नसों में जकडन और Paralysis का उपचार ! इससे सस्ता और फायदेमंद कही नहीं मिलेगा

री माधव राव जी के गुरु (राजीव दीक्षित) के गुरु थे धर्मपाल जी जिनको पक्षाघात (Paralysis) हुआ था और उनकी सेवा करने का मौका माधव राव जी को मिला था । माधव राव जी के माताजी की मृत्यु पक्षाघात (Paralysis) से हुई थी जिसका बहुत दुःख उनको था। पर ऐसे बहुत माताजी और पिताजी जिनको पक्षाघात हुआ था उनकी सेवा करने का मौका उनको मिला।


नसों में जकडन और पक्षाघात या Paralysis में एक दावा का नाम है Rhustox और इसकी पोटेंसी है 30 । जिस दिन पक्षाघात आता है रोगी को 15 -15 मिनट पर तीन बार दो दो बूंद मुह में दे और इसी Rhustox 30 को लगातार करते हुए रोज सुबह, दोपहर, शाम ऐसे देते जाना एक महीने तक तो वो ठीक हो जायेगा कोई कोई रोगी तो 15-20 दिन में ठीक हो जाते है । इसमें एक और दावा है Causticum 1M , जिस दिन Rhustox 30 दिया दुसरे दिन Causticum 1M को दो दो बूंद तीन बार दे और Causticum 1M को Rhustox 30 के आधे घंटे बाद देना है ।

ये Rhustox 30 रोज की दवाई है पर Causticum 1M हफ्ते में एक दिन दो दो बूंद(तीन टाइम सुबह, दोपहर शाम) बार देनी चाहिए । ऐसे करके पक्षाघात के रोगी को दावा देंगे तो कोई एक महीने में ठीक हो जायेगा कोई 15-20 दिन में ठीक हो जायेगा किसी को 15 दिन लगेगा और ज्यादातर दो महिना से जादा नही लगेगा ठीक होने में । अगर किसी को Paralysis आने के 15 या एक महीने बाद से दावा दिया जाये तो वो रोगी तीन महीने में ठीक हो जाते है, तीन महिने से ज्यादा समय नही लगता ।

रोगी को चाय कोफ़ी जैसी गलत नशा छोड़ना होगा और शाकाहारी भोजन करना होगा । माधव भाई ने हजारो लोगों का चिकित्सा किया और आप को ये दावा 10 से 20 रूपए में मिल जाएगी । रोगी को ठीक करने में दावा का खर्च 50 रूपए से ज्यादा खर्च नही होगा । और देश में सभी रोगीयों को इस दवा अनुभव हो ऐसा माधव भाई चाहते है ।

आपकी पत्नी गर्भवती नहीं हो रही हो तो क्या करें? | What to do if your wife is not getting pregnant

संतान प्राप्ति
संतान प्राप्ति के लिए पुरुषों का भी महिला जितना ही योगदान होता है। इसके लिए अनको भी कई सारे प्रयास करने की ज़रूरत होती है। प्रेगनेंट होना वैसे तो बहुत आसान होता है, लेकिन कई कपल्स कमजोर या कम स्पर्म काउंट होने के कारण कंसीव नहीं कर पाते। ऐसे में प्रकृति के अलावा आपको भी अपने पार्टनर के साथ मिलकर कुछ प्रयास करने की जरूरत होती है। आपकी दिनचर्या, खान-पान और आदतों का आपकी फर्टिलिटी पर बहुत प्रभाव पड़ता है। तो चलिए जानते हैं कि जब आपकी पत्नी गर्भवती नहीं हो रही हो तो ऐसे में क्या करें।

ओव्युलेशन में सेक्स
यदि आप कई बार के प्रयास के बाद भी संतान प्राप्ति में असफल हो रहे हैं तो, संभवतः आप अपनी पत्नि के साथ ठीक ओव्युलेशन के समय सेक्स नहीं कर रहे हैं। तो सबसे पहले तो आप दोनों ही ओव्युलेशन साइकिल का ध्यान रखें और सही समय पर सेक्स करें।

भावनात्मक समर्थन
सबसे ज़रूरी है मानसिक रूप से तैयार रहना। यदि आपकी पत्नि कंसीव नहीं कर पा रही हैं तो आप हर संभव तरह से उनका समर्थन करें और उने ये विश्वास दिलाएं आप दोनों भी जल्द संतान का सुख भोग पाएंगे, बस उसके लिए आपको सही तैयारी करनी होगी।

सीलिएक टेस्ट
यदि आपको गर्भवती होने में परेशानी हो रही है तो सीलिएक रोग के लिए एक बार अपना टेस्ट ज़रूर करा लें। यह एक साधारण रक्त परीक्षण होता है, जिसमें फार्म पर एक चेकबॉक्स होता है। इस टेस्ट से आपको कफी मदद मिल सकती है।

क्या कहते हैं आंकड़े
एक अनुमान के मुताबिक भारत में लगभग 15 प्रतिशत दम्पति संतानहीन हैं। और जिसमें पुरुष भी बड़ी संख्या में इस समस्या का कारण है। संतानहीनता के लिए इस 15 प्रतिशत आधे अर्थात साढ़े सात प्रतिशत बांझपन के लिए मर्द ही उत्तरदाई हैं। इसलिए उनका इसके प्रति सचेत रहना बेहद ज़रूरी है।

नशे से रहें दूर
पिता बनने में समस्या आ रही है तो सबसे पहले धूम्रपान छोड़े। स्मोकिंग करने से अस्थानिक गर्भधारण का ख़तरा बढ़ता है और प्रजनन क्षमता
भी कम हो जाती है। अगर बिना परेशानियों के कंसीव करना हो, तो आपको लगभग 1 साल पहले स्मोनकिंग छोड़ देनी चाहिए। यही नहीं शराब, पान मसाला, गुटका, खैनी, नशीली दवा का सेवन करना भी बांझपन पैदा कर सकता है।

फर्टिलिटी फूड
कुछ खाघ पदार्थ आपकी प्रजनन छमता को बढा सकते हैं जैसे ओमेगा 3 फैटी एसिड और डेयरी प्रोडक्ट्सब। इसके अलावा लहसुन, अनार, केला, पालक, मिर्च, टमाटर, तरबूज, विटामिन सी युक्त फल तथा सेब, काजू, चाकलेट आदि का सेवन करें। पोषण विज्ञानियों के अनुसार विटामिन ए बहुल खाद्य (गाज़र, दूध, चीज़, अंडा), विटामिन सी युक्त खाद्य (संतरे, स्ट्राबेरीज़, ब्रोक्कोली) तथा विटामिन ई (मूंगफली, पालक, बादाम, चीनिया/पहाड़ी बादाम, पिंघल फल) शुक्र के स्वास्थ्य को आदर्श बनाते हैं।

स्पर्म काउंट
आपके लिए अपनी प्रजनन क्षमता को बढाना जितना जरुरी है, उससे भी जरुरी है आपके पार्टनर का स्पर्म काउंट और उसकी गुणवत्ता को बेहतर बनाना। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानक निर्देशों के अनुसार दो मिलीलीटर सिमेन वोल्यूम में स्पर्म की तादाद (स्पर्म काउंट) दो करोड़ (20 मिलियन) होनी चाहिए।

