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महिलाओं के नारियल नहीं फोड़ने के पीछे छुपे हैं ये राज - Why women don't break coconut?

हिंदू संस्कृति में ऐसे बहुत से काम हैं जो महिलाओं के लिए वर्जित हैं, जिस पर कई बार लोगों ने आपत्तियां भी दर्ज की हैं। लेकिन ये आपत्तियां केवल बिना सर-पैर के नहीं है। इसके पीछे हिंदू-संस्कृति में कई कारण भी दिए जाते हैं। ऐसे ही कुछ वर्जित कार्यों में से विशेष है महिलाओं का नारियल ना फोड़ना। जी हां, हिंदू-संस्कृति में महिलाओं को नारियल फोड़ने की मनाही है।वैसे हिंदू धर्म में नारियल को बहुत अधिक शुभ माना जाता है और अक्सर बहुत नए या जरूरी व शुभ काम करने से नारियल का फोड़ना शुभ और जरूरी माना जाता है।

लोग तो नए काम की नींव ही नारियल फोड़ कर करते हैं। लेकिन क्या आपने कभी ऐसा सोचा है क्यों?मान्यता है कि नारियल को श्रीफल भी कहते हैं। किसी भी नए काम का श्रीगणेश करने से पहले श्रीफल फोड़ने के पीछे एक पुरानी मान्यता है। मान्यता है कि जब भगवान विष्णु ने पृथ्वी पर अवतार लिया तो वे अपने साथ तीन चीजें लेकर आए थे, देवी लक्ष्मी, नारियल का वृक्ष तथा कामधेनु। इसलिए नारियल के वृक्ष को श्रीफल भी कहा जाता है।

नारियल बिना हर पूजा अधूरी
हर पूजा को नारियल के बिना अधूरा समझा जाता है और पूजा के अंत में नारियल फोड़ना जरूरी समझा जाता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि सिर्फ पुरुष ही क्यों नारियल फोड़ते हैं? क्यों पंडित और घर के बुजुर्ग महिलाओं को नारियल फोड़ने से मना करते हैं?

इस कथा में छुपा है राज
इसके पीछे का राज इस पौराणिक कथा में छुपा है। जब विश्व का निर्माण करने के लिए ब्रह्मा  निकले तो उन्होंने विश्व का निर्माण करने से पहले नारियल का निर्माण किया। माना जाता है कि नारियल में ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों ही देवताओं का वास है। इस कारण से भी महिलाओं को नारियल से दूर रखा जाता है।

ये भी है कारण
दरअसल नारियल को लोग बीज भी मानते हैं। अब क्योंकि माहिलाएं शिशुओं को जन्म देती हैं, जिससे इस संसार का चक्र जारी रहता है। ऐसे में नारियल को फोड़ने का मतलब है की बीज को फोड़ना। तो इसलिए माना जाता है कि दूसरे को जन्म देने वाली महिलाएं खुद से एक बीज को कैसे नुकसान पहुंचा सकती हैं। इसलिए उन्हें नारियल फोड़ने से रोका जाता है।

ये कमाल भी कर सकती है फिटकरी, बस घर की इन जगहों पर रखकर देखें

हमारे घर में कई ऐसी चीजें मौजूद रहती हैं, जो बड़े काम की होती हैं मगर हम उनके ज्यादातर फायदों से अनजान रहते हैं। अब जैसे कि फिटकरी को ही ले लीजिए, हम में से ज्यादातर ने गांवों में पानी साफ करने के लिए फिटकरी का इस्तेमाल करते देखा होगा या फिर खुद आपने भी त्वचा के कटने-छिलने पर खून बंद करने के लिए उस जगह पर फिटकरी रगड़ा होगा। वहीं दांतों की समस्या हो या फिर चेहरे की झुर्रियों व पसीने की बदबू को दूर करने में भी फिटकरी फायदेमंद है।

दरअसल, इसमें एंटी-बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं और आयुर्वेद में भी इसके कई फायदों का उल्लेख है। मगर फिटकरी के कई ऐसे फायदे भी हैं, जिनसे आप अनजान होंगे और ये फायदे आपके घर की शांति व सुख-समृद्धि से जुड़े हैं। बस इसके लिए आपको फिटकरी का कुछ इस तरह इस्तेमाल करना होता है। अब कहने को तो ये अंधविश्वास की बातें हैं, मगर वास्तु और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इनका अपना खास महत्व है-

- हर कोई चाहता है कि उसका घर खुशियों से भरा रहें, मगर वास्तु दोष की वजह से तमाम कोशिशों पर पानी फिर जाता है। किसी भी घर के कमरे की खिड़की, दरवाजेे या बालकनी का ऐसी दिशा में खुलना, जिस ओर कोई खंडहरनुमा मकान स्थित हो या वहां कोई उजाड़ जमीन या प्लाट पड़ा हो या फिर बरसों से बंद पड़ा कोई घर हो, श्मशान या कब्रिस्तान हो तो यह बेहद अशुभ माना जाता है। ऐसे घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह सुनिश्चित करने के लिए किसी शीशे की प्लेट में फिटकरी के कुछ छोटे-छोटे टुकड़े खिड़की या दरवाजे या बालकनी के पास रख दें और उन्हें हर महीने नियम से बदलते रहें तो वास्तुदोष से मुक्ति मिल सकती है।

