30 दिनों में गंजो के सिर पर बाल उगाने का 100 % शर्तिया चमत्कारिक तेल

बालो की समस्या जैसे बालों का झड़ना, असमय सफेदी, रूसी की समस्या तो आम हो गई है। बालों की इन उलझनों के लिए चिरमिटी या गुंचा एक वरदान है! जी हाँ, आपके बालों को झड़ने, रुसी, सफेदी और गंजे होते सिर की समस्याओं को दूर करती है और बुढ़ापे तक आपके बालों की सभी समस्याओं से निजात दिलाता है। यह प्रयोग इतना प्रभावी है कि गंजो के बाल उगा देता है। यह पुरुषों के लिए जितना प्रभावी है उतना ही महिलाओं के लिए तो आइये जाने इस प्राकृतिक रामबाण उपाय के बारे में।
 
सामग्री -     250 ग्राम चिरमिटी/रत्ती/घुंघुचि/गुंचा

गुंचा या चिरमिटी का चमत्कारी तेल बनाने का तरीका
  1.     इसे बारीक पीस कर पाउडर बना छान ले। छानने के बाद जो ऊपर मोटा अंश बचे उसे फेंके नहीं।
  2.     अब छने हुए पाउडर मे से लगभग 50 ग्राम अलग निकाल कर रख लें।
  3.     बाकी बचे हुए सारे 200 ग्राम पाउडर को लगभग 1.5 लीटर पानी मे धीमी आग पर इतना उबाले कि उबल के पानी लगभग 500ml रह जाये। अब इस पानी को छान कर रख ले।
  4.     एक लौहे की कड़ाही मे लगभग 200 ग्राम तिल का तेल ले यदि तिल तेल का न मिले तो सरसों का भी ले सकते हैं परंतु तिल का तेल अधिक असरदार होता है। अब 500ml चिरमटी उबाल कर छाना हुआ पानी व 50 ग्राम चिरमटी का बचा हुआ पाउडर इन सभी को ठंडे तेल मे मिला ले। ध्यान रहे गरम तेल मे कुछ नही डालना है ऐसा नुकसानदायक हो सकता है। अब इस इस ठन्डे तेल में मिली सामग्री को धीमी आंच पर फिर से पकाए।
  5.     पकने उपरांत जब तेल मे से पानी लगभग जल जाए। तो यह टेस्ट करने के लिये की इसमें पानी का अंश पूर्ण रूप से जल गया है केवल मात्र तेल ही शेष बचा है। इसके परिक्षण के लिये एक लौहे की तार का टुकडा या बांस की झाडू की सींख ले उस पर काटन का फोया लपेट उसे तेल में भिगो आग पर रखे। यदि चटर पटर की आवाज आए तो समझे कि अभी तेल पूरी तरह नहीं पका है। उसमें पानी का अंश शेष है तो उसे धीमी आंच पर ओर गरम होने दे।
  6.     अगर तेल लगी हुई रूई तत्काल जल जाए तो समझे कि तेल पक गया है। तब इसे चूल्हे से उतार स्टील के टोप जैसे बर्तन में डाल के रख दें। साथ में तो यह ठंडा हो जायेगा और साथ ही इसमें से काला अंश टोप में निचे बैठ जायेगा। पूरी तरह ठंडा होने पर इस तेल को एक दम सूखी काँच या प्लास्टिक की बोतल में डाल लें। जिसमें पानी का अंश ना हो।
इस चमत्कारी तेल को लगाने का तरीका
  1.     यह तेल सिर पर दिन में 2 बार सुबह – शाम लगाए। लगभग 5 मिनट मालिश करे।
  2.     तेल प्रयोग के दौरान कोई भी साबुन या शैंपू सिर में न लगाए। सिर धोने के लिए खट्टी दहि – खट्टी लस्सी या नींबू का प्रयोग करे।
  3.     हमे आशा ही नही पूर्ण विश्वास है की सिर्फ 1 महीने प्रयोग के बाद आपको निराश नही होना पडेगा। आपकी इच्छानुरूप परिणाम मिलने शुरू हो जायेंगे। क्योंकि यह प्रयोग हमने जिस जिस व्यक्ति पर किया परिणाम 100% मिला।
कृपया ध्यान दे
  1.     चिरमिटी/रत्ती/घुंघुचि/गुंचा यह सब इसके नाम है।
  2.     यह सफ़ेद और लाल + काले रंग की मनके के समान होती है।
  3.     जड़ी बूटी बेचने वालो या पंसारी की दुकान पर आसानी से मिल जाती है
  4.     सफ़ेद रंग कि मिले तो वह ले – न मिले तो लाल काले रंग कि ले