तनाव मुक्त रहें
स्वस्थ गर्भधारण के लिए आप दोनो के लिए ही तनाव मुक्त रहना बेहद ज़रूरी है। स्ट्रेकस लेने से भी प्रजनन समस्या पैदा होती है। इसको ठीक करने के लिये योगा करें और नियमित एक्सरसाइज कीजिये। सबसे ज़रूरी है आपका एक्टिीव बनना, आप जितना एक्टिव रहेंगे आपके लिए पिता बनने के मौके उतने ही बढ़ेंगे।

सीरम अनेलेसिस टेस्ट करवाएं
समय-समय पर रोग नैदानिक जांच केन्द्रों पर या फिर निजी लेब्स में सीरम अनेलेसिस टेस्ट करवाएं और अपने शुक्राणुओं की सेहत का हाल जानते रहें। ऐसा करने से आपको पता रहता है कि कहीं कोई कमज़ोरी तो नहीं है।

इन बातों का ध्यान रखें
यदि आप गर्म माहौल में काम करते हैं तब आपका स्पर्म काउंट गिर सकता है। देर तक "सौना बाथ" लेना, स्टीम बाथ लेना, 40 सेल्सियस तापमान वाले वाटर टब में आधा घंटा से ज्यादा समय बिताना भी स्पर्म काउंट को कम कर देता है. लैपटॉप गोद में रखके काम करना दूसरी वजह है इसमें कमी दर्ज़ होने की।

वीर्य बहुत कम और पतला है ? तो सिर्फ यह 2 उपाय करे।

वीर्य बहुत कम और पतला है ? तो सिर्फ यह 2 उपाय करे।

1. सुबह सुबह खाली पेट आंवला और एलोवीरा का रस पीजिये 10-10 मिली एक गिलास पानी के साथ ।
2. नाश्ते के बाद शुद्ध शिलाजीत सत्व एक बूंद दूध से लीजिये ।
3. एक चम्मच असली बादाम पाक कागजी बादाम से बना हुआ लें इससे वीर्य बहुत गाढा हो जाता है।
4. दोपहर को खाने के बाद शुद्ध कौंच पाक एक चम्मच लें।
5. शाम को अशवगंधा चूर्ण एक चम्मच दूध से लें ।
6. वीर्य वर्धक वटी 2 गोली जल के साथ ले।
7. शाम को शुक्र संवर्धन वटी एक गोली लें।
8. काम चूणामणि रस एक गोली लें ।
9. शतावर चूर्ण एक चम्म्च लें ।
10. रात को सोने से पहले सर्वकल्प चूर्ण गर्म पानी से लें ।

जानिए कैसे बनाया जाता है चांदी वर्क ! तत्काल छोड़ दें चांदी का वर्क खाना।

चांदी का वर्क लगी मिठाई आप जरूर खरीदते होंगे क्योंकि चांदी का वर्क लगी मिठाइयां देखने में सुंदर लगती हैं। किसी भी शुभ कार्य में चांदी के वर्क लगी मिठाई, चांदी का वर्क लगा पान आदि जरूर लाया जाता है और लोग इसे शाकाहारी मानते हैं। ऐसा इसलिए भी है क्योंकि चांदी का वर्क मिठाइयों को सुंदर बना देता है और हम सब बहुत चांव से खाते हैं। ऐसा इसलिए है कि हमें चांदी के वर्क के बारे में जानकारी ही नहीं होती कि यह क्या है और कैसे बनाया जाता है। चांदी का वर्क कैसे तैयार किया जाता है, यदि आप जान जाएंगे तो मेरा विश्वास है कि आप चांदी का वर्क लगी मिठाइयां खाना छोड़ देंगे।

आपको बताते हैं कि चांदी का वर्क कैसे तैयार किया जाता है। हांलाकि चांदी का वर्क वास्तव में शुद्ध चांदी का होता ही नहीं है बल्कि एल्मीनियम जैसी किसी चमकीली धातु से बनाया जाता है। चांदी का वर्क बनाने के लिए  गाय को मारा जाता है और उसके पेट से आंत निकालकर उसके अंदर चमकीली चांदी जैसी धातु का टुकड़ा परत-दर-परत आंत में लपेट कर रखा जाता है, कि उसका खोल बन जाए।

उसके बाद लकड़ी के हथौड़े से जोर-जोर से पीटा जाता है, जिससे आंत फैल जाती है और और आंत के साथ धातु का टुकड़ा वर्क के रूप में पतला होता चला जाता है। चांदी का वर्क गाय की अांत में ही बनाया जाता है क्योंकि उसकी आंत पीटने पर फटती नहीं है। चांदी के वर्क बनाने के लिए हर वर्ष 116000 गायों की हत्या की जाती है। बाबा रामदेव ने तो चांदी के वर्क पर प्रतिबंध लगाये जाने की मांग की है। चांदी के वर्क के बारे में लखनऊ के  इंडियन इंस्टीटय़ूट आफ टाक्सकोलॉजी रिसर्च (आईआईटीआर) के अध्यनन के मुताबिक बाजार में उपलब्ध चांदी के वर्क में निकल, लेड, क्रोमियम और कैडमियम बहुतायत मात्रा में पाया जाता है। इसको खाने से कैंसर जैसे घातक रोग हो सकता है।


इसी तरह शिमला के इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के मेडिसन विभाग के प्रोफेसर डा. राजेश कश्यप ने बताया कि धातु चाहे किसी भी रूप में हो, सेहत के लिए नुकसानदेय है। इसके सेवन से ज्यादा नुकसान लिवर, किडनी और गले को होता है। पुणो स्थित एनजीओ ब्यूटी बिदाउट क्रुएलिटी (बीडब्ल्यूसी) के मुताबिक एक किलोचांदी का वर्क बनाने के लिए लगभग 12500 गायों की आंतों चाहिए होती हैं। एक अनुमान के मुताबिक देश में सालाना लगभग 30 टन चांदी के वर्क की खपत होती है। इसे बनाने का काम मुख्य रूप से कानपुर, जयपुर, अहमदाबाद, सूरत, इंदौर, रतलाम, पटना, भागलपुर, वाराणसी, गया, मुम्बई आदि में होता है।

इस जानकारी के बाद हम सभी लोग पण्रकरें कि चांदी के वर्क लगी मिठाई न हम खाएंगे और न ही चांदी वर्क लगी मिठाई अपने किसी मित्र या सगे-संबंधी को खाने को देंगे और इसके बारे में मित्र/संबंधी को अवगत कराएंगे, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग चांदी के वर्क के बारे में जागरूक हो जाएं। गौहत्या को रोकने के लिए हम एकीकृत छोटे-छोटे प्रयास स्वयं शुरू करें। मिठाई बनाने वालों से भी अनुरोध है कि आप भी चांदी के वर्क का प्रयोग न करें और इस आंदोलन की शुरूआत आज से ही करें। आपके जरा से प्रयास और जागरूकता से आप पुण्य के भागी बनेंगे और बेजुवान गायों को जीने का मौका देंगे।

