कपूर के अद्भुत फायदे - Surprising Benefits of Camphor

जोड़ो या मांसपेशियों का दर्द – अगर आप जोड़ो के दर्द से परेशान है और कई प्रकार के दवाइयों का भी इस्तेमाल कर चुके है और दर्द से Relief नहीं मिला है तो आप कपूर के तेल से दर्द वाले हिस्से पर मालिश करे इससे आपको दर्द से आराम मिलेगा |

जले या कटे का निशान – बहुत बार ये भी देखने को मिलता है की लोग किसी दुर्घटना में कट या जल जाते है, वे इलाज करके जख्म को ठीक तो कर लेते है परन्तु इसका दाग पुरे जीवन भर के लिए रह जाता है | ऐसे में निशान पर नियमित कपूर के तेल के मालिश से दाग को हटाया जा सकता है |

पेट दर्द – यदि आप नियमित पेट के दर्द से परेशान है और दर्द किसी भी प्रकार से ठीक नहीं हो रहा है तो पुदीने के शर्बत में अजवाइन और कपूर मिलाकर पिने से दर्द से जल्द छुटकारा पा सकते है |

दस्त – आज काल लोगो चटपटा खाना ज्यादा पसंद करते है जिसके कारण अक्सर दस्त ओसे परेशान रहते है, इसे में अगर दस्त ठीक न हो रहा है तो कपूर, पुदीना और अजवाइन को पानी में दाल कर थोरे समय तक इसे धुप में रख दे और इसे थोड़े थोड़े समय पर मिलते रहे | जब तीनो मिश्रण अच्छे से मिल जाए तो इसके मिश्रण के कुछ बूंद को चीनी के पानी में मिलकर दर्द पीड़ित व्यक्ति को पिला दे, इससे दस्त से जल्द आराम मिलेगा |

त्वचा संबंधित समस्या – आज के इस fashion के युग में लड़के या लड़कियां अपने चेहरे को सुंदर दिखने का क्रम में कई प्रकार का face treatment करते है, जो कभी कभी त्वचा को अस्वस्थ बना देता है | या अगर आपको किसी प्रकार की त्वचा संबंधित समस्या है तो कपूर के तेल को प्रभावित हिस्से में इस्तेमाल करे जिससे आपको  समस्या से जल्द समाधान मिलेगा | और साथ ही अगर अपने skin को स्वस्थ रखना चाहते है कपूर के तेल का नियमित मालिश करे |

बालो की समस्या – हमारे खान पान के कारण आजकल बालो की समस्या आम बात हो गई है जैसे  या झडना | इस इस्थिति में बालो में कपूर तेल को किसी तेल में मिलाकर नियमित मालिश करे जिससे बाल जड़ से मजबूत होंगे और बालो को काला भी करेंगे | Post Source: HR,

पेट की बढ़ी हुई चर्बी घटाने का घरेलु मसाला

हम सभी के घरों में कई तरह के मसालों का इस्तेमाल किया जाता है. जिस तरह हर व्यंजन को बनाने का तरीका अलग होता है उसी तरह उसमें इस्तेमाल होने वाले मसालों की वेरायटी भी अलग होती है. पर एक मसाला ऐसा है जिसे हम ज्यादातर व्यंजनों में इस्तेमाल करते हैं. दाल में तड़का लगाना हो या फिर रायते का स्वाद बढ़ाना हो, जीरे का इस्तेमाल सर्वाधिक रूप से किया जाता है.

पर क्या आप जानते हैं हल्के कसैले स्वाद वाला जीरा वजन घटाने की एक अचूक दवा है? कम ही लोगों को पता होगा कि जीरे के नियमित इस्तेमाल से आप अपना वजन कम कर सकते हैं. अगर आप भी बेली फैट से परेशान हैं और चाहते हैं कि बिना कुछ ज्यादा प्रयास के ये कम हो जाए तो जीरे का इस्तेमाल आपके लिए काफी कारगर साबित हो सकता है.