- इसी तरह बाथरूम में खड़े नमक या फिटकरी से भरा एक कटोरा रखें और हर महीने इस कटोरे के नमक या फिटकरी को बदलती रहें। माना जाता है कि हवा में मौजूद नमी के साथ-साथ यह नमक आसपास की नकारात्मक ऊर्जा को भी अपने अंदर समाहित कर लेता है।

- परिवार के सदस्यों में झगड़े होते हों तो परिवार का मुखिया रात्रि को अपने पलंग के नीचे एक लोटा पानी रख दे और सुबह गुरुमंत्र अथवा ईष्टदेव के नाम का उच्चारण करके वह जल पीपल को चढ़ाए। इससे पारिवारिक कलह दूर हो सकते हैं और घर में शांति का वास होगा।

- कहते हैं किसी दुकान या प्रतिष्ठान के मुख्य द्वार पर काले कपड़े में फिटकरी बांधकर लटका देने से बरकत बरकरार रहती है।

- माना जाता है धन प्राप्ति के लिए रोज रात को सोते समय अपने दांत फिटकरी से साफ करेंगे तो लाभ होगा। इसके अलावा आप कभी कभार फिटकरी के पानी से स्नान भी करें।

- बुरे स्वप्न से मुक्ति दिलाने में भी फिटकरी कारगर है। आप सोने वाले बिस्तर के नीचे काले कपड़े में फिटकरी बांधकर रखें। इससे बुरे स्वप्न नहीं आएंगे और व्यक्ति हर तरह के भय से मुक्त हो जाता है। अगर बच्चे बुरे स्वप्न से डरते हैं तो किसी भी मंगलवार या रविवार के दिन फिटकरी का एक टुकड़ा बच्चे के सिरहाने रख दें।

आपके बेजान रिश्ते को प्यार से भर देंगी ये वास्तु टिप्स

किसी भी रिश्ते में अगर प्यार न हो तो उन रिश्तों को निभाना बहुत कठिन हो जाता है। इसी प्रकार अगर आपकी जिंदगी में भी प्यार का अभाव है तो इन वास्तुटिप्स को अपनाकर आप भी अपनी बेजान जिंदगी को प्यार से भर सकते हैं।

भाग्य
भाग्य पर यकीन करने वाले लोग इसके प्रभाव को नकार नही सकते। कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो इन बातों पर भरोसा नही करते। लेकिन अगर रिश्तों में भी भाग्य बहुत मायने रखता है।

प्यार में असफलता
आपके चाहे कितने ही प्रेम संबंध रहे हों और आप कई बार शादी भी कर चुके हों। लेकिन ये आपका दुर्भाग्य ही कहलायेगा की आपका कोई भी संबंध ज्यादा दिन तक नही टिक पाया।

कोसना
अपनी असफलताओं के लिये सारी जिंदगी भाग्य को कोसना सही उपाय नही है और न ही कोसने से आपकी समस्या का हल निकल आयेगा। अगर आप वाकई अपनी लव लाइफ की परेशानियों का हल चाहते हैं तो आप वास्तुशास्त्र को अपना सकते हैं। वास्तुशास्त्र की सहायता से आप अपने प्रेम संबंधों को मजबूत और मजेदार बना सकते हैं, बस शर्त ये है कि इसका प्रयोग सही प्रकार से किया जाए तो ही यह विद्या अपना फल देती है।

'टी' शेप
सबसे पहले आपको यह जांचना होगा कि आपकेसंबंध की सबसे बड़ी कठिनाई क्या है। अगर आपका घर 'टी' शेप का है और दक्षिण-पश्चिमी दिशा में स्थित है तो यही आपकी परेशानियों का कारण है।

सकारात्मक ऊर्जा
ऐसे घर में रहने से सकारात्मक ऊर्जा विभाजित होकर आप तक पहुंचती है जो आपके प्रेम संबंधों पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है। अब जबकिइतनी आसानी से घर नहीं बदला जा सकता तो वास्तु के अनुसार इसका एक हल है।

लैंप शेड्स
बेडरूम के दक्षिण-पश्चिमी छोर पर सौम्य रंगों के लैंपशेड्स टांगने से प्रेम ऊर्जा बेडरूम तक आसानी से पहुंचती है।

बेड के सामने शीशा
बेड के सीधे सामने कभी भी शीशा नहीं होना चाहिए। ये विवाहित दंपत्ति के बीच क्लेश पैदा करता है। अगर आपके भी बेड के बिल्कुल सामने किसी भी प्रकार का शीशा है तो इससे जल्द से जल्द छुटकारा पाइए।