23 जनवरी को करें ये काम, तिल से लेकर ताड़ तक सभी परेशानियों का होगा हल एकसाथ

माघ मास के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली एकादशी को षटतिला नाम से जाना जाता है। 23 जनवरी सोमवार को षटतिला एकादशी है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। श्री हरि को प्रसन्न करने का सरलतम माध्यम है षटतिला एकादशी पर तिल अथवा उससे बनी चीजों का दान, इससे पापों का नाश होता है।
 
 इस दिन काले तिलों के दान का विशेष महत्व है। शरीर पर तिल के तेल की मालिश, तिल जल स्नान, तिल जलपान तथा तिल पकवान का सेवन करने पर घोर से घोर पाप का नाश होता है। शास्त्रों में भी कहा गया है-

तिलस्नायी तिलोद्वार्ती तिलहोमी तिलोद्की।
तिलभुक् तिलदाता च षट्तिला: पापनाशना:।।
अर्थात- तिल का उबटन लगाकर, जल में तिल मिलाकर स्नान करना, तिल से हवन करना, पानी में तिल को मिलाकर पीना, तिल से बने पदार्थों का भोजन करना और तिल अथवा तिल से बनी चीजों का दान करने से सभी पापों का नाश होता है।

भगवान विष्णु जी के प्रिय भक्तों को सदा ही एकादशी व्रत का पालन सच्चे भाव से करना चाहिए। इस व्रत में बिना मांगे ही भक्त को सभी सुखों की प्राप्ति होती है । वैसे तो प्रत्येक एकादशी पर दीपदान करने का महात्मय है परंतु एकादशी व्रत में दीपदान करने तथा रात्रि संकीर्तन से बड़ा कोई कर्म नहीं है। एकादशी को केवल श्री हरि विष्णु का भजन-र्कीतन ही करना चाहिए। एकादशी का फल भी शास्त्रों में बहुत ही ऊंचा बताया गया है।

पीपल के पेड़ को शास्त्रों में अश्वत्थ कहा गया है और इसे श्री हरि विष्णु का स्वरूप माना जाता है। जब पिप्पलाद मुनि ने पीपल के पेड़ के नीचे तपस्या करके शनि देव को प्रसन्न किया तत्पश्चात इस पेड़ का नाम पीपल पड़ा। आज शाम पीपल के पेड़ पर तिल के तेल का दीपक जलाएं और ‘ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का पेड़ के नीचे ही बैठ कर 108 बार जाप करें। षटतिला एकादशी पर पीपल के पेड़ की पूजा करने से पति की उम्र लम्बी होती है और उन पर आने वाले कष्ट टलते हैं। कोर्ट कचहरी और मुकदमें में विजय प्राप्त होती है, धन से संबंधित परेशानियों से राहत मिलती है एवं व्यावसायिक परेशानियों से छुटकारा मिलता है।

जब डॉक्टर ने कहा कि आपको 90 % हार्ट ब्लॉकेज हैं।

अगर आपने बाई पास या एंजियोप्लास्टी करवा राखी हैं तब तो ये प्रयोग आपके लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। क्यों के एंजियोप्लास्टी करवाने के बाद स्टंट के आस पास अधिक मात्रा में कोलेस्ट्रोल जमना शुरू हो जाता हैं और थोड़े समय के बाद दोबारा एंजियोप्लास्टी करवानी पड़ती हैं।

नमस्कार मित्रो मेरा नाम मनोज तिवारी हैं। मेरे मित्र रवि सिंह जो के ayurvedhealing.com पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं उन्होंने मुझसे संपर्क किया और कहा के मैं अपना ये अनुभव आप लोगो के साथ शेयर करू जिस से सब लोगो का भला हो।

ये अनुभव मेरे पिता जी सुरेश सिंह जी का हैं। हम पंजाब के रहने वाले हैं, पिता जी भारतीय सेना से रिटायर्ड हैं। जिनकी आयु अभी 69 वर्ष की हैं।  आज से दो साल पहले तक उनको छाती में दर्द और श्वांस लेने में बहुत कठिनाई आती थी। पहले तो हमने इसको अधिक सीरियसली नहीं लिया। लेकिन एक दिन जब पिता जी सुबह सैर करने गए तो वहां उनको अत्यधिक तेज़ दर्द और श्वांस लेने में बहुत दिक्कत हुयी। समस्या बहुत बढ़ी हुयी लग रही थी। उस दिन उनको वहाँ से मैं खुद गाडी से ले के आया। फिर हम तुरंत दिल्ली हार्ट वालो के पास गए। उन्होंने टी एम टी करवाई जो के पॉजिटिव आई, कोलेस्ट्रोल टेस्ट करवाये वो भी बहुत बढे हुए मिले, इको कार्डिओ करवाई, जिसमे उनकी हृदय की एफिशिएंसी 38 % और ब्लॉकेज 90 % आई। जब डॉक्टर ने कहा के इनको 90 % हार्ट ब्लॉकेज हैं। तो पैरो ने नीचे से जैसे ही ज़मीन ही खिसक गयी। इसके बाद यही टेस्ट हमने दूसरे हॉस्पिटल (जिंदल हार्ट) में करवाये, वहां भी सब कुछ वही आया मगर हार्ट की एफिशिएंसी 42 % आई। तब उन्होंने कह दिया के तुरंत ऑपरेट करवा लीजिये, अन्यथा कभी भी, कुछ भी हो सकता हैं। मगर हमने बाई पास ना करवाने का फैसला लिया क्यों के जिन लोगो ने पहले से इसको करवाया हुआ हैं उनका हाल देख कर कभी लगा नहीं के ये बाई पास या एंजियोप्लास्टी करवाने के बाद वो लोग कभी अपनी पहले जैसे ज़िंदगी जी पाये। वो तो बस एक मुर्दे की भाँती ही जीते रहे।

डॉक्टर से थोड़े दिन की दवा ली, मगर डॉक्टर ने तुरंत ऑपरेशन के लिए ही अपनी राय दी, हम इसका कोई देसी इलाज ढूंढ रहे थे। तो एक मेरे मित्र हैं अबोहर पंजाब में, उनसे जब मैंने अपनी परेशानी शेयर की तो उन्होंने कहा के उनके परिवार में भी ये जेनेटिक समस्या हैं। और अभी वो पूरा परिवार कुछ घरेलु नुस्खे इस्तेमाल कर रहा हैं, और वही नुस्खे उसने मुझे भी अपनाने के लिए कहा। तो मैंने भी वही नुस्खे पिता जी के लिए शुरू किये।  डॉक्टर की बताई हुयी गोलिया लगातार खाते रहे। जिसमे दो गोलिया प्रमुख थी, एक थी मोनेट और दूसरी थी एस्प्रिन। इसके साथ हमने आयुर्वेद के दोनों घरेलु नुस्खे इस्तेमाल किये। जिनके उपयोग के बाद आज उनकी हार्ट ब्लॉकेज बिलकुल समाप्त हो गयी हैं। अभी कुछ दिन पहले उनको हर्निया की शिकायत हो गयी थी तो डॉक्टर ने इलाज से पहले ईको कार्डिओ के लिए कहा तो तब जांच करवाई तो उसमे हार्ट की एफिशिएंसी भी 62 % आई और ब्लॉकेज नाम की कोई चीज नहीं थी। और उन्होंने आज तक कोई कमज़ोरी महसूस नहीं की। पहले की तरह ही घर का काम भी करते हैं और अपने खेत भी संभालते हैं।  और ज़िंदगी का भरपूर आनंद उठा रहे हैं। अगर बाई पास या एंजियोप्लास्टी करवा लेते तो औरो की तरह आज भी वह सिर्फ एक मरीज ही होते।