जीरे के इस गुण को कई शोधों में भी कारगर पाया गया है. यह कैलोरी को कम करने के लिए काफी कारगर है. दरअसल, यह मेटाबॉलिज्म यानी उपापचय की प्रक्रिया पर असर डालता है जिससे कैलोरी जल्दी कम होती है. वजन घटाने के गुण के अलावा इसमें और भी कई पोषक और औषधीय गुण पाए जाते हैं. ये कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने, रोग प्रतिरक्षा को बढ़ाने, एनीमिया के खतरे को कम करने, पाचन क्रिया को बेहतर बनाने और गैस-कब्ज की समस्या में राहत दिलाने के लिए भी कारगर है.

ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि जीरे का इस्तेमाल हम किन-किन रूपों में कर सकते हैं. आप चाहें तो इसे पाउडर के रूप में या फिर इसके सत्व वाले पानी को पीकर इसका फायदा उठा सकते हैं.

जीरा कैसे कम करता है पेट की चर्बी:
जीरे के इस्तेमाल से बढ़ी हुई कैलोरी बर्न होती है और बेली फैट भी गलता है. जीरे में कई प्रकार के पोषक तत्व और एंटी-ऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं जो मेटाबॉलिज्म बढ़ाने में मददगार होते हैं. इस वजह से शरीर की अतिरिक्त चर्बी कम हो जाती है. इसके अलावा यह पाचन क्रिया को भी सक्रिय बनाता है. पाचन क्रिया बेहतर होती है तो कब्ज और गैस जैसी समस्याएं नहीं होने पाती हैं. यहां हम आपको कुछ ऐसे ही उपाय बता रहे हैं जिनकी मदद से आप अपना बढ़ा हुआ वजन आसानी से कम कर सकते हैं.दोस्तों इस पोस्ट को शेयर करना न भूले. आपके एक शेयर किसी के बहुत काम आ सकता है | Post Source: Facebook,

बस एक उपाय और सूजन (Swelling) गायब!

बहुत सी ऐसी बीमारियां हैं, जिनके कारण शरीर के कुछ अंगों में सूजन आ जाती है। गठिया जैसी परेशानी में तो सूजन की समस्या आम बात है लेकिन इसमें दर्द भी बहुत होता है।

ऐसे में ढेरों दवाईयां खाने से भी आराम नही मिलता तो इसके लिए कुछ घरेलू उपायों से राहत पाई जा सकती है। आज हम आपको एक ऐसे ही नुस्खे के बारे में बता रहे हैं जिससे सूजन की दिक्कत से छुटकारा पाया जा सकता है।

आलू से दूर करें सूजन -  एक कच्चे आलू को अच्छी तरह धोकर इसे छिलके सहित काट लें। इसमें दोगुना पानी डालकर तब तक उबालें जब तक पानी आधा रह जाए।

इसके बाद इसे छानकर ठंड़ा होने दें। इस पानी से सूजन वाले अंगों पर सिकाई करें। दिन में 3-4 बार ऐसे करने से सूजन कम होनी शुरू हो जाती है और आराम मिलता है।

सिर्फ 15 मिनट का ये प्रयोग 350 असाध्य रोगों का काल है, चाहे कैंसर हो या गठिया, चाहे किडनी फेल हो या लिवर सबका एक अद्भुत उपाय

जब गेहूं के बीज को अच्छी उपजाऊ जमीन में बोया जाता है तो कुछ ही दिनों में वह अंकुरित होकर बढ़ने लगता है और उसमें पत्तियां निकलने लगती है। जब यह अंकुरण पांच-छह पत्तों का हो जाता है तो अंकुरित बीज का यह भाग गेहूं का ज्वारा कहलाता है। औषधीय विज्ञान में गेहूं का यह ज्वारा काफी उपयोगी सिद्ध हुआ है। गेहूं के ज्वारे का रस कैंसर जैसे कई रोगों से लड़ने की क्षमता रखता है। प्रकृति ने हमें स्वस्थ, ऊर्जावान, निरोगी और आयुष्मान रहने के लिए हमें अनेक प्रकार के पौष्टिक फल, फूल, मेवे, तरकारियां, जड़ी-बूटियां, मसाले, शहद और अन्य खाद्यान्न दिये हैं। ऐसा ही एक संजीवनी का बूटा है गेहूँ का ज्वारा। इसका वानस्पतिक नाम “ट्रिटिकम वेस्टिकम” है। डॉ. एन विग्मोर ज्वारे के रस को “हरित रक्त” कहती है। इसे गेहूँ का ज्वारा या घास कहना ठीक नहीं होगा। यह वास्तव में अंकुरित गेहूँ है।