शाम के वक्त भूलसे भी ना करे ये 5 काम दरिद्रता आती है |

शाम के वक्त भूलसे भी ना करे ये 5 काम दरिद्रता आती है | शाम के वक्त भूलसे भी ना करे ये 5 काम दरिद्रता आती है | 

शाम के वक्त भूलसे भी ना करे ये 5 काम दरिद्रता आती है |

थाइरोइड को केवल आयुर्वेद ही जड़ से खातम कर सकता है ! थाइरोइड में लाल प्याज से उपचार l

थायराइड की समस्या आजकल एक गंभीर समस्या बनी हुई है। थायराइड मानव शरीर मे पाए जाने वाले एंडोक्राइन ग्लैंड में से एक है। थाइराइड गर्दन के सामने और स्वर तंत्र के दोनों तरफ होती है। यह थाइराक्सिन नामक हार्मोन बनाती है जिससे शरीर के ऊर्जा क्षय, प्रोटीन उत्पादन एवं अन्य हार्मोन के प्रति होने वाली संवेदनशीलता नियंत्रित होती है। थायराइड तितली के आकार की होती है। थायराइड दो तरह का होता है। हाइपरथायराइडिज्म और हाइपोथायराइड। पुरूषों में आजकल थायराइड की दिक्कत बढ़ती जा रही है। थायराइड में वजन अचानक से बढ़ जाता है या कभी अचानक से कम हो जाता है। इस रोग में काफी दिक्कत होती है।

थायराइड को साइलेंट किलर माना जाता है, क्‍योंकि इसके लक्षण व्‍यक्ति को धीरे-धीरे पता चलते हैं और जब इस बीमारी का निदान होता है तब तक देर हो चुकी होती है। इम्यून सिस्टम में गड़बड़ी से इसकी शुरुआत होती है लेकिन ज्यादातर चिकित्‍सक एंटी बॉडी टेस्ट नहीं करते हैं जिससे ऑटो-इम्युनिटी दिखाई देती है।

आमतौर पर शुरुआती दौर में थायराइड के किसी भी लक्षण का पता आसानी से नहीं चल पाता, क्योंकि गर्दन में छोटी सी गांठ सामान्य ही मान ली जाती है। और जब तक इसे गंभीरता से लिया जाता है, तब तक यह भयानक रूप ले लेता है। थायराइड ग्रंथि शरीर के मेटाबॉल्जिम को नियंत्रण करती है यानि जो खाना हम खाते हैं यह उसे उर्जा में बदलने का काम करती है। इसके अलावा यह मांसपेशियों, हृदय, हड्डियों व कोलेस्ट्रोल को भी प्रभावित करती है।

Thyroid का सरल उपचार
Igor Knjazkin,  सेंट पीटर्सबर्ग, रूस से एक प्रसिद्ध चिकित्सक ने  थायराइड ग्रंथि के विकारों का इलाज खोजने का  दावा किया है इस अविश्वसनीय उपाए में सिर्फ एक घरेलु औषधि का उपयोग होता है और वो है लाल प्याज | प्याज के गुणों के बारे में हम सब जानते हैं इसमें बहुत सारे  anti-bacterial, anti-fungal, anti-inflammatory, and cancer fighting  गुण होते हैं इस में विटामिन और मिनरल्स भी भरपूर मात्रा में होते हैं जो हमारे शारीर को पोषण देते हैं और बिमारियों से बचाते हैं |

प्याज से Thyroid का इलाज (Thyroid Gland Remedy)
ये उपचार रात को सोने से पहले करना है एक प्याज लेकर उसको दो हिस्सों में काट लें और गर्दन पर Thyroid Gland के आस पास गोल गोल मसाज करे | मसाज करने के बाद गर्दन को धोएं नहीं रात भर ऐसे ही छोड़ दें और प्याज का रस अपना काम करता रहेगा |

सफ़ेद नमक है बहुत हानिकारक.
आज कल जो बाज़ार में सफ़ेद नमक हमको आयोडीन के नाम से खिलाया जा रहा है, चाहे वो कितनी भी बड़ी कंपनी हो, सिर्फ आम जन को मुर्ख बनाने के लिए है. नमक सिर्फ सेंधा या काला ही इस्तेमाल करें.

काली मिर्च.
थाइरोइड के लिए काली मिर्च का उपयोग बहुत ही फायदेमंद साबित होता है. काली मिर्च का यथा संभव नियमित उपयोग चाहे वो किसी भी प्रकार से हो, थाइरोइड के लिए बहुत ही उपयोगी है.

कटे हुए प्याज का अगले दिन इस्तेमाल आपकी जान भी ले सकता हैं, आज ही बताए घर की औरतों को!!