अगर आपने बाई पास या एंजियोप्लास्टी करवा राखी हैं तब तो ये प्रयोग आपके लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। क्यों के एंजियोप्लास्टी करवाने के बाद स्टंट के आस पास अधिक मात्रा में कोलेस्ट्रोल जमना शुरू हो जाता हैं और थोड़े समय के बाद दोबारा एंजियोप्लास्टी करवानी पड़ती हैं।

तो मैं आज आपसे शेयर करना चाहता हूँ वो नुस्खे जिनसे वह सही हुए।

1. अर्जुन की छाल।
मेरे एक मित्र ने मुझे अर्जुन की छाल के बारे में बताया, मैंने भी इसके गुण जानकार इसको तुरंत अपनाने में ही अपनी भलाई समझी। अर्जुन का काढ़ा मैं नियमित पी रहा हूँ। आज भी पी रहा हूँ। सुबह शाम खाली पेट ३० – ३० मिली काढ़ा एक गिलास गुनगुने पानी में डाल कर पिए।
काढ़ा बनाने की विधि – 1 किलो अर्जुन की छाल को ५ किलो पानी में आधा रहने तक पकाये। बस आपका काढ़ा तैयार हैं। फिर इसको छान कर कांच की बोतल में रख लीजिये।
किसी मित्र ने ये भी सलाह दी अर्जुन के साथ दालचीनी भी डाल दी जाए तो उसका रिजल्ट बहुत जल्दी मिलता हैं। बहरहाल हमको बाद में पता चला तो हमने सिर्फ अर्जुन की छाल ही इस्तेमाल की।

2. राजीव दीक्षित जी वाला।

अदरक का रस, नीम्बू का रस, लहसुन का रस और एप्पल साइडर सिरका। इनको एक एक कप लेकर। चारों को मिला कर धीमीं आंच पर गरम करें जब 3 कप रह जाए तो उसे ठण्डा कर, इस मिश्रण में ३ कप शहद मिलाये । बस दवा तैयार हैं। रोज इस दवा के 3 चम्मच सुबह खाली पेट ली।

आज हार्ट के बाई पास में या एंजियोप्लास्टी में लाखो रुपैये खर्च हो जाते हैं। और बात पैसे की नहीं हैं। लाखो रुपैये खर्च कर के भी जब आराम ना आये तो बहुत दुःख होता हैं।  ऐसे में आप इन प्रयोग को निश्चिन्त हो कर उपयोग कर सकते हैं। इसके बाद मैंने ये प्रयोग अनेक रिश्तेदारो को बताया। जिसमे अनेक लोगो को फायदा हुआ। उच्च रक्तचाप वालो के लिए भी ये रामबाण से कम नहीं हैं। हृदय की कैसी भी समस्या हो इन प्रयोगो को निश्चिन्त हो कर कीजिये।

गुड़ और चने को साथ में खाने से होते है अनगिनत लाभ

घरेलू नुस्खे कम समय में शरीर को आराम पहुंचाते हैं और साथ ही यह सेहत को भी ठीक रखते हैं,हम सब सर्दियों में गुड खाते है, गुड़ और चना दोनों ही सेहत के लिए बहुत लाभदायक हैं, गुड़ और चना आयरन से भरपूर होता है और यही कारण है कि एनीमिया से बचने के लिए यह बेहद मददगार साबित होता है, गुड़ और चना न केवल आपको एनीमिया से बचाने का काम करते हैं, बल्कि आपके शरीर में उर्जा की पूर्ति भी करते हैंl

शरीर में आयरन अवशोषि‍त होने पर ऊर्जा का संचार होता है, जिससे थकान और कमजोरी महसूस नहीं होती हैं, हालांकि अत्यधिक मात्रा में भी इसका सेवन आपके भोजन की आदत को प्रभावित कर सकता है, इसलिए इसे नियमित रूप से और नियंत्रित मात्रा में खाना अधिक फायदेमंद रहता है l

भीगे हुए चने
25 ग्राम देशी काले चने लेकर अच्छी तरह साफ कर ले, मोटे पुष्ट चनो को चुनकर साफ करके, कीड़े या डंक लगे व टूटे चने निकाल कर फेंक दें, संध्या के समय 125 ग्राम जल में इन्हे भिगो दे, प्रात: शौचादि से निवृत्त होकर एवं व्यायाम के बाद चनो को अच्छी प्रकार चबाकर खाये और ऊपर से चनों का पानी वैसे ही अथवा उसमें एक-दो चम्मच शहद मिलाकर पी जाएॅ, दिखने में साधारण योग है, किन्तु शरीर को बल और शक्ति प्रदान करने में बहुत प्रभावशाली हैl

अंकुरित चने
अंकुरित चना खाना सबसे ज्यादा फायेदमंद है। अंकुरित चना धातु पौष्टिक, मासपेशियों को सुदृढ़ व शरीर को वज्र के सदृश बनाने वाला तथा प्राय: समस्त चर्म रोग नाशक है, विटामिन c की प्रचुरता के कारण यह नाश्ता वजन बढ़ाता है, खून में वृद्धि करता है, अंकुरित करने के लिए चनो को अच्छी तरह साफ़ करके इतने पानी में भिगोएँ कि उतना पानी उसमे शोषित हो जाये, प्रांत: काल पानी में भिगो दे और रात्रि में पानी से निकाल कर किसी साफ़ मोटे गीले कपडे या उसकी थैली में बांधकर लटका दे, गर्मी में 12 घंटे और शीत काल में 18 से 24 घंटे तक भिगोने के बाद गीले कपडे में बाँधने से दूसरे तीसरे दिन उसमे अंकुर निकल जाते है, गर्मी में थैली पर आवश्यकतानुसार पानी छिड़कते रहना चाहिए, इस प्रकार चने अंकुरित हो जाये।

अंकुरित चने का नाश्ता एक उत्तम टॉनिक है, अंकुरित चनो में कुछ लोग स्वाद की लिए पिसी हुई काली मिर्च, सैंधा, नमक, अदरक की कुछ कतरन एवं नीम्बू की कुछ बुँदे भी मिलाते है, परन्तु आप यदि इन्हे बिना किसी मिलावट के खा सके तो अधिक उत्तम होगा।

बच्चों कि शारीरिक कमजोरी दूर करने के लिए प्रोटीन कि आवश्यकता होती है जो आम तौर पर बादाम के सेवन से पूरी करते है लोग, लेकिंग बादाम महगे और आसानी से उपलब्ध न होने के कारण बादाम के बारे में सोच भी नही सोच भी नहीं सकते आमलोग, ऐसे लोग अपने बच्चों को चने कि सब्जी/तरी पिलायें तो उनकी दुर्बलता दूर होने के साथ-साथ प्रोटीन भी बराबर मात्रा मिलता रहेगा और बच्चा स्वस्थ्य भी रहेगाl