गेहूँ का ज्वारा एक सजीव, सुपाच्य, पौष्टिक और संपूर्ण आहार है। इसमें भरपूर क्लोरोफिल, किण्वक (एंजाइम्स), अमाइनो एसिड्स, शर्करा, वसा, विटामिन और खनिज होते हैं। क्लोरोफिल सूर्यप्रकाश का पहला उत्पाद है अतः इसमें सबसे ज्यादा सूर्य की ऊर्जा होती है और भरपूर ऑक्सीजन भी।

पोषक तत्व
गेहूँ के ज्वारे क्लोरोफिल का सर्वश्रेष्ठ स्रोत हैं। इसमें सभी विटामिन्स प्रचुर मात्रा में होते हैं जैसे विटामिन ए, बी1, 2, 3, 5, 6, 8, 12 और 17 (लेट्रियल); सी, ई तथा के। इसमें केल्शियम, मेग्नीशियम, आयोडीन, सेलेनियम, लौह, जिंक और अन्य कई खनिज होते हैं।
लेट्रियल या विटामिन बी-17 बलवान कैंसररोधी है और मेक्सिको के ओएसिस ऑफ होप चिकित्सालय में पिछले पचास वर्ष से लेट्रियल के इंजेक्शन, गोलियों और आहार चिकित्सा से कैंसर के रोगियों का उपचार होता आ रहा है।

गेहूँ के ज्वारे के रस के औषधीय उपयोग-
कैंसर – गेहूँ के ज्वारे कैंसर पर कैसे असर दिखाते है???

ऑक्सीजन को अनुसंधानकर्ता कैंसर कोशिकाओं को नेस्तनाबूत करने वाली 7.62×39 मि.मी. केलीबर की वो गोली मानते हैं, जो गेहूँ के ज्वारे रूपी ए.के. 47 बंदूक से निकल कर कैंसर कोशिकाओं को चुन-चुन कर मारती है। सर्व प्रथम तो इसमें भरपूर क्लोरोफिल होता है, जो शरीर को ऑक्सीजन से सराबोर कर देता है। क्लोरोफिल शरीर में हीमोग्लोबिन का निर्माण करता है, मतलब कैंसर कोशिकाओं को ज्यादा ऑक्सीजन मिलती है और ऑक्सीजन की उपस्थिति में कैंसर का दम घुटने कगता है।

गेहूँ का ज्वारों में विटामिन बी-17 या लेट्रियल और सेलेनियम दोनों होते हैं। ये दोनों ही शक्तिशाली कैंसररोधी है। क्लोरोफिल और सेलेनियम शरीर की रक्षा प्रणाली को शक्तिशाली बनाते हैं। गेहूँ का ज्वारा भी रक्त के समान हल्का क्षारीय द्रव्य है। कैंसर अम्लीय माध्यम में ही फलता फूलता है।

गेहूँ का ज्वारा में विटा-12 को मिला कर 13 विटामिन, कई खनिज जैसे सेलेनियम और 20 अमाइनो एसिड्स होते है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट किण्वक सुपरऑक्साइड डिसम्यूटेज और अन्य 30 किण्वक भी होते हैं। एस ओ डी सबसे खतरनाक फ्री-रेडिकल रिएक्टिव ऑक्सीजन स्पिसीज को हाइड्रोजन परऑक्साइड (जिसमें कैंसर कोशिका का सफाया करने के लिए एक अतिरिक्त ऑक्सीजन का अणु होता है) और ऑक्सीजन के अणु में बदल देता है।

सन् 1938 में महान अनुसंधानकर्ता डॉ. पॉल गेरहार्ड सीजर, एम.डी. ने बताया था कि कैंसर का वास्तविक कारण श्वसन क्रिया में सहायक एंजाइम साइटोक्रोम ऑक्सीडेज का नष्ट होना है। सरल शब्दों में जब कोशिका में ऑक्सीजन उपलब्ध न हो या सामान्य श्वसन क्रिया बाधित हो जाये तभी कैंसर जन्म लेता है।