कई भारतीय घरो में गृहिणियां अपना समय बचाने के लिए क्या क्या तरीके नहीं अपनाती। जी हां कुछ गृहिणियां तो अगले दिन के खाने की तैयारी भी पहले ही शुरू कर देती है। यानि कि एक दिन पहले सब्जी काटना और सब्जी में प्रयोग होने वाला सामान जैसे प्यार और टमाटर काट कर रख देना आदि सब करके वो अपना अगले दिन का समय जरूर बचा लेती है। पर क्या आप जानते है कि एक दिन पहले कटे हुए प्याज को अगले दिन सब्जी में इस्तेमाल करना कितना खतरनाक हो सकता है।शायद आपको ये सुनने में थोड़ा अजीब लगे, पर ये सच है।वैसे आज हम आपको इससे जुडी एक कहानी भी बताने वाले है। इस कहानी को पढ़ने के बाद आपको यकीन हो जाएगा कि ऐसा करना वास्तव में खतरनाक हो सकता है।

दरअसल ये सन 1919 की बात है, जी हां आपको जान कर हैरानी होगी कि सन 1919 में फ्लू से लगभग चार करोड़ लोग मारे जा चुके थे। इन बुरे हालातो के चलते एक डॉक्टर कई किसानों से मिलने खुद उनके घर गया। दरअसल डॉक्टर उन किसानो के घर इस आशा के साथ गया था, ताकि वो इस महामारी का इलाज ढूंढ सके, साथ ही वो ये भी जानना चाहता था, कि वो कैसे किसानो की इस महामारी से बचने में सहायता कर सकता है। आपको बता दे कि उस समय बहुत सारे किसान फ्लू से ग्रसित थे और मारे जा चुके थे। इसी दौरान वो डॉक्टर एक ऐसे किसान के सम्पर्क में आया जो इस भयंकर महामारी के चलते भी बिलकुल स्वस्थ था। केवल वही नहीं, बल्कि उस किसान का पूरा परिवार भी एकदम स्वस्थ था।

ऐसे में उस डॉक्टर को ये जानने की जिज्ञासा हुई, कि आखिर उस किसान ने सारे गांव से हट कर ऐसा क्या किया, जो वो और उसका परिवार इस महामारी में भी स्वस्थ है। फिर उस किसान की पत्नी ने बताया कि उसने अपने मकान के दोनों कमरों में एक प्लेट में बिना छिली हुई प्याज रख दी थी। इसके बाद जब डॉक्टर ने प्लेट में रखी इन प्याज में से एक को माइक्रोस्कोप से देखा तो उन्हें उस प्याज में घातक फ्लू के बैक्टीरिया मिले। जो यक़ीनन इन प्याज द्वारा अवशोषित कर लिए गए थे और शायद यही कारण था, कि पूरे गांव में महामारी होने के बावजूद भी यह परिवार बिलकुल स्वस्थ था। दरअसल फ्लू के वायरस इन प्याज द्वारा सोख लिए गए थे।

आपके लिए ये जानना बेहद जरुरी है, कि पहले काट कर रखी गयी प्याज विष के समान होती है। इसके इलावा जब कभी अस्पताल में कोई फ़ूड पोइसिनिंग का केस आता है, तो सबसे पहले मरीज से ये पूछा जाता है, कि उसने आखिरी बार प्याज कब खायी थी और वह प्याज कहा से आयी थी। ऐसे में इस बीमारी के लिए या तो प्याज दोषी होते है या फिर काफी समय पहले काटे गए आलू भी दोषी होते है। आपको बता दे कि प्याज बैक्टीरिया के लिए चुंबक की तरह काम करती है। खास करके कच्ची प्याज खतरनाक होती है। इसलिए आप गलती से भी कटी हुई प्याज को ज्यादा देर तक रखने की गलती न करे।

इसके इलावा इसे बंद थैली या फ्रिज में भी ज्यादा देर तक रखना सुरक्षित नहीं है। इसके साथ ही इस बात का ध्यान रखे कि एक दिन पहले काटी गयी प्याज को अगले दिन इस्तेमाल न करे, क्यूकि ये खतरनाक हो सकता है। आपको शायद मालूम न हो, कि कटी हुई प्याज एक रात में विषैली हो जाती है। वो इसलिए क्यूकि ये टॉक्सिक बैक्टीरिया बनाती है। जो कभी भी आपका पेट खराब कर सकती है। इसलिए हमेशा अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखे और प्याज का इस्तेमाल सम्भल कर करे।

5 जगहों पर भूलकर भी न बनाएं संबंध, वरना ‘महापाप’ के भागी बनेंगे आप!

इन 5 जगहों पर भूलकर भी न बनाएं शारीरिक संबंध, वरना ‘महापाप’ के भागी बनेंगे आप! Never Get Intimate on these places.