पेट की कब्ज दूर करे सौ ग्राम चने लेकर किसी मिट्टी के बर्तन में भिगो दें, सुबह उठकर उनमे से एक-एक चम्मच पिसे हुए सोंठ और कला जीरा मिला कर पियें और चनों को चबा लें, ऐसा नियमित सेवन करने से पुरानी से पुरानी कब्ज भी दूर हो जाएगी, और आपका पेट भी साफ रहेगा, पेट से सम्बंधित कोई बीमारी नहीं होगी l

शक्ति बढ़ाने के लिए सिके हुए या भिगोये चने तथा बादाम कि गिरियाँ सामान मात्रा में लेकर पांच-पांच या दस-दस गाय के दूध के साथ सुबह प्रतिदिन खाने से शारीर में एक नयी शक्ति आ जाएगी|

सांस रोगों से मुक्ति रात को सोते समय 100 ग्राम भुने हुए चने खाकर ऊपर से से एक गिलास गाय का दूध पीने से सांस रोगों से मुक्ति मिलती है |

गुड़ में उच्च मात्रा में आयरन होता है और भुने हुए चने में आयरन के साथ-साथ प्रोटीन भी सही मात्रा में पाया जाता है, इस तरह से गुड़ और चने को मिलाकर खाने से आवश्यक तत्वों की कमी पूरी होती है, जो एनीमिया रोग के लिए जिम्मेदार होते हैंl

गुड़ और चना न केवल आपको एनीमिया से बचाने का काम करते हैं, बल्कि आपके शरीर में उर्जा की पूर्ति भी करते हैं, शरीर में आयरन अवशोषि‍त होने पर ऊर्जा का संचार होता है, जिससे थकान और कमजोरी महसूस नहीं होती l

मोटापा घटाने के लिए निम्बू और शहद

यह प्रयोग बेहद सरल और बेहद उपयोगी है। बहुत लोगों को इसके प्रयोग से रिजल्ट मिले हैं और बहुतों को नहीं मिले, जिनको नहीं मिले उनको एक बार इसकी सही विधि पता होनी चाहिए।



आप यह प्रयोग कर के बिना किसी दुष्परिणाम के अच्छे रिजल्ट हासिल कर सकते हैं। आइये जाने इस प्रयोग को सही से करने की विधि।

जो लोग सोचते हैं के वो बहुत मोटे हैं, और पतले होना चाहते हैं, उनको नित्य सुबह खाली पेट एक गिलास पानी को उबालकर उसमे दो निम्बू निचोड़ कर (लगभग 15 ग्राम रस) और दो चम्मच शहद मिलाकर अच्छे से मिला कर पीना चाहिए। चाहे कैसी भी चर्बी हो घटकर शरीर सुडौल बन जाता है।

नोट:– याद रखना है के आपको यह प्रयोग करने के लिए पानी गर्म पीना है ठंडा या सादा नहीं। Source - ALLAYURVEDIC

Tartar हटाने के लिए डेंटिस्ट के पास क्यों जाना, जब हो इसका घरेलू इलाज़

आज वर्तमान युग में काफी लोग किसी न किसी नशे का शिकार है शराब,गुटका,पान,तम्बाखू .सिगरेट आदि का सेवन करते है ये सभी वस्तुए आपके चमकीले दांतों की चमक (Teeth shine) के साथ साथ आपको रोग से भी प्रभावित कर रहा है आपके दांतों (Teeth) की जड़ को कमजोर कर देता है आपका ये सेवन-जो लोग दिन में दो बार ब्रश और उचित साफ़ सफाई आदि करते है उनके दांत तो स्वस्थ है लेकिन जो लोग गुटके -पान शराब का सेवन अधिक मात्रा में करते है उनके दांतों पे पीला-पन (pallor) आ जाता है कई बार टेट्रासाइक्लिन (Tetracycline) नामक दवा के कारण भी दांतों पर पीले धब्बे पड़ जाते हैं जानकारी के अभाव में दांतों को साफ करने के लिए लोग कई तरह के केमिकल्स का इस्तेमाल करते हैं इसका भी दांतों पर बुरा प्रभाव पड़ता है तथा उम्र के साथ कई बार दांतों पर इनेमल की परत जमती चली जाती है जिसके कारण दांत पीले हो जाते हैं यदि आप दांतों (teeth) के पीलेपन से परेशान है तो ये कुछ प्रयोग करके आप अपने दांतों को पीलेपन से निजात दिला सकते है।


वैसे आज कल डेंटल चिकित्सा ने काफी तरक्की कर ली है डेंटल ब्लीचिंग( Dental Bleaching) से दांतों का पीलापन-पीले-लाल धब्बे, गुटखा, तंबाकू आदि के दाग आसानी से खत्म किए जा सकते हैं|

आज हम आपको एक ऐसा घरेलू नुस्खा बताएंगे जिससे आप अपने घर पर खुद ही Dentist बन सकते हो तथा आपको दांतों को सफेद करने के लिए Dentist के पास जाने की आवश्कता नहीं होगी |

तो आये जानते है इस नुस्खे के बारे में |
समग्री :-

    बेकिंग सोडा
    टूथ ब्रश
    Hydrogen peroxide
    पानी
    नमक
    dental pick
    mouth wash

विधि :-
  1.     1 चम्मच बेकिंग सोडा और ½ चम्मच नमक को मिक्स कीजिये और इस मिश्रण को ब्रश पर लगा कर 5 मिनटों तक अच्छी तरेह दांतों पर ब्रश करें |
  2.     अब 1 कप Hydrogen और ½ कप गुनगुना पानी मिक्स करें और इस मिश्रण से 1 मिनट तक mouth को wash करें
  3.     dental pick से दांतों की Tartar को अच्छी तरेह Rub करें | ध्यान रखें अपने मसूड़ों को न रगड़ें |
  4.     रोजन ऐसा करने से आपके दांत Tartar मुकत हो जाएंगे और आपको Dentist के पास जाने की भी जरूरत नहीं पड़े गी |

नींद की गोली का काम कर रहा है यह गाना, सुनते ही लोग सो जाते हैं!

सुबह उठने का मन नहीं करता और रात को बिस्तर पर करवटें बदलते रहते हैं, लेकिन नींद नहीं आती. एक ऐसी समस्या जो आज के वक्त में आम हो चुकी है. हम में से कई लोग तो ऐसे हैं जो पूरे दिन थके रहते हैं, लेकिन रात को बिस्तर पर जाकर उनकी नींद गायब हो जाती है.
 
रात में सोने के लिए लोग क्या-क्या जतन नहीं करते, लेकिन फिर भी नींद है कि आने का नाम ही नहीं लेती, फिर अगले दिन कॉलेज, ऑफिस में दिनभर आलस छाया रहता है. खैर, ये तो बात हुई समस्या की, अगर हम आपसे कहें कि एक गाना ऐसा है जिसे सुनते ही आपको नींद आने लगेगी तो आपको शायद यकीन न हो, लेकिन सोशल मीडिया पर ये गाना वायरल हो रहा है, जिसे सुनने वालों का तो यही कहना है कि ये गाना नींद की गोली से कम नहीं है.