ज्वारों में एक हार्मोन एब्सीसिक एसिड (ए बी ए) होता है जो हमें अन्यत्र कहीं नहीं मिलता है। डॉ. लिविंग्स्टन व्हीलर के अनुसार एब्सीसिक एसिड कोरियोनिक गोनेडोट्रोपिन हार्मोन को निष्क्रिय करता है और वे ए बी ए को कैंसर उपचार का महत्वपूर्ण पूरक तत्व मानती थी। डॉ. लिविंग्स्टन ने पता लगाया था कि कैंसर कोशिका कोरियोनिक गोनेडोट्रोपिन से मिलता जुलता हार्मोन बनाती हैं। उन्होंने यह भी पता लगाया था कि गेहूँ के ज्वारे को काटने के 4 घंटे बाद उसमें ए बी ए की मात्रा 40 गुना ज्यादा होती है। अतः उनके मतानुसार ज्वारे के रस को थोड़ा सा तुरंत और बचा हुआ 4 घंटे बाद पीना चाहिये।

हार्ट अटैक आने पर तुरंत क्या करें

स्टैप 1 - सबसे पहले हार्ट अटैक पीड़ित शख्स की सवेंदनशीलता की तरफ ध्यान दें। अगर वह कोई प्रतिक्रिया नहीं दिखा रहा और सही से सांस नहीं ले पा रहा तो जल्द से 911 पर कॉल करें ताकि आपातकालीन स्थिति में मरीज को जल्द CPR(कार्डियोपल्मोनरी पुनर्जीवन) दिया जा सकें।

स्टेप 2 - जब तक एंबुलेंस ना आए, तब तक इन बातों की तरफ गौर करें। मरीज बहुत तेज या सही ढंग से सांस ना ले रहा हो, खांसी और बार-बार हिलजुल रहा हो तो छाती पर दबाव बनाएं। सीने में 2 इंच नीचे पंप करें। 100/ मिनट प्रति दर से सीने में तेजी से पंप करें।

स्टेप 3 - रोगी के सिर को पीछे झुकाएं और ठोड़ी को ऊपर की ओर उठा दें। नाक को पिंच करके मुंह द्वारा उन्हें सांस दें ताकि सीने में वृद्धि हो।इस तरह उन्हें दो बार सांस दें। प्रत्येक सांस 1 सेकेंड की हो।

इसके अलावा इन बातों का भी ध्यान रखें
  1.      पेशेंट को सीधा करके लिटाएं। उसके कपड़ों को लूज करें ताकि मरीज बैचेनी कम हो।
  2.      मरीज को लंबी सांस लेने को कहें। आसपास भीड़ ना लगाएं।
  3.      हार्ट अटैक आने पर कई बार रोगी को उल्टी की फीलिंग होती है ऐसे में उन्हें एक तरह मोड़ दें और मतली करने को कहें।
  4.      मरीज की पल्स चेक करें। अगर पल्स 60-70 से कम है तो समझ लें कि मरीज की हालत गंभीर है।
  5.      रोगी के पैर ऊपर की ओर उठादें ताकि खून की सप्लाई हार्ट की तरफ हो।
  ये गलतियां ना करें
  1.      रोगी को कुछ खिलाएं पिलाएं ना।
  2.      पल्स रेट बहुत कम होने पर सीने में दबाव बनाने से राहत मिलती है लेकिन अगर तरीका गलत हो तो समस्या बढ़ सकती है इसलिए CPR का सही तरीका देखकर ही ऐसा करें।
  3.      अस्पताल ले जाने के लिए उसे चलाने की गलती ना करें। रोगी को उठाकर ले जाएं।
  4.      रोगी को सीधा लिटाएं। इससे बल्ड सर्कुलेशन सही रखने में मदद मिलती है।
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गरीबो के लिए मसीहा बन कर आया ये डॉक्टर, लोगो ने कहा – ईश्वर ने इसे खुद भेजा है…

डॉक्टर हमदुलय गरीबो के लिए भगवान बन कर आये है ! वो गरीबो के लिए 100 बायपास सर्जरी, 100 एंजियोप्लास्टी, 500 एंजियोग्राफी निशुल्क करना चाहते है इसके लिए वो एक योजना पर काम कर रहे है !जैनुल हमदुलय मुंबई में कार्डियक सर्जन है और परेल मे ग्लोबल हॉस्पिटल्स के कार्डियोथोरेसिक और संवहनी सर्जरी में निदेशक भी है !