विवाह के बाद शारीरिक संबंध को हर धर्म में मान्‍यता दी गई है, लेकिन विवाह पूर्व शारीरिक संबंध को हर धर्म में महापाप भी माना गया है। लेकिन आजकल के बदलते परिवेश में सबकुछ बदल गया है। नई पीढ़ी के युवाओं के लिए ये सब बेकार की बातें हैं। लड़के – लड़कियां शादी से पहले साथ रहते हैं और शारीरिक संबंधों से भी उन्हें कोई गुरेज नहीं है। लेकिन, यहां एक बात आपके लिए जाननी जरूरी है कि कुछ ऐसी भी जगहें होती हैं, जहां शारीरिक संबंध बनाना महापाप माना जाता है।

पवित्र नदी के पास :
शास्त्रों के मुताबिक कहीं भी और किसी भी पवित्र नदी के आसपास शारीरिक संबंध नहीं बनाना चाहिए। शास्त्रों में ऐसे संबंध को युद्ध का आमंत्रण माना जाता है। इतिहास में इस बात का प्रमाण मिलता है। जब ऋषि पराशर एवं सत्यवती के रिश्ते की वजह से ही महाभारत की शुरुआत हुई थी।

अग्नि के पास :
भूलकर भी ऐसी जगह पर जहां आसपास अग्नि प्रज्वलित हो शारीरिक संबंध ना बनाएं। अग्नि को हिन्दू धर्म में ‘देवता’ माना गया है, इसलिए अग्नि के पास बनाए गये संबंध को अपवित्र और महापाप माना गया है।

बीमार व्यक्ति के आसपास :
यदि आपके घर में या एक ही छत के नीच कोई ऐसा व्यक्ति हो जो काफी बीमार है और मृत्यु की कगार पर है, तो ऐसी जगह पर शारीरिक संबंध नहीं बनाना चाहिए।

यदि पास हो कोई ब्राह्मण या ऋषि-मुनि :
यदि आपके घर के आसपास कोई ब्राह्मण हो या ऋषि-मुनि या फिर कोई ऐसा महान पुरुष जिसे लोग अपना आदर्श मानते हों, ऐसी जगहों पर शारीरिक संबंध न बनायें। ये उनका अपमान होगा और आप महापाप के भागी बनेंगे।

मंदिर परिसर और नवजात की उपस्थिति में :
शास्त्रों के मुताबिक नवजात की उपस्थिति में शारीरिक संबंध बनाना महापाप है। पति-पत्नी को भी इससे बचना चाहिए। यह तो सभी को ज्ञात है कि मंदिर परिसर में शारीरिक संबंध बनाना वर्जित माना गया है। यह महापाप है।

केवल एक कप और आपकी दोनों किडनियां और शारीर विषाक्त पदार्थो से मुक्त

इंसानी शरीर का विषाक्त पदार्थो से मुक्त होना बहुत जरूरी है अन्यथा यह हमारे शरीर को नुकसान पहुंचा सकते है बहुत से प्राकृतिक तरीकों से शरीर को विषैले तत्वों से मुक्त किया जा सकता है इस लेख में हम आपको बतायंगे की शरीर को टोक्सिन मुक्त करने का सही और प्राकृतिक तरीका क्या है इस औषधि इस्तेमाल के बाद आप इससे मिलने वाले नतीजे से दंग रह जायंगे इस विधि से आपका शरीर टोक्सिन मुक्त हो जाएगा और आपका शरीर पूरा दिन ऊर्जा से भरा रहेगा

औषधि तैयार करने की सामग्री
  1. 1. गिलास पानी
  2. 2. 4 सेब
  3. 3. 1 ताज अदरक (3 चम्मच के बराबर पिसा हुआ )
  4. 4. 1 नींबू
  5. यदि संभव हो तो यह सामग्री आर्गेनिक ही उपयोग की जाये
औषधि तैयार करने की विधि
नींबू का छिलका उतारकर सेब ,नींबू अदरक और पानी को एक साथ जूसर में डालकर रस निकाल ले सुबह इसका खली पेट सेवन करें आप महसूस करेंगे कैसे विषैले तत्व आपके शरीर से बाहर निकल रहे है और अपनी सेहत में आपको सुधार नजर आएगा आप पहले से ज्यादा ऊर्जा से भरे महसूस करेंगे

इन दो राशियों की जोड़ी होती है बहुत LUCKY, कभी नहीं होते जुदा

इस बात को जांचने के लिए लोग कई तरह के तरीके अपनाते हैं। वहीं कई लोगों का मानना है कि प्‍यार को मापने के लिए राशि चक्र सबसे बेहतर तरीका है। राशियों के आधार पर मनुष्‍य का व्‍यवहार, भविष्‍य और उसके प्‍यार करने के तरीके के बारे में ज्ञात किया जा सकता है। राशि से आप पता लगा सकते हैं कि आपका पार्टनर आपको प्‍यार करता रहेगा या नहीं।