हेडफोन पर R और L क्यों लिखा होता है! इसका मतलब Right और Left समझ रहे हो तो गलत हो

हेडफोन लगाके बहुत गाने सुन लिए होंगे और फिल्में भी भतेरी देख ली होंगी लेकिन उसी हेडफोन पर एक L का और दूसरा R का निशान बना होता है, वो पता है क्यों होता है नहीं पता होगा शर्त लगा लो


हम हमेशा अपने पाठकों के लिए उन सवालों का जवाब खोज के लाता है, जिनका जवाब और किसी के पास नहीं होता। रोजमर्रा की जिन्दगी से जुड़ी कुछ पहेलियां सुलझाने में अकसर हमारा दिमाग हार मान लेता है। बस ऐसी ही एक और पहेली का तोड़ खोज लायें हैं हम। आपने अपने फोन या लैपटॉप के Earphones या Headphones पर Left (L) या Right(R) का निशान बना तो देखा ही होगा!

उसी अनुसार उन्हें अपने कान में लगाते भी होंगे। क्या आपने नोटिस किया है कि Earphone के Left Side को अपने Right कान में लगाने, Right side को Left कान में लगाने से भी कोई फर्क नहीं पड़ता? और जब कोई फर्क ही नहीं पड़ता, आवाज भी दोनों में समान आती है, तो ये निशान लगे होने का फायदा ही क्या?

दरअसल ये बेवजह नहीं होते। इसके पीछे बहुत से वाजिब कारण हैं। Sound Engineering से लेकर रिकॉर्डिंग से जुड़ी बातें इसके कारणों में से एक हैं। सबसे पहली वजह है ‘Recording’।

अगर ‘स्टीरियो रिकॉर्डिंग’ के समय कोई साउंड बाईं ओर से आ रही है, तो आपके हेडफोन के Left चैनल में यह ज्यादा तेज सुनाई देगी और Right चैनल में थोड़ी धीमी।

Earphones में Left और Right चैनल होने का दूसरा कारण है कि इससे 2 ध्वनियों को अलग करके सुनना आसान हो जाता है। उनके बीच अंतर पहचान पाना आसान होता है। कई ऐसे गाने हैं, जिनमें Loud Musical Instruments (उदाहरण-ढ़ोल) और Soft Musical instrument (उदाहरण-बांसुरी) की आवाज एक साथ होती है। ऐसे में एक Instrument की आवाज दूसरे की आवाज़ के आगे दब न जाये, इसलिए दोनों की आवाज को एक साथ अलग-अलग चैनल( Left या Right) में सुनाया जाता है।

इसके अलावा फिल्मों की सटीक साउंड रिकॉर्डिंग के लिए Left और Right चैनल होना जरूरी है। आपने कभी कोई फिल्म अपने लैपटॉप या फोन पर Earphones के जरिये देखी है? अगर हां! तो शायद आपने नोटिस किया होगा कि स्क्रीन के Left Side से आने वाली किसी गाड़ी की आवाज पहले Left कान वाली तरफ ही आती है और धीमे-धीमे Right Side पहुंचती है। ऐसा इसलिए किया जाता है कि देखने वाले को वहां होने का एहसास हो।

छोटे स्तनों को बड़ा, ढीले स्तनों को टाइट व आकर्षित बनाने का रामबाण घरेलु उपाय

स्तनों की सभी समस्याओं का घरेलु उपाय
  1.     यदि स्तन अविकसित तथा छोटे हैं तो बादाम के तेल की नियमित मालिश करने से स्तन विकसित व पुष्ट हो जाते हैं।
  2.     अश्वगंधा और शताबरी को बराबर मात्रा में लेकर चूर्णं बनाएं और फिर एक – एक चम्मच चूर्णं सुबह शाम दूध के साथ ४५ से ६० दिनों तक खाएं। आपकी चिंता का समाधान होगा।
  3.     महानारायण तेल की मसाज से भी अविकसित स्तन आकर्षक हो जाते हैं।
  4.     पीपरी का चूर्णं २० ग्राम, काली मिर्च का चूर्ण २० ग्राम, अश्वगंधा का चूर्णं १५० ग्राम, सोंठ का चूर्णं ७५ ग्राम, लेकर शुद्ध घी में भून लें और फिर आधा किलो पुराने गुड़ की चाशनी बनाकर भूने गए चूर्णं को चाशनी में मिलाकर रख लें। इसे रोज २० – २५ ग्राम मात्रा में रोज गुनगुने दूध के साथ खाने से स्तन आकर्षक और पुष्ट होते हैं।
  5.     खाने में फल, दालें, ताज़ा सब्जियां, काजू, दूध, दही, घी, अंडे, कच्चा नारियल व नींबू आदि का सेवन जरूर करें। यह स्तनों का अच्छी तरह पोषण करते हैं।

”श्री कृष्ण के ये 13 आसान मन्त्र” गरीब को भी धनवान बनाने के लिए काफी है!

श्री कृष्ण भगवान विष्णु के आठवें अवतार कहलाते है, श्री कृष्ण का लीलामय जीवन अनेक प्रेरणाओं और मार्गदर्शन से भरा हुआ है इसलिए भगवान श्री कृष्ण के भक्त न केवल सिर्फ़ भारत में बल्कि पुरे संसार में फैले हुए है. उनके भक्तो की संख्या करोड़ो अरबो में है यही कारण है की माता यशोदा के लाला श्री कृष्ण के मंदिर भारत के अलावा विदेशो में भी स्थापित है.

हिन्दू मान्यताओं के अनुसार भगवान विष्णु के सिर्फ दो ही अवतार थे जिन्होंने देश-दुनिया में प्रसिद्धि पायी थी जो थे सातवें अवतार श्री राम व आठवें श्री कृष्ण . इनके अलावा भगवान विष्णु के अन्य अवतारों को सिर्फ वे ही जानते है जिनके पास हिन्दू धर्म के धर्मिक गर्न्थो का ज्ञान हो.

आखिर क्या कारण है की भगवान श्री कृष्ण और श्री राम के देश-विदेशो में अनेक भक्त फैले है ? कारण तो अनेक है परन्तु जो मुख्य कारण है वह है दोनों के दवारा दिए गए जीवन उपयोगी संदेश जो भक्तो के जीवन में मार्गदर्शक का कार्य करते है. इसके साथ ही श्री राम और श्री कृष्ण का जीवन ही एक बड़ी मिसाल है जिनके उपदेश भक्तो के लिए संदेश का काम करते है.

सिर्फ उनके जीवन से जुड़े उपदेश ही नहीं बल्कि उनसे जुड़े मन्त्र भी उनके भक्तो के जीवन को सुखमय बना सकते है. इसलिए आज हम आपको भगवान श्री कृष्ण से संबंधित कुछ ऐसे मंत्रो के बारे में बताने जा रहे है जिनसे भक्त अपने जिंदगी में सुख-समृद्धि और ऐशवर्य प्राप्त कर सकता है. यह मन्त्र काफी सरल है, लेकिन फिर भी ध्यान रहे की इनका उच्चारण सही प्रकार से हो.

क्योंकि हिन्दू मान्यताओं के अनुसार सही उच्चारित मंत्र ही सही फल प्रदान करते हैं. और मंत्रों का गलत उच्चारण कई बार तबाही का कारण भी बन जाता है. क्योंकि वह अपने सही फल की बजाय विपरीत फल प्रदान कर देता है.