उन्होंने रमजान के दिनों में गरीब मरीजो के लिए फ्री में इलाज करने का फैसला किया है ! इसके लिए वो 3.27 करोड़ रूपये जुटाने का काम कर रहे है ! इन रुपयों से वो उन जरूरतमंद गरीब मरीजो का इलाज करेगे जो ऑपरेशन में लगने वाले लाखो रुपयों का खर्चा नहीं उठा सकते !

डॉक्टर के इस अनोखे कदम से दुनिया को बताने की कोशिश की है कि आज भी इंसानियत बची हुई है ! 100 बाय पास सर्जरी, 100 एंजियोप्लास्टी और 500 एंजियोग्राफी करने के लगने वाले 3.27 करोड़ के खर्च के लिए वो फंड जुटाना चाहते है ! बाजार से सबसे अच्छे स्टेंट का प्रयोग करने से एंजियोप्लास्टी का खर्चा प्रति 1 लाख रूपये बढ जायेगा और एक बायपास ऑपरेशन करने पर 2 लाख रूपये का खर्चा आएगा ! एंजियोग्राफी करने का खर्चा 15 हजार रूपये होगा !

डॉक्टर हमदुलय के अनुसार फंड जुटाने के लिए भारत की सबसे बढ़ी जमावानी वेबसाइट के साथ समझौता हो चुका है ! जिससे गरीब मरीजो या गरीबी रेखा से नीचे रहमे वाले गरीब मरीजो का इलाज निशुल्क हो सके ! ऐसा पहली बार हुआ है जब कोई डॉक्टर इतना बड़ा इनिशिएटिव ले रहा है ! डॉक्टर ने पिछले 17 दिनों में 5 लाख रूपये चंदे के रूप में जमा कर लिए है ! डॉक्टर के अनुसार लोग 500 और 1000 रूपये का चंदा दे रहे है ! रमजान का महिना चल रहा है, तो फंड देने वालो में मुस्लिम समुदाय बढ़ चढ़ कर हिस्सा ले रहा है !

डॉक्टर हमदुलय ने बताया कि वो किस प्रकार से काम कर रहे है ! जिन मरीजो को एंजियोप्लास्टी या एंजियोग्राफी की जरुरत है ! उनको डोंगरी के हबीब हॉस्पिटल में भेजा जा रहा है ! वहां पर फाउंडेशन ने एक कैथ लेब बनाया हुआ है ! यहाँ पर निदान इमेजिंग उपकरण और एक परीक्षा कक्ष भी स्थापित किया गया है ! यहाँ पर डॉक्टर मरीजो के दिल और दिल से जुड़ी धमनियों को देखने का काम करते है ! जिन गरीब मरीजो को बायपास सर्जरी करवानी होती है उन मरीजो को वैश्विक हॉस्पिटल के लिए रेफर कर दिया जाता है !

शरीर के इन अंगों को छूने से आप पड़ सकते हैं बीमार

हमारे शरीर के ही कुछ अंग ऐसे है, जिन्हें हमें नहीं छूना चाहिए, लेकिन हम इन्‍हें छूने से बाज नहीं आते। लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि इन्‍हें छूने से बैक्‍टीरिया इनके माध्‍यम से शरीर में जाकर आपको बीमार बना सकता हैं।हर किसी को स्‍वस्‍थ शरीर की इच्‍छा होती है, लेकिन जाने-अनजाने में हम अपने ही शरीर को नुकसान पहुंचते है।