आज हम आपको राशियों के दो ऐसे मेल के बारे में बताएंगें जिनके बीच प्‍यार कभी कम नहीं होता है।
तो चलिए जानते हैं राशियों के कपल्स कभी नहीं होते अलग – प्‍यार में मामले में ऐसे दो सबसे मजबूत मेल के बारे में।


राशियों के कपल्स कभी नहीं होते अलग –

कन्‍या और कुंभ राशि
इन दो राशियों के लोग एक दूसरे से बिलकुल अलग होते हैं। इनका व्‍यवहार और स्‍वभाव एक दूसरे के बिलकुल विपरीत होता है। कन्‍या राशि के लोग अपने साथी से ये उम्‍मीद रखते हैं कि वे उन्‍हें उनसे दोगुना प्‍यार करें और उनकी हर उम्‍मीद पर खरे उतरे हैं। वहीं कुंभ राशि के लोग अपनी बातों को सिर्फ अपने तक ही रखना पसंद करते हैं। ये लोग अपनी निजी बातें किसी दूसरे से शेयर करना बिलकुल पसंद नहीं करते। कुंभ राशि के लोग एकदम परफैक्‍ट पार्टनर साबित होते हैं। स्‍वभाव में एक दूसरे के विपरीत होने के बावजूद इनका प्‍यार बरकरार रहता है।

सिंह और तुला राशि
सिंह राशि के लोग बहुत अभिमानी और प्रयास करते रहने वाले होते हैं। ये लोग कभी हार नहीं मानते हैं। वहीं तुला राशि के लोग खुद को सबसे अलग मानते हैं। तुला राशि वालों का पार्टनर अगर सिंह राशि का है तो इससे उनको अच्‍दा दोस्‍त और रक्षक मिलेगा। सिंह राशि के लोगों के साथ तुला राशि वाले अपनी जरूरतों को भूलकर पूरा प्‍यार और सहयोग देते हैं। इन दो राशियों का मेल परफैक्‍ट होता है।

ये दो राशियों के कपल्स कभी नहीं होते अलग – ज्‍योतिषशास्‍त्र के अनुसार इन दो राशियों का मेल बिलकुल सही रहता है। ये एक दूसरे से कदम से कदम मिलाकर चलते हैं।

हाथ मे थोड़ा सा गंगा जल लेकर ये एक मंत्र बोलें, और देखें चमत्कार, लेकिन मिसयूज न करें

पतित पावनी गंगा का भारतीय संस्कृति में अहम स्थान है। इसके जल में खास गुण होते हैं, तभी तो सनातन धर्मी इसे देव नदी (देवताओं की नदी) कहकर भी पुकारते हैं। माना जाता है कि गंगा का जन्म भगवान विष्णु के चरणों से हुआ है और ये भगवान शिव की जटाओं में वास करती हैं। कल 4 जून रविवार को श्री गंगा दशहरा अथवा श्री गंगा दशमी का पर्व है।

दस दिनों से चला आ रहा श्री गंगा व्रत-स्नान दशहरा समाप्त हो जाएगा। इस शुभ अवसर पर आप गंगा जल की चमत्कारी शक्तियों से जुड़े कुछ खास उपाय करके देख सकते हैं, कैसे आपके जीवन में भी होने लगेंगे चमत्कार।


ज्योतिष के जानकार कहते हैं की हर रोज गंगा जल पीने से व्यक्ति निरोग रहते हुए लंबी उम्र भोगता है। ये सालों तक खराब नहीं होता। अत: इसे घर में लंबे समय तक सहज कर रखा जा सकता है। शास्त्र कहते हैं, गंगाजल को हमेशा घर पर रखने से सुख और संपदा बनी रहती है।

पारिवारिक सदस्यों में क्लेश रहता है तो प्रतिदिन सुबह सारे घर में गंगा जल का छिड़काव करें। इस उपाय से घर की नकारात्मकता का नाश होता है और सकारात्मकता का माहौल बनता है। वास्तु दोष का प्रभाव भी खत्म हो जाता है।

लक्ष्मी नारायण की कृपा पाने के लिए दक्षिणवर्ती शंख में गंगा जल भरकर श्री विष्णु का अभिषेक करें।

सोमवार को शिवलिंग पर गंगा जल चढ़ाएं। जीवन से सभी विकार नष्ट हो जाएंगे।

डरावने सपने आते हैं तो रात को सोने से पूर्व बिस्तर पर गंगा जल का छिड़काव करें।

आयुर्वेद के इन आठ नियमों के पालन से जीवन में कभी नहीं आता बुढ़ापा

आयुर्वेद में भोजन और दैनिक जीवन में खान-पान को लेकर बहुत से ऐसे नियम है, अगर हम उनको अपने जीवन में उपयोग करे तो कभी भी बुढ़ापा आप के जीवन में नहीं आएगा, और शरीर भी स्वस्थ रहेगा।