1. ”कृं कृष्णाय नमः”
इस मन्त्र के उच्चारण करने से मनुष्य को उसके अटके धन की प्राप्ति होती है तथा घर-परिवार में सुख सम्पति की वर्षा होती है.
मन्त्र के जाप करने की विधि :- हिन्दू धर्म शास्त्रों के अनुसार इस मन्त्र का यह विधान बताया गया है की इसे प्रातः काल स्नान आदि के पश्चात घर में मंदिर के समीप बैठकर 108 बार जाप करना चाहिए . इस मन्त्र के जाप से मनुष्य के सभी कष्टों एवं दुःख दर्दो का विनाश होता है व रुके हुए धन की प्राप्ति होती है.

2. ”ऊं श्रीं नमः श्रीकृष्णाय परिपूर्णतमाय स्वाहा ”
भगवान श्री कृष्ण का यह मन्त्र साधारण नहीं है, यह सप्तदशाक्षर महामंत्र है. अन्य मन्त्र 108 बार जप करने से सिद्ध हो जाते है परन्तु इस मन्त्र का जाप एक लाख बार करने से सिद्ध होता है.

सिद्ध करने की विधि :- धार्मिक मान्यतानुसार जप के समय हवन का दशांश अभिषेक का दशांश तर्पण तथा तर्पण का दशांश मार्जन करने का विधान शास्त्रों में वर्णित है. जिस व्यक्ति को यह मंत्र सिद्ध हो जाता है उसे करोड़पति होने से कोई नहीं रोक सकता.

3. ”गोकुल नाथाय नमः”…
इस आठ अक्षरों वाले श्रीकृष्णमंत्र का जो भी साधक जाप करता है उसकी सभी इच्छाएं व अभिलाषाएं पूर्ण होती हैं. जी हां… अब वह इच्छा धन से संबंधित हो, भौतिक सुखों से संबंधित हो या किसी भी निजी कामना को पूरा करने के लिए हो. इस मंत्र का सही उच्चारण करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं.

4. ”गोल्ल्भय स्वाहा”
यह मन्त्र दिखने में तो सिर्फ दो अक्षर के लग रहे है परन्तु इन मंत्रो में सात शब्दों का प्रयोग किया गया है. यदि इस मन्त्र के उच्चारण में थोड़ी सी भी चूक हो जाए तो यह मन्त्र सिद्ध नहीं होता है.
सिद्ध करने की विधि :- आप को बता दे की इस मन्त्र के जाप की लिए कोई समय तय नहीं किया गया है और इसके जापो की संख्या भी निर्धारित नहीं है फिर भी इस मन्त्र का सवा लाख बार जाप करना चाहिए. यदि आप अति शीघ्र धनवान बनना चाहते है इस मन्त्र का उपयोग चलते हुए, कुछ काम करते हुए या जगी हुई अवस्था में कभी भी कर सकते यही परन्तु इस मन्त्र का उच्चारण में भी कोई चूक नहीं होनी चाहिए.

5. ”ऐं क्लीं कृष्णाय ह्रीं गोविंदाय श्रीं गोपीजनवल्लभाय स्वाहा ह्र्सो”
इस मन्त्र को उच्चारण करने में थोड़ी कठिनता महसूस होती है, परन्तु यह मन्त्र उतना ही प्रभावशाली है तथा व्यक्ति के वाणी में मधुरता लाती है.
यहाँ वाणी से अभिप्राय व्यक्ति के न बोल पाने या गूंगे से नहीं है.. यह मन्त्र ऐसी शक्ति प्रदान करता है की जिससे व्यक्ति की वाणी क्षमता मजबूत होती है तथा उस की बोली ही बाते सिद्ध होने लगती है.

6. “ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीकृष्णाय गोविंदाय गोपीजन वल्लभाय श्रीं श्रीं श्री”
यह 23 अक्षरों का बहुत ही प्रभावशाली मन्त्र है जिसके जाप से व्यक्ति की हर प्रकार की बाधा का अंत होता है तथा व्यक्ति की घर में धन-दौलत की वर्षा होती है.
ऐसी मान्यता है की इस 23 अक्षर के मंत्र का नित्य जाप करने से व्यक्ति के जीवन में कभी भी धन की कमी नहीं आती तथा मनुष्य सदैव वैभव-सम्पन्न बना रहता है.

7. “क्लीं ग्लौं क्लीं श्यामलांगाय नमः”
आर्थिक स्थित को सुधारने वाले इस मन्त्र का उच्चारण प्रातः काल के समय करना उत्तम होता है. यह मंत्र न केवल धन की वर्षा करता है बल्कि परिवार में आये हर कष्ट को भी दूर कर देता है. यह मन्त्र बहुत ही शक्तिशाली माना गया है.

8. ”ॐ नमः भगवते श्रीगोविन्दाय ”
अभी तक हमने जितने भी मंत्रो का वर्णन किया है वे सभी घर में धन वृद्धि करते है और सुख सम्पति लाते है. परन्तु यह मन्त्र विवाह से संबंधित है. जिस किसी भी व्यक्ति का विवाह नहीं हो रहा या कोई व्यक्ति लव विवाह करना चाहता हो उसका इस मन्त्र की सिद्धि द्वारा विवाह हो जाता है. जो व्यक्ति विवाह इच्छुक हो तो उसे प्रातः उठकर स्नान आदि कर इस मन्त्र का 108 बार जाप करना चाहिए.

9. “नन्दपुत्राय श्यामलांगाय बालवपुषे कृष्णाय गोविन्दाय गोपीजनवल्लभाय स्वाहा”…
श्रीकृष्ण द्वारा दिया गया यह मंत्र 32 अक्षरों वाला है. इस मंत्र के जाप से समस्त आर्थिक मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. यदि आप किसी आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं तो सुबह स्नान के बाद कम से कम एक लाख बार इस मंत्र का जाप करें. आपको जल्द ही सुधार देखने को मिलेगा…

10. “ॐ कृष्ण कृष्ण महाकृष्ण सर्वज्ञ त्वं प्रसीद मे, रमारमण विद्येश विद्यामाशु प्रयच्छ मे” (how to be rich)
33 अक्षरों वाले इस मंत्र में ऐसी चमत्कारी शक्तियां हैं जिस पर आप विश्वास नहीं कर पाएंगे. इस श्रीकृष्ण मंत्र का जो भी साधक जाप करता है उसे समस्त प्रकार की विद्याएं निःसंदेह प्राप्त होती हैं. यह मंत्र गोपनीय माना गया है इसे करते समय किसी को पता नहीं चलना चाहिए.

11. “ॐनमो भगवते नन्दपुत्राय आनन्दवपुषे गोपीजनवल्लभाय स्वाहा”….
यह श्रीकृष्ण का 28 अक्षरों वाला मंत्र है, जिसका जाप करने से मनोवांछित फल प्राप्ति होते हैं. जो भी साधक इस मंत्र का जाप करता है उसको समस्त अभीष्ट वांछित वस्तुएं प्राप्त होती हैं.

12. “लीलादंड गोपीजनसंसक्तदोर्दण्ड बालरूप मेघश्याम भगवन विष्णो स्वाहा”
श्री कृष्ण के इस 29 अक्षर के मंत्रो के जाप को साधक यदि एक लाख बार जप के साथ शक़्कर , घी के साथ हवन करें तो वह स्थायी लक्ष्मी पा सकता है.