दरअसल हमारे शरीर के ही कुछ अंग ऐसे है, जिन्हें हमें नहीं छूना चाहिए, लेकिन हम इन्‍हें छूने से बाज नहीं आते। लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि इन्‍हें छूने से बैक्‍टीरिया इनके माध्‍यम से शरीर में जाकर आपको बीमार बना सकता हैं। कई शोध बताते हैं, कि हाथ शरीर में बैक्‍टीरिया के प्रसारण में प्रमुख भूमिका निभाते हैं। जोकि आपको बीमार बना सकता है। आइए जानें शरीर के किन अंगों को छूने से आप बीमारी को न्‍यौता दे सकते हैं।

मुंह के जरिये बीमारियां जल्दी ही शरीर तक पहुंच जाती है। इसलिए उंगलियों को बार-बार मुंह और होठों पर न रखे, वर्ना उंगलियों के बैक्‍टीरिया मुंह में चले जाएंगे। शोधों के अनुसार आपके मुंह में लगभग 600 बैक्‍टीरियों का वास होता है। शरीर में होने वाले इंफेक्‍शन के लिए यहीं बैक्‍टीरिया जिम्‍मेदार होते हैं।

बगल, जिसे आर्मपिट भी कहा जाता है, इसमें लगभग 80 हजार बैक्‍टीरिया होते हैं। इसी कारण से पसीना के बाद बगल से दुर्गंध आने लगती है। इसलिए आपको अपनी बगल को छूने से बचना चाहिए और हर दिन अपनी बगल को अच्‍छे से साफ करना चाहिए और नियमित रूप से बालों को हटा लेना चाहिए।

कान में खुजली हुई नहीं कि लगे उंगली से साफ करने। लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि कान, शरीर का सबसे गंदा हिस्‍सा हैं। इनमें मौजूद वैक्‍स के कारण कान में बैक्‍टीरिया पनपने लगते हैं। अगर आपको कानों में खुजली होती हैं तो उंगली की बजाए ईयर बर्ड्स का इस्तेमाल करना चाहिए। और कानों को हमेशा साफ रखना चाहिए।

नाक में उंगली नहीं डालनी चाहिए, क्योंकि नाक से सांस के द्वारा बैक्टीरिया शरीर के अंदर तक पहुंच जाते है। इसलिए, नाक को दिन में दो से तीन बार साफ पानी से साफ करना चाहिए। और अगर आपको नाक में अंगुली डालने की आदत हैं तो इस गंदी आदत को छोड़ दें। नाभि दिखने में बेहद साफ लगती है, लेकिन वह साफ होती नहीं है। इसमें कई सारे बैक्‍टीरिया छुपकर बैठे होते हैं। इसलिए इसे छूने से बचें और नहाने के दौरान रोजाना इसे अच्‍छे से साफ करें। शरीर का पिछला हिस्‍सा, खासकर एनल गंदा होता है। इसमें काफी सारे बैक्‍टीरिया वास करते हैं। इसलिए इसे छूने से बचना चाहिए

रविवार को करें रोटी-गुड़ का ये एक छोटा-सा अचूक उपाय, पैसे से भर जाएगा आपका घर

हर कोई चाहता है उसका अपना खुद का घर हो, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद घर नहीं बन पाता। दरअसल, भूमि लाभ ग्रहों के शुभ फल पर निर्भर है। यदि कुंडली में मंगल, सूर्य कमजोर हैं नीच के हैं या उन पर किसी पाप ग्रहों की नजर है, तो घर नहीं बनने देते। अक्सर आपने देखा होगा कि कुछ लोगों के एक नहीं, बल्कि कई घर होते हैं कई प्लॉट होते हैं। ऐसे लोगों के ग्रह बली होते हैं। वैसे भी मौजूदा दौर में मकान बनाना बहुत मुश्किल हो रहा है। यदि आप सालों से किराए के मकान में रह रहे हैं।

खुद का घर नहीं बन रहा है। वैसे ऐसा तो नहीं होगा कि आप घर खरीदने या बनाने के बारे में सोचते न हो या प्लालिंग न करते हों, लेकिन कोई न कोई अड़चन आ जाती है, जिसके चलते सारी योजना धरी की धरी रह जाती है। इसका मतलब यह है कि आपकी कुंडली में ग्रह अशुभ हैं, जो खुद के घर का सुख नहीं दे रहे हैं। ऐसे में एक ऐसा अचूक उपाय है, जिसे करने से मंगल और सूर्य मजबूत होंगे और घर बनने या खरीदने में आ रही बाधाएं स्वत: ही दूर हो जाएंगी।