आज के इस भाग दौड़ भरे जीवन में इंसान स्वास्थ्य और भोजन के प्रति ज्यादा जागरूक नहीं है। अगर हम आयुर्वेद द्वारा बताए गए कुछ नियमो का पालन करें तो जीवन में कभी भी बुढ़ापे का सामना नहीं करना पड़ेगा।
  1.     अक्सर यह देखा गया है कि, आजकल खाने के तुरंत बाद फ्रिज का ठंडा पानी या शीतल पेय पीने का प्रचलन है। भोजन के तुरंत बाद पानी या शीतल पेय पीना पेट की कई बीमारियों को जन्म देता है। इससे जाठराग्नि शांत हो जाती है और आहार का पाचन ठीक से नहीं होता हैं। ठंडा पानी पीने की जगह आप खाना खाते समय थोड़ा-थोड़ा साधारण तापमान का पानी ले सकते हैं। खाना खाते समय हल्का गुनगुना पानी पीना सेहत के लिहाज से सबसे बेहतर हैं।
  2.     इसी प्रकार से कुछ लोगों को खाना खाने के तुरंत बाद चाय अथवा कॉफी पीने की आदत होती हैं। भोजन के बाद चाय कॉफी पीने सेे पेट में एसिडिटी बढ़ती है और खाना हजम होने में दिक्कत आती है।
  3.     साथ ही यह भी याद रखें की भोजन करने के तुरंत बाद कोई भी फल नहीं खाना चाहिए। ऐसा करने से एसिडिटी बढ़ जाती है और गैस की शिकायत हो सकती हैं।
  4.     सबसे मुख्य बात और सबसे अधिक खतरनाक यह आदत है की भोजन करने के बाद धूम्रपान करना। अगर आप खाना खाने के बाद धूम्रपान करते हैं तो यह एक सिगरेट का असर दस गुना बढ़ जाता है। साथ ही कैंसर होने का खतरा भी 50 फीसदी से अधिक हो जाता है।
  5.     कुछ लोगों को खाना खाने के बाद नहाने की आदत होती हैं। खाने के तुरंत बाद नहाने के कारण रक्त का प्रवाह पेट की जगह हात और पैर की तरफ अधिक बढ़ जाता हैं। इस कारण पाचन शक्ति कमजोर हो जाती हैं।
  6.     चिकनाई वाले खाद्य पदार्थ, तले खाद्य पदार्थ, मक्खन, मेवा तथा मिठाई खाने के तुरंत बाद पानी पीने से खांसी हो जाने की संभावना होती है जबकि गरम खाना, खीरा, ककड़ी तरबूज, खरबूजा, मूली व मकई खाने के तुरंत बाद पानी पीने से जुकाम हो जाने की संभावना होती है।
  7.     भोजन करने के तुरंत बाद सोना नहीं चाहिए। खाने के बाद तुरंत सोने से खाना ऊपर की और आने से एसिडिटी बढ़ती हैं और पाचन ठीक से नहीं होता हैं।
  8.     दोपहर को खाना खाने के बाद भी 20 मिनट के लिए बाईं और लेट सकते हैं और अगर शरीर मे आलस्य ज्यादा है तो भी आधे घंटे से ज्यादा न सोएं। वहीं रात को खाना खाने के बाद बाहर सैर करने जाएं (कम से कम 500 कदम ) और रात को खाना खाने के कम से कम 2 घंटे बाद ही सोएं।
  9. srirajivdixit.com/ayurved-ke-in-8-niymon-ke-palan-se-jeevan-me-kbhi-nhi-aayega-bhudapa/

अगर घर में आ रही है कंगाली तो घर से तुरंत हटा दे यह 6 चीजेंं

दुनिया में आधे से ज्‍यादा लोग हर दिन अमीर बनने का सपना देखते हैं कोई गरीब में जीवन बिताना नहीं चाहता है। हर व्यक्ति को आज के समय में सुख सुविधा पाने की तमन्‍ना रहती है यही कारण है कि गरीबी का नाम सुनते ही व्‍यक्ति का रूह कांप जाता है। पहले तो इंसान पैसा सिर्फ अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए ही कमाना चाहता था लेकिन अब ऐसा नहीं है इस युग में पैसा न केवल हमारी जरूरत पूरी करता है बल्कि पैसा व्यक्ति को समाज की नजरों में ऊपर उठाता है।