शीशा
'टी' शेप के हर संगम पर आप एक शीशा टांगकर इस नकारात्मक ऊर्जा को प्रभावहीन बना सकते हैं।

बेडरूम के लिये वास्तु
वे लोग विवाह करने के लिए प्रयास कर रहे हैं उन्हें अपने बेडरूम में हल्के पिंक या किसी भी अन्य हल्के रंग की बेडशीट बिछानी चाहिए।

पानी वाली वस्तु
अगर आपको घर में फिश एक्वेरियम या स्विमिंग पूल का शौक हैं तो पानी से जुड़ी कोई भी चीज घर के उत्तर-पूर्वी स्थान पर होनी चाहिए। इन्हें बेडरूम से दूर रखना चाहिये। अगर ऐसा नहीं होता तो घर के पुरुषों के अपनी साथी को धोखा देने की संभावनाएं रहती हैं।

पश्चिमी दिशा
घर की पश्चिमी दिशा में अगर कोई बेसमेंट खाली पड़ा है तो यह विवाहित दंपत्ति के बीच अवसाद का कारण बन सकता है।

ब्रास बेल
इसलिए इसे भरने की कोशिश करें, अगर यह मुमकिन नहीं है तो इस बेसमेंट के बाहर एक 'ब्रास बेल' टांग सकते हैं।

अगर हो गई है शादी की उम्र तो वास्तु के हिसाब से भूलकर भी लड़के ना करें ये गलतियां

वास्‍तु के हिसाब से
वास्‍तु के हिसाब से

वास्‍तु के हिसाब से
वास्‍तु के हिसाब से
वास्‍तु के हिसाब से
कहते हैं अगर घर का वास्तु सही हो तो बिगड़े काम भी बन जाते हैं। वहीं शादी का मामला तो बहुत ही नाजुक होता है, जरा सी ऊंच नीच से रिश्ता जुड़ने से पहले ही टूटने का खतरा मंडराने लगता है। अब अगर आपकी भी शादी की उम्र हो गई है और इस तरह की स्थिति से जूझ रहे हैं तो तनाव लेने की कोई जरूरत नहीं है, वास्तु के हिसाब से बस ये बदलाव करके देखिए। आपको जरूर फायदा मिलेगा।

- सबसे पहले तो आप इस बात पर गौर फरमाएं कि आप किस दिशा में सोते हैं। वास्तु के अनुसार, शादी योग्य कुंवारे लड़कों को दक्ष‌िण और दक्ष‌िण-पश्च‌िम द‌िशा में नहीं सोना चाह‌िए। इससे शादी में बाधा आती है। माना जाता है क‌ि इससे अच्छे र‌‌िश्ते नहीं आते हैं।

- आपको अपना बिस्तर इस तरह रखना चाहिए कि सोते समय पैर उत्तर और सिर दक्षिण दिशा में हो। सोने के इस सबसे महत्वपूर्ण नियम की अनदेखी नहीं करनी चाहिए।

- ज‌िन कमरों में एक से अध‌िक दरवाजे हों उस कमरे में शादी योग्य लड़कों को सोना चाह‌िए।

- ज‌िन कमरों में हवा और रोशनी का प्रवेश कम हो, उन कमरों में नहीं सोना चाह‌िए।

- कई कमरे ऐसे होते हैं, जहां से किरणें लटकी हुई दिखाई देती है। ऐसे कमरे में नहीं सोना चाहिए। अगर आप ऐसे कमरे में सोएंगे तो शादी में देरी होती जाएगी।

एक रुपए की इस चीज को रखें अपनी तिजोरी में, तुरंत आएगी धनलक्ष्मी

अगर आप अपने घर या व्यापार स्थल पर अखंड लक्ष्मी का वास चाहते हैं तो इसके लिए आपको इन जगहों को पूर्णतया पवित्र तथा सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण रखना होगा। ऐसा नहीं होने पर घर के सौभाग्य को दुर्भाग्य में बदलते देर नहीं लगती। इसके लिए आप शास्त्रों में दिया गया एक छोटा सा और लगभग निशुल्क सा उपाय अपना सकते हैं।

शास्त्रानुसार भगवान गणेश ही घर की रिद्धि और सिद्धी के दाता है। अतः रोजाना भगवान गणपति का पूजन करना चाहिए। साथ ही किसी अच्छे मुहूर्त (यथा रवि पुष्य या अन्य कोई दूसरे मुहूर्त) में गणेशजी की विशेष पूजा करें। इस पूजा में गणेशजी के स्वरूप में एक सुपारी भी रखी जाती है। पूजा पूर्ण होने के बाद इस सुपारी को अपने घर अथवा व्यापार स्थल की तिजोरी में रख दें।

विधि-विधान से पूजित इस सुपारी को तिजोरी में रखने के बाद से ही आपके घर में अखंड लक्ष्मी का वास हो जाएगा। इसके साथ ही आपके घर में भी सकारात्मक ऊर्जा बढ़ जाएगी जिसके शुभ प्