13. कृष्णःकर्षति आकर्षति सर्वान जीवान्‌ इति कृष्णः.
ओम्‌ वेदाः वेतं पुरुषः महंतां देवानुजं प्रतिरंत जीव से .
श्रीकृष्ण के इस मंत्र में तैंतीस (33) अक्षर हैं, जिसके नियमित जाप से धन से संबंधित किसी भी प्रकार का संकट टल जाता है.

अगर रात को नहीं आती है नींद तो…..

हल्दी और दूध को अगर साथ में मिला दिया जाए तो इनके फायदों का असर दोगुना हो जाता है। दूध जहां कैल्शियम से भरपूर होता है, वहीं दूसरी तरफ हल्दी में एंटीबॉयोटिक गुण पाए जाते हैं। दोनों ही आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी होते हैं। हम आपको बताने जा रहे हैं कि हल्दी का दूध पीने से आप को कितने फायदे मिल सकते हैं।



* नींद लाने में मददगार – हल्दी शरीर में ट्रीप्टोफन नामक अमीनो एसिड को बनाता है जो अच्छी नींद लाने का काम करता है। इसलिए अगर आप रात में ठीक से सो नहीं पा रहें है या आपको बैचेनी हो रही है तो सोने से आधा घंटा पहले हल्दी वाला दूध पीएं। इससे आपको गहरी नींद आएगी और नींद ना आने की समस्या से भी निजात मिल जाएगी।

*दर्द करता है कम – हल्दी वाला दूध पीने से गठिया की बीमारी में काफी आराम मिलता है। ये जोड़ो और मांसपेशियों को लचीला बनाता है, जिससे दर्द कम हो जाता है। ज्यादातर 50 या इससे ज्यादा की उम्र के लोगों को रेगुलर

इस दूध को पीना चाहिए।
*सांस संबंधी समस्याओं में लाभकारी – हल्दी में एंटी-माइक्रोबियल गुण होते हैं, इसलिए इसे गर्म दूध के साथ लेने से दमा, ब्रोंकाइटिस, फेफड़ों में कफ और साइनस जैसी बीमारियों में आराम मिलता है। हल्दी का दूध आपके शरीर में गरमाहट लाता है। इस वजह से फेफड़े तथा साइनस में जकड़न से तुरंत राहत मिलती है। साथ ही ये बैक्टीरियल और वायरल संक्रमणों से लड़ने में मदद भी करता है।

*हडि्डयों को बनाता है मजबूत – दूध में कैल्शियम और हल्दी में एंटीऑक्सीडेंट की मौजूदगी के कारण हल्दी वाला दूध पीने से हडि्डयां मजबूत होती हैं। साथ ही शरीर की रोगों से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है। इस दूध को पीने से ऑस्टियोपोरेसिस की समस्या में आराम मिलता है।

*साफ करता है खून – हल्दी का दूध खून साफ रखने का सबसे असरदार तरीका है। ये खून का पतला करके ब्लड वैसेल्स की गंदगी को साफ करता है और शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाता है।

*कम करता है मोटापा – हल्दी वाला दूध पीने से शरीर में जमी एक्स्ट्रा चर्बी घटती है। इसमें मौजूद कैल्शियम, मिनरल्स और अन्‍य पोषक तत्व वजन घटाने में मदगार होते हैं।

*पाचन क्रिया को करता है सही – हल्‍दी वाला दूध एक शक्तिशाली एंटी-सेप्टिक होता है। ये आंतों को स्वस्थ बनाने के साथ पेट के अल्सर और कोलाइटिस के उपचार में भी मदद करता है। इसे पीने से पाचन बेहतर होता है और अल्सर, डायरिया और अपच की समस्या खत्म हो जाती है।

सावधान! हल्दी वाला दूध ज्यादा पीने से घटेगी फर्टिलिटी

हल्दी वाला दूध सर्दी-खांसी, दर्द और चोट लगने पर झट से  पीने का घरेलू नुस्खा हैं। इससे फायदा भी मिल जाता है। लेकिन छोटी-मोटी प्रॉब्लम से छुटकारा पाने के लिए हर बार यह तरीका अपनाना प्रॉब्लम बढ़ा भी सकता है। हल्दी हमारे शरीर में पित्त बढ़ाती है और सभी लोगों के लिए दूध का डाइजेशन आसान नहीं होता। इसलिए कई लोगों को हल्दी वाला दूध नुकसान कर सकता है। इसके अलावा सामान्य व्यक्ति भी यदि ज्यादा मात्रा में हल्दी वाला दूध पिए, तो उसे परेशानी हो सकती है l

बीमारी के दौरान शरीर कमजोर हो जाता है, ऐसे में अगर आप मार्किट से लाइ हल्दी का दूध पीयेंगे तो इन्फेक्शन होने का खतरा बड जाता है, यदि आपको गॉल ब्लैडर से जुडी  कोई  समस्या है, तो  हल्दी वाला दूध पीने से बड सकती है l

नपुंसकता का कारण
हल्दी, टेस्टोस्टेरॉन के स्तर को कम कर देती हैं l इससे स्पर्म की सक्रियता में कमी आ जाती है l अगर आप अपनी फैमिली प्लान कर रहे हैं तो कोशिश कीजिए कि हल्दी का सेवन संयमित रूप से करें l
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सर्जरी के दौरान
जैसा कि हम पहले ही बता चुके हैं कि हल्दी खून का थक्का जमने नहीं देता है l  जिसकी वजह से खून का स्त्राव बढ़ जाता है l अगर आपकी सर्जरी हुई है या फिर होने वाली है तो हल्दी के सेवन से बचें l

मधुमेह में
हल्दी में एक रासायनिक पदार्थ करक्यूमिन पाया जाता है l जो ब्लड शुगर को प्रभवित करता है. ऐसे में अगर आपको मधुमेह है तो हल्दी वाला दूध पीने से परहेज करना ही बेहतर होगा l

ब्लीडिंग प्रॉब्लम
अगर आपको ब्लीडिंग प्रॉब्लम है तो हल्दी वाला दूध आपको नुकसान पहुंचा सकता है l ये ब्लड क्लॉटिंग की प्रक्रिया को कम कर देता है जिससे ब्लीडिंग की समया और अधिक बढ़ सकती है l
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गर्भवती महिलाएं
कई प्रेग्‍नेंट महिलाएं दूध में हल्दी डाल कर पीती हैं, जिससे उन्हें गोरा बच्चा पैदा हो। लेकिन हल्दी गर्भाशय का संकुचन, गर्भाशय में रक्त स्रव या गर्भाशय में ऐंठन पैदा कर सकती है। वैसे तो कई केस में हल्दी कैंसर सेल्स से लड़ने में सहायक होती है लेकिन दूसरे केस में यह भी देखा गया है कि यह ब्रेस्ट कैंसर को भी बढ़ावा देती है।

इंर्फटिलिटी और गैस की समस्या
ज्यादा हल्दी खाने से पुरुषों को इंर्फटिलिटी की भी समस्या हो जाती है। इससे स्पर्म का प्रोडक्शन कम हो जाता है, ऐसा रिसर्च में कहा गया है।ज्यादा हल्दी खाने से पेट में गैस की समस्या होती है। इससे डायरिया और कब्ज भी हो सकता है।