

घर पर ही अपना नेचुरल फेस टोनर बनाने का सबसे आसान तरीका!

इन उपायों से अपना स्क‍िन टोनर घर पर ही बना सकती हैं:

1. गुलाब जल और सिरके के इस्तेमाल से
अगर आपकी स्क‍िन नॉर्मल है तो चार चम्मच गुलाब जल और चार चम्मच सिरका ले लें. इन्हें अच्छी तरह मिला लें. उसके बाद एक कॉटन बॉल को इसमें डिप करके चेहरे की सफाई करें. इससे पोर्स तो खुलेंगे ही, चेहरा भी साफ हो जाएगा.

2. बर्फ भी है एक अच्छा टोनर
शायद आपको पता न हो लेकिन बर्फ भी एक बहुत अच्छा टोनर है. अगर आपकी स्क‍िन ऑयली है तो ये आपके लिए बहुत फायदेमंद रहेगा. एक मुलायम और बारीक से कपड़े में बर्फ को लपेट लें. इससे पूरे चेहरे की मसाज करें. इससे स्क‍िन को ठंडक को मिलेगी ही साथ ही पोर्स भी खुल जाएंगे.

3. तुलसी की पत्त‍ियां
अगर आपकी स्क‍िन पर बहुत अधिक मुंहासे हैं तो आपके लिए तुलसी की पत्त‍ियों का टोनर बहुत फायदेमंद रहेगा. तुलसी की कुछ पत्तियों को उबाल लें. पांच मिनट तक उबालने के बाद इसे ठंडा होने दें. इसके बाद इसे छान लें और कॉटन बॉल से चेहरे की सफाई कर लें. बचे हुए तुलसी के पानी को एक बोतल में स्टोर करके रख लें.

दांतो का पीलापन दूर करने का घरेलु नुस्खा

थोड़ा सा नमक और जैतून का तेल मिलायें और सालों तक दर्द से छुटकारा पायें

औषधि तैयार करने की सामग्री  :
        10 चमच उच्च गुणवता का नमक
        20 चमच जैतून अथवा सूरजमुखी का कच्चा तेल (unrefined oil)

विधि: इसको बनाने की विधि बहुत ही आसान है, एक कांच के बर्तन में दोनों चीज़े मिला लें. बर्तन को अच्छी  तरह से 2 दिन के लिए बंद (air tight) कर के रखें और दो दिन बाद  एक हलके रंग की औषधि तैयार हो जाएगी


स्तेमाल का तरीका:
सुबह इस औषधि को प्रभावित  जगह पर लगायें और हलके  हाथों से मालिश  करें. शुरुआत में 2-3 मिनट के लिए करें और धीरे धीरे अवधी बढाए. विशेषज्ञों के अनुसार ज़यादा से ज़यादा 20 मिनट की मालिश काफ़ी है. मालिश करने के बाद गीले तोलिये से साफ करें .

अगर आपको तव्चा पर हलकी जलन महसूस हो तो  बच्चों  के इस्तेमाल का पाउडर लगायें इस से आपको जलन से राहत मिलेगी. 10 दिन में ये औषधि आपके खून के बहाव को बढाएगी और आपकी मासस्पेशिओं को पुनर्जीवित  कर के आपके तंत्रिका  तंत्र्र और हडियो को मज़बूत करेगी.

इस इलाज के बाद आपका सर दर्द हमेशा के लिए चला जायेगा कियोंकि ये औषधि खून के बहाव को बढाने में मदद करती है और अच्छी  दृष्टि भी प्रदान करती है. इस के इलावा ये आपके शारीर को ज़ेहरीले तत्वों से मुक्त करेगी और आपके पाचन तंत्र को मज़बूत करेगी. याद रखें इसके इस्तेमाल से आप थोड़ा  असहज महसूस कर सकते हैं मगर इस होना सौभाविक है. इस के इस्तेमाल  से आपको अश्चर्यजनक  नतीजे मिलेगे , और सब से अच्छी बात ये है के पारंपरिक दवाओ के उलट इसका कोई दुष्प्रभाव भी नही है .

Magical Ayurvedic Oil for Joints Pain

किचन में इस छोटी गलती से पैसे की परेशानी हमेशा बनी रहती है

वास्तु व‌िज्ञान में बताया गया है क‌ि व्यक्त‌ि की अपनी क‌िस्मत के अलावा वह जहां ज‌िस घर में रहता है उस पर भी उसकी सुख समृद्ध‌ि न‌िर्भर करती है। क्योंक‌ि घर का वास्तु सकारात्मक उर्जा को आकर्ष‌ित करके लोगों को उर्जावान और सेहतमंद बनाए रखता है ज‌िससे पर‌िवार के सदस्यों के बीच तालमेल और सुख-समृद्ध‌ि बढ़ती है। इसल‌िए यहां ऐसे पांच आसान उपायों की बात कर रहे हैं जो आपके बुरे समय में भी आपको आर्थ‌िक परेशान‌ियों से न‌िकलने और खुश रखने में सहायक हो सकता है।

घर के मुख्य द्वार पर चांदी का एक तार एक छोड़ से लेकर दूसरे छोड़ तक लगाकर जमीन में दबा दें। इससे मुख्य द्वार का वास्तु दोष दूर होता है और घर में सकारात्मक उर्जा का प्रवेश होता है।

रसोई घर में चूल्हा पूर्व द‌िशा की ओर होना शुभ रहता है। चूल्हा दक्ष‌िण द‌िशा में होने पर आर्थ‌िक परेशानी आती है। माना जाता है क‌ि व्यक्त‌ि को भारी आर्थ‌िक संकट का सामना करना पड़ता है।

घर के मुख्य द्वार पर गणेश, कुबेर या स्वास्त‌िक का च‌िन्ह लगाएं।

धान, मूंग, गेहूं, सरसो, जौ, काले त‌िल और ज्वार को म‌िलकार पोटली बना लें। ज‌ितने कमरे हों सभी कमरे में एक पोटली रखें। माना जाता है क‌ि यह सप्तधान्य घर में अन्‍न धन का भंडार बनाए रखने में सहायक होता है।

हर द‌िन सूर्योदय से पहले मुख्य द्वार की सफाई करें और वहां जल का छ‌िड़काव करें।

Best Natural Ayurvedic Home Remedy for Cough and Cold

जानें सुबह खाली पेट गुनगुने पानी में शहद डालकर पीने से शरीर में क्या होता है

गुनगुने पानी के साथ शहद और नींबू के नियमित सेवन से सेहत से जुड़ी कई समस्याओं से हमेशा के लिए निजात मिल सकता है।

गुनगुने पानी में शहद के फायदे

इस बात से हम सभी वाकिफ हैं कि सुबह एक गिलास गुनगुने पानी में नींबू का रस और शहद मिलाकर पीना स्‍वास्‍थ्‍य के लिए अच्‍छा होता है। शहद को गर्म पानी के साथ लेने से वजन कम होता है। और इसके नियमित सेवन से सेहत से जुड़ी कई समस्याओं से हमेशा के लिए निजात मिल सकती है। हम आपके लिए लेकर आए हैं गुनगुने पानी के साथ शहद का सेवन करने के फायदों के बारे में।

पाचन सुधारे
अच्छे पाचन के लिए सुबह गर्म पानी में शहद और नींबू मिलाकर पीना चाहिए। यह पेट को साफ करने में मदद करता है। यह लीवर में रस के उत्‍पादन को बढ़ाता है जिससे पाचन में मदद मिलती है। नींबू में मौजूद एसिड आपके पाचन तंत्र में मदद करता है और अवांछित विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है। इसके अलावा शहद एक एंटीबैक्‍टीरियल के रूप में कार्य करता है और आपके शरीर में मौजूद किसी भी तरह के संक्रमण को दूर करने में मदद करता है।

कब्‍ज दूर करें
यह मिश्रण कब्‍ज के लिए तत्‍काल उपाय है। यह आंत को प्रोत्‍साहित कर मल त्‍यागने में मदद करता है। इसके अलावा यह आंत्र म्‍यूकस में बढ़ावा देता है, पेट को हाइड्रेट करता है और सूखे मल को पानी में भिगो देता है। इन सब की एक साथ मौजूदगी से मल त्‍यागने में मदद करता है।

लसीका प्रणाली की सफाई में मददगार
लसीका प्रणाली में पानी और आवश्यक तरल पदार्थ की कमी हो जाती है जिससे आपको सुस्त और थका हुआ महसूस होना, कब्ज, सोने में परेशानी, उच्च या निम्न रक्तचाप, तनाव और मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य पर असर पड़ता है। सुबह-सुबह इस मिश्रण को पीने से लसीका प्रणाली को हाइड्रेट होने में मदद मिलती है जिससे न केवल सभी उपरोक्त लक्षणों बल्कि प्रतिरक्षा प्रणाली में सुधार होता है।

मौखिक स्वास्थ्य में सुधार
एसिडिक प्रकृति का नींबू, शहद और गुनगुने पानी के साथ सांसों की बदबू को तुरंत दूर करने में मददगार होता है। नींबू अपनी लार ग्रंथियों को सक्रिय और आक्रामक बैक्टीरिया को मार कर मुंह शुद्ध करने में मदद करता है। सांस में बदबू का कारण जीभ पर सफेद परत का गठन (मुख्य रूप से खाद्य और बैक्टीरिया से मिलकर) भी है, यह रस इस परत को प्रभावी ढंग से हटाकर सांस की बदबू से प्राकृतिक रूप से छुटकारा दिलाता है।

मूत्रवर्धक के रूप में कार्य
शहद में बहुत ही शक्तिशाली एंटी-बैक्‍टीरियल के गुण होते हैं। इसमें कई प्रकार के संक्रमण को दूर करने की क्षमता होती है। नींबू और पानी के साथ यह मिश्रित – एक उत्कृष्ट मूत्रल (आपके शरीर से पानी बाहर निकलवाने वाला एजेंट) के रूप में कार्य करता है। यह आपके मूत्र मार्ग को साफ करने का सबसे अच्छा तरीका है। यूटीआई (यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन) से पीड़‍ित महिलाओं के लिए यह रस एक वरदान की तरह है क्‍योंकि यह संक्रमण को दूर करने में मदद करता हे।

एनर्जी लेवल बढ़ाये
शहद और गर्म पानी से शरीर में एनर्जी में भी वृद्धि होती है। शरीर में ज्यादा एनर्जी उत्पन्न होने से शरीर का मेटाबॉलिज्म और कार्यप्रणाली में भी वृद्धि होती है। शहद शरीर के अंगों को ठीक से काम करने के लिए प्रेरित करता है। सुबह में गर्म पानी नींबू के साथ लेने से आप दिन भर ऊर्जावान बने रह सकते हैं।

गर्मी में कोल्ड ड्रिंक नहीं, पिएं ये 10 देसी ड्रिंक्स ! इनको बनाना है बहुत ही आसान

गर्मी में डिहाइड्रेशन से बचने के लिए कोल्ड ड्रिंक या सोडा पीने के बजाय नेचुरल चीजों से बने ड्रिंक्स पीने की सलाह डॉक्टर्स भी देते हैं। इसमें डाले जाने वाले अलग-अलग मसालों से न सिर्फ टेस्ट बढ़ता है, बल्कि हेल्थ के लिए भी यह फायदेमंद है। हम बता रहे हैं ऐसे ही 10 देसी ड्रिंक्स के बारे में।

– आम का पना
कच्चे आम का पना गर्मी में लू से बचने का बेस्ट ऑप्शन है। इसमें विटामिन सी की मात्रा ज्यादा होती है जिससे आपको तुरंत एनर्जी मिलती है।
कैसे बनाएं  – कच्चे आम (कैरी) को छिलकर उबाल लें। इसमें काला नमक, पुदीना, शक्कर डालकर ब्लेंडर में ब्लेंड कर लें। इसे गिलास में निकालें और बर्फ के टुकड़े डालकर सर्व करें।