पैसे से ही समाज में तभी मान सम्‍मान मिलता है यही कारण है कि व्यक्ति धन की प्राप्ति के लिए जी तोड़ मेहनत करता है वह उसके लिए रात दिन एक कर देता है लेकिन फिर भी आपेक्षित फल प्राप्त नहीं मिलता है। क्या आपने कभी इसके बारे में सोचा है की आखिर ऐसा क्यों होता है? शास्‍त्रों में बताया गया है कि आपके घर में कुछ चीजें रखी गई है तो वो आपके यहां धन के आगमन में रुकावट बनती है तथा आपका खर्च बढाती है। इसलिए आप चाहते हैं कि आपके यहां भी धन का आगमन हो तो आप अपने घर से इन चीजों को तुरंत हटा दें।

1. कबूतर का घोसला: शास्त्रों के अनुसार कबूतर का घर में घोसला बनाना आर्थिक स्थिति के लिए सही नहीं माना जाता है। यही कारण है कि घर में आर्थिक समस्याएं पैदा होती है इसलिए अगर आपके घर में कहीं भी कबूतर का घोसला हो तो उसे तुरंत हटा दें।

2. मधुमक्खी का छत्ता: मधुमक्खी का छत्ता घर में होना जितना ही खतरनाक होता है उतना ही ये आपके घर के लिए दुर्भाग्य और दरिद्रता लाता है इसलिए अगर आपके घर में मधुमक्खियों का छत्ता हो तो, उसे तुरंत हटवा दें।
अगर घर में आ रही है कंगाली तो घर से तुरंत हटा दे यह 7 चीजेंं

3. मकड़ी के जाले: घर में यदि मकड़ी का जाल है और आपका भाग्य आपका साथ नहीं दे रहा है तो साफ है कि आपके घर को नकारात्मक शक्तियों ने घेर रखा है। ऐसे में यदि आपको अपने घर में कही भी मकड़ी का जाल दिखाई दे, तो उसे तुरंत हटा दे।

4. टूटा हुआ शीशा: वास्तुशास्त्र के अनुसार घर में टूटे हुए शीशे को गरीबी के प्रतीक के रूप में माना जाता है. दरअसल घर में टूटा हुआ शीशा नकारात्मक ऊर्जा को अपनी तरफ आकर्षित करता है. इसके साथ ही यह आर्थिक स्थिति को भी बिगाड़ता है. इसलिए यदि घर में टूटा हुआ शीशा रखा हो तो उसे तुरंत हटा दे या फेंक दे

ये उपाय आपको बुढ़ापे तक चश्मा नही लगने देगा, आँखो की सूजन से लेकर जलन, कम दिखाई देने तक में भी कारगर

इस आधुनिकीकरण के दौर में जैसे-जैसे स्मार्टफोन, टीवी, कम्प्यूटर और कई चीजों का वर्चस्व बढ़ता जा रहा है, वैसे-वैसे लोगो की आंखो पर चश्मा भी चढ़ता जा रहा है। कई बार सारा दिन आॅफिस में कम्‍प्‍यूटर स्‍क्रीन के सामने बैठने और फिर घर आकर टीवी या फोन में लगे रहने से आंखो को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचता है।

और आजकल यह परेशानी सबसे ज्यादा 8 से 16 साल के बच्चों में देखने को मिल रही है स्मार्टफोन, गेम्स, टीवी पर लगे रहने के कारण बच्चों में तेजी से चश्मा चढने लगा है। ऐसे में हर कोई चाहता है कि किसी भी तरह से आंखो से यह चश्मा हट जाए और आपको खूबसूरत चेहरा और आंखे वापस पहले जैसी हो जाएं। तो आज हम आपको कुछ ऐसे ही टिप्स बताने जा रहें है जिन्हें अपनाने से आपकी भी सुंदर आंखो पर चश्मा नही चढ़ेगा। कौन-कौन से घरेलू उपाय करें –

गुलाब जल
अपनी आंखो से चश्में को हटाने के लिए आप अपने घर पर ही घरेलू नुस्खें भी अजमा सकते है। जैसे एक चने के दाने के बराबर फिटकरी को सेंक लें और उसमें सौ ग्राम गुलाब जल डालें और रोज रात को सोते समय उस गुलाब जल को अपनी आंखों में अवश्य डालकर सोएं। ऐसा करने से आपकी आंखो में ज्यादा खुलापन रहेगा और आंखों की जलन कम होने के साथ आंखों में जमा सभी कचरा भी बाहर निकल जाएगा।