इसके बाद घर में एक ताजे आटे की रोटी बनवाएं। रोटी जब ठंडी हो जाए, तो उसमें पुराने गुड़ की एक साबुत भेली रख लें और किसी गौशाला में जाकर लाल गया को खिला दें। ध्यान रखें रोटी-गुड़ गाय के सामने फेंके नहीं, बल्कि हाथ से गाय को खिलाएं। इसके बाद हाथ जोड़कर गाय को प्रणाम करें और गाय के पैर पड़ें। यह उपाय लगातार करें। आप देखेंगे कि अचानक आपके घर बनने की योजना शुरू होगी और कोई बाधा भी नहीं आएगी।

इस उपाय का एक और फायदा यह है कि यदि आपका घर इस उपाय के करने से बनता है, तो आपकों घर के लिए आर्थिक तंगी का सामना कभी नहीं करना पड़ेगा। यदि आप लोन लेकर घर बनाएंगे या बना हुआ खरीदेंगे, तो इसके लोन चुकाने में भी आपकों कभी कोई परेशानी नहीं आएंगी। तो देर किस बात की, कल है रविवार और बेहद शुभ मुहूर्त भी हैं। नवरात्रों का समय है। अष्टमी है हर तरफ कन्या पूजी जाएंगी और आप यह उपाय शुरू कर सपनों के आशियानें की नींव रख सकते हैं।

देखिए विडियो:-

रातों रात काली त्वचा को गोरा करने का घरेलु टमाटर नुस्खा

आज के समय में हर कोई भागदौड़ और वयस्ता के चलते अपने लिए समय निकालना मानो भूल ही गया हैं ! आज के वयस्त समय में हर कोई एक अनदेखी रेस का हिस्सा हैं ! सुबह उठने से रात के सोने तक बहुत से लोग बस काम में ध्यान रखते हैं इसी लिए कई बार वह मानसिक तनाव के शिकार भी हो जाते हैं !

यदि मानसिक तनाव  ना भी हो आज के समय में किसी के पास मानो समय नहीं वह अच्छे से अपना ध्यान रख ले, नतीजन कुछ इंसानों की त्वचा पर आपने देखा होगा पिम्पल्स और कालापन आ जाता हैं जिससे वह ना केवल अपने से बड़ी उम्र के लगते हैं ! इतनी वयस्तता के बाद किसी के पास इतना समय नहो होता की वह अपने चेहरे का ध्यान रख पाए क्योकि इसमें समय लगता हैं,

आज हम ऐसे ही लोगो की परेशानी को देखते हुए सोशल मिडिया पर वायरल एक ऐसा वीडियो लाये हैं जिसको देखकर आपकी बांछे खिल जाएगी , इस वीडियो ऐसा एक फार्मूला बतया गया हैं जिसका इस वीडियो में यह दावा किया गया हैं की यह फार्मूला रातों रात स्किन के कलर को ना केवल निखार देगा बल्कि एक चमक दमक के साथ साथ चेहरे पर पड़ने वाली झाइया और पीपल्स को भी बहुत हद तक खत्म करेगा | अगले पेज पर वीडियो में जानिए कैसे काली त्वचा को रातों रात टमाटर से करे गोरा

इस वीडियो में जो ख़ास बात लगी वह यह थी की त्वचा निखारने का इस वीडियो जितना कम समय बतया गया वही इनके बताये अनुसार जिस चीज से त्वचा का रंग निखरता हैं वह लगभग हर एक घर में उपलब्ध होती हैं वह हैं टमाटर|अब आज के समय में ऐसा कौन होगा भला जो ता,टमाटर को नही जानता हो ..?घर में सब्जियो में प्रयुक्त होने वाले टमाटर का ऐसा उपयोग हम दावा करते हैं आपने नही देखा होगा , एक टमाटर और चीनी की सहायता से रंग को गोरा करने के इस नायाब फोर्मुले को जानने के लिए यह वीडियो अवश्य देखिये
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