– शिकंजी
गर्मी में शिकंजी पीने से आपको तुरंत एनर्जी मिलती है। शिकंजी इस मौसम में होने वाली डलनेस को दूर करेगी। इसे बनाकर कुछ दिन तक फ्रिज में रखा जा सकता है।
कैसे बनाएं – एक जग में पानी लें। उसमें नींबू का रस, जीरा पाउडर, काला नमक और शक्कर मिला लें। अब शिकंजी को छलनी से छालकर गिलास में डालें और बर्फ के टुकड़े मिलाकर सर्व करें।

– मैंगो मिंट लस्सी
आम और पुदीने से बनी लस्सी गर्मी में आपको फ्रेश रखेगी। इस एनर्जेटिक ड्रिंक को बनाकर तुरंत सर्व करें।
कैसे बनाएं – आम, शक्कर, पुदीना, इलायची पाउडर, नींबू का रस और दही को मिलाकर ब्लेंडर में ब्लेंड कर लें। आम के स्मूद हो जाने पर इसे गिलास में निकालें और बर्फ डालकर सर्व करें।

– पुदीने का शर्बत
पुदीने का शर्बत गर्मी में डिहाइड्रेशन और लू से बचाता है। यह डाइजेस्टिव सिस्टम ठीक रखता है।
कैसे बनाएं –  ब्लेंडर में पुदीना, शक्कर या गुड़, शहद, काला नमक, कालीमिर्च और जीरा पाउडर मिलाकर पीस लें। इस पेस्ट की कम मात्रा को पानी के साथ मिलाकर गिलास में डालें और बर्फ मिलाकर सर्व करें।

– छाछ
इसे पीने से पेट की जलन और एसिडिटी दूर होती है। छाछ पीने से वेट लॉस होता है और डाइजेस्टिव सिस्टम ठीक रहता है।
कैसे बनाएं – दही में नमक, काला नमक, जीरा पाउडर और हींग मिलाकर ब्लेंडर में ब्लेंड कर लें। इसमें बर्फ मिलाकर गिलास में डालें और सर्व करें।

– गुलाब का शर्बत
इस शर्बत को पीने से पेट की जलन दूर होती है। यह बॉडी को कूल रखता है।
कैसे बनाएं – एक पैन में पानी और शक्कर मिलाकर चाश्नी बना लें। इसमें गुलाब जल, इलायची पाउडर और ताजी गुलाब की पत्तियों का पेस्ट डालें। इसे छानकर फ्रिज में रख दें। सर्व करते समय इस शर्बत को पानी के साथ मिलाकर बर्फ डालें और सर्व करें।

– जलजीरा
इसे पीने से एसिडिटी और डिहाइड्रेशन दूर होता है। जलजीरा गर्मी से राहत पाने का बेहतर ऑप्शन है।
कैसे बनाएं – पानी में जीरा पाउडर, काला नमक, अमचूर पाउडर, नींबू का रस, थोड़ी सी शक्कर और पुदीने की पत्तियों का पेस्ट मिला लें। इसे बर्फ के टुकड़े मिलाकर सर्व करें।

– ऐलोवेरा जूस
यह जूस गर्मी से होने वाली स्किन टैनिंग को दूर करने में मददगार है। यह डाइजेस्टिव सिस्टम को इंप्रूव करता है। इसे पीने से तुरंत एनर्जी मिलती है और गर्मी में भी स्किन का ग्लो बरकरार रहता है।
कैसे बनाएं – एलोवेरा के कांटेदार किनारे हटा दें। इसकी पत्तियों के बीच जमा गूदा निकालें। इसे मिक्सी में डालकर लेमन या ऑरेंज जूस और नमक मिलाकर पीस लें और बर्फ के टुकड़े डालकर सर्व करें।

– बेल का शर्बत
गर्मी में इसे अमृत के समान माना गया है। यह डायरिया को दूर करने में मददगार है। डाइजेस्टिव सिस्टम को ठीक रखता है और लू से बचाता है।
कैसे बनाएं – बेल के फल का गूदा निकालकर अच्छी तरह मैश कर दें। इसमें शक्कर, काला नमक, जीरा पाउडर और चाट मसाला मिलाकर ब्लेंडर में ब्लेंड कर लें। इसे बर्फ मिलाकर सर्व करें।

– इमली का अमलाना
गर्मी से बचने के लिए इमली से बने इस राजस्थानी ड्रिंक को पीजिए। लू से राहत पाने का यह इफेक्टिव तरीका है।

कैसे बनाएं – इमली और पानी मिलाकर दो घंटे के लिए रख दें। मिश्रण को छानकर इसमें शक्कर, कालीमिर्च पाउडर, इलायची पाउडर, काला नमक, सादा नमक, बर्फ और पानी डालकर अच्छी तरह मिला लें। इसे गिलास में डालें और सर्व करें।

इन उपायों से प्रसन्‍न हो जाते हैं महाबली हनुमान, करते हैं कृपा

अगर आपको लग रहा है कि सफलता हाथ लगते-लगते चूक जाती है और कहीं भी कामयाबी हासिल नहीं हो रही है, तो मंगलवार को कुछ उपाय करें. आपको निश्च‍ित तौर पर लाभ मिलेगा और बंद किस्मत का ताला खुल जाएगा.

मंगलवार के दिन तांत्रिक हनुमान यंत्र की स्थापना करने का बड़ा महत्व है. मंगलवार को अपने पूजन स्थान पर करें तांत्रिक हनुमान यंत्र की स्थापना करें और हर दिन इस यंत्र की पूजा करें. जल्दी ही आपको इसका फल भी मिलने लगेगा.

मंगलवार के दिन शाम के समय किसी हनुमान मंदिर में जाएं और एक सरसों के तेल का और एक शुद्ध घी का दीपक जलाएं. इसके बाद वहीं बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ करें. हनुमानजी की कृपा पाने का ये एक अचूक उपाय है.

मंगलवार के दिन सुबह स्नान आदि करने के बाद किसी पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दिया जलाएं. इसके बाद पूर्व दिशा की ओर मुख करके तुलसी की माला से राम नाम का जप करें. कम से कम 11 माला जप अवश्य करें.

किसी भी मंगलवार को शाम के समय हनुमानजी को केवड़े का इत्र व गुलाब की माला चढ़ाएं. हनुमानजी को प्रसन्न करने का ये बहुत ही अचूक उपाय है. इस उपाय से हर मनोकामना पूरी हो जाती है.

मंगलवार को पास ही स्थित हनुमानजी के किसी मंदिर में जाएं और उन्हें उन्हें सिंदूर व चमेली का तेल अर्पित करें और अपनी मनोकामना कहें. इससे हनुमानजी प्रसन्न होते हैं और भक्त की हर मनोकामना पूरी कर देते हैं.

मंगलवार के दिन सुबह स्नान करने के बाद बड़ के पेड़ का एक पत्ता तोड़ें और इसे साफ स्वच्छ पानी से धो लें. अब इस पत्ते को कुछ देर हनुमानजी के सामने रखें और इसके बाद इस पर केसर से श्रीराम लिखें. अब इस पत्ते को अपने पर्स में रख लें. साल भर आपका पर्स पैसों से भरा रहेगा.

अगर आप शनि दोष से पीडि़त हैं तो इस दिन काली उड़द व कोयले की एक पोटली बनाएं. इसमें एक रुपए का सिक्का रखें. इसके बाद इस पोटली को अपने ऊपर से उसार कर किसी नदी में प्रवाहित कर दें और फिर किसी हनुमान मंदिर में जाकर राम नाम का जप करें इससे शनि दोष का प्रभाव कम हो जाएगा.

सुहागरात को होता है ये सब, पढ़कर रह जायेंगे दंग

प्रत्येक लड़का और लड़की अपने जीवन में कभी न कभी अपनी होने वाली शादी के बारे में जरुर सोचते है ! अगर विवाह होने वाला हो तो फिर विवाह की तैयारी कैसे करनी है उसके बारे में सोचना शुरू कर देते है! इसमें सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होती है सुहागरात!  ये एक ऐसा पल होता है जिसमे आने वाली जिंदगी के सपने देखे जाते है! अधितकतर लड़के और लडकियों को सुहागरात से पहले घबराहट शुरू हो जाती है !

पाश्चात्य मानसिकता के अनुसार विवाह सिर्फ लड़के और लड़की के बीच जिस्मानी रिश्ता बनाने के लिए और बच्चे पैदा करने के लिए ही किया जाता है जिसको समाज भी अपनी स्वीकृति देता है पर भारत में विवाह को दो शरीरो का नहीं अपितु 2 आत्माओ का मिलन होता है ! जो अगले 7 जन्म तक एक दुसरे के साथ बंधा रहता है ! हिन्दू मान्यताओं के अनुसार सुहागरात पति-पत्नी को आपस में एक दुसरे को समझने की प्रथम रात होती है ! जिन लोगो की अभी तक शादी नहीं हुई है वो जरूर सोचते होंगे की सुहागरात को क्या-क्या होता है

1# थकान होने पर सो जाना – हिन्दू धर्म में विवाह करने के लिए कई विधि विधान और कर्मकाण्ड किये जाते है इन सभी को दूल्हा और दुल्हन को करना पड़ता है, जिस कारण वो बहुत ज्यादा थक जाते है, और वो चाहते है कि जल्दी से जल्दी धार्मिक कार्य पूरे हो और वो अपने कमरे में जाकर सो जाये और अपनी थकान मिटा ले !

2# दूल्हा और दुल्हन के पहले कपडे- विवाह के लिए दुल्हे और दुल्हन के कपडे अलग प्रकार के होते है ! वो पहनने में भारी होते है और जिनको लगभग 2 दिनों तक पहनना पड़ता है ! जिस कारण उनके शरीर को आराम नहीं मिल पाता ! इसलिए वो चाहते है कि जल्दी से जल्दी वो अपने कमरे में जाये और इन भारी कपड़ो को उतार कर हलके कपड़ो को पहने ! दुल्हे से ज्यादा दुल्हन को अपने भारी कपड़ो के साथ श्रृंगार को भी उतारना पड़ता है जिसमे समय भी लगता है !

3# मजाक और मस्ती का दौर- सुहागरात को दूल्हा और दुल्हन के मित्रपक्ष या रिश्तेदार बार बार उनको रात को फ़ोन करके या उनके कमरे के दरवाजे को खटखटा कर उनको परेशान करते रहते है ! जिससे वो सो नहीं पाते और पूरी रात ऐसे ही परेशान करने में कट जाती है!

4# सिर्फ बाते करना- कुछ दूल्हा और दुल्हन सुहागरात के दिन एक दुसरे के बारे में जानने के लिए बातचीत करते रहते है ! एक दुसरे को क्या क्या चीज पसंद है, या क्या ना पसंद है ! भविष्य के क्या प्लान है ! इन बातो में ही सारी रात गुजार देते है !

5# हनीमून का प्लान – कुछ दूल्हा दुल्हन सारी रात को हनीमून का प्लान बनाने में गुजार देते है ! या फिर जिन्होंने पहले से ही प्लान कर रखा है, वो अपने हनीमून के लिए पैकिंग करने में लग जाते है !

6# विवाह में मिले गिफ्ट- कुछ दूल्हा दुल्हन अपने मेंहमानों या फिर अपने मित्रो द्वारा दिए गए शादी के गिफ्ट को खोलने में दिलचस्पी देखते है ! और इन गिफ्ट को देने का क्या उद्देश्य है, उसके बारे में चर्चा करके ही सारी रात गुजार देते है ! कुछ मित्रो के द्वारा दिए गिफ्ट दिखने में बड़े खूबसूरत होते है पर जब उनको खोलते है तो सारी ख़ुशी हवा में बदल जाती है !

7# विवाह की तैयारियों की बाते– कुछ दुल्हे दुल्हन सुहागरात में अपने पुराने दिनों के बारे में या शादी की तारीख फिक्स होने के बाद किये गए कार्यो के बारे में बात करके सारी याद गुजार देते है
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