ठन्डे पानी के छीटे
कई बार ज्यादा टीवी देखने, मोबाइल और कम्प्यूटर पर ज्यादा काम करते रहने से आंखो में जलन, कम दिखना और आंखो में जालें बनने जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में अगर आप इन परेशानियों से बचना चाहते है तो आप अपने मुंह में पानी भरकर अपनी आंखों पर पानी की छींटे मारिए। ऐसा आपको दिन में करीब 25 से 50 बार कर सकते है। जिससे आपकी आंखो की ये परेशानी खत्म हो जाएगी। और इसके बाद डॉक्‍टर से चेकअप कराना बिल्‍कुल मत भूलें।

खीरे का रस
आंखों को फ्रेश रखने के लिए और उन्हें ठंडक देने के लिए आप अपनी आंखो को चश्में से बचा सकती है। इसके लिए आपको खीरें के रस की आवश्यकता होगी। खीरे के रस में रूई को भिगोकर उसे रात भर के लिए फ्रिज में रख दे। और दोपहर को सोते समय या आराम करते समय अपनी आंखों पर रख कर आराम करें ऐसा आप करीब 1 घंटे तक करें। इससे आंखो को आराम मिलेगा और आंखो की रोशनी भी बढ़ेगी। इसके साथ ही आप गुलाबजल से भीगे रुई के फोए को भी आंखों पर रख सकते है।

हरी पति वाली सब्ज़ी
हमेशा धूप में निकलने से पहले सन ग्‍लासेस का इस्‍तेमाल करना न भूलें। इससे आपकी आंखें तेज रोशनी से बची रहेगी। और खाने में विटामिन ए और सी भरपूर मात्रा में लें यानि खाने में हमेशा हरे पत्‍ते वाली सब्‍िजयां, टमाटर, चिकन और दूध से बनी चीजों का भरपूर इस्तेमाल करें। और एक बात का अवश्य ध्यान रखें कि हमेशा रात को सोते समय पैरों के तलवों पर सरसों के तेल की मालिश करके सोएं। ये आंखो की रोशनी को बढ़ाने में सबसे ज्यादा असर करती है।

टी बैग्स का इस्तेमाल
अगर आप सुबह आॅफिस जाने से पहले चाय में टी बैग का इस्तेमाल करते है तो आप अपनी चाय से टी-बैग्‍स को इस्तेमाल करने के बाद फैंके नहीं बल्कि उसे फ्रिज में रख दें। और फिर बापस शाम को घर आकर टी-बैग्‍स को निकालकर अपनी आंखो पर रखें। ऐसा करने से आपकी आंखो को आराम मिलेगा और सारें दिन की थकान और आंखो पर जमा सूजन में भी कमी आऐगी।

सिर्फ 1 मिनट तक रोजाना इस उंगली को दबाने से इन बड़े-बड़े 50 रोगों का सफाया होता है, जरूर अपनाएँ

हमारे हाथ हमें कई बीमारियों से लड़ने की ताकत देते हैं। ये हमें रोग से छुटकारा दिलवाने में सहायक सिद्ध हो सकते हैं। यही कारण है कि हमारे शास्त्र हमें हस्त मुद्राओं का ज्ञान देते हैं। पतंजलि योग सूत्र के अलावा भी कई ऐसे ग्रंथ हैं जिनमें हस्त मुद्राओं के बारे में जानकारी मिलती है। आइए जानते हैं आज योग शास्त्र में बताई गई एक ऐसी हस्त मुद्रा के बारे में जिसे करने पर आपको मिलेंगे ये अनोखे फायदे…

आयुर्वेद के अनुसार हमारे हाथ की पांचों अंगुलियाँ एक विशेष तत्व का प्रतिनिधित्व करती है। जो इस प्रकार है –अंगूठा – अग्नि तत्व तर्जनी अंगुली – वायु तत्व मध्यमा अंगुली – आकाश तत्व अनामिका अंगुली – पृथ्वी तत्व कनिष्ठा– जल तत्व। हथेली में शरीर के हर एक हिस्से के लिए कुछ खास प्रेशर पाइंट है। यदि उन्हें दबाया जाए तो चमत्कारिक फायदे हो सकते हैं। हस्त मुद्राओं के माध्यम से यही किया जाता है। जैसे यदि आप रोज तर्जनी यानी इंडैक्स फिंगर को कम से कम 2-3 बार 60 सेकंड के लिए मसलें।

इस जगह हल्का सा प्रेशर देने पर कब्ज से छुटकारा मिलता है। साथ ही पेट से जुड़ी कई बीमारियां भी बिना दवा के ही ठीक हो जाती हैं। अंगूठा और इंडैक्स फिंगर को यदि मिलाकर केवल मुद्रा भी बना ली जाए तो कब्ज, बवासीर, व पेशाब से जुड़े रोगों में लाभ होता है। साथ ही, बढ़े हुए वजन को कम करने में भी ये मुद्रा सहायक साबित होती है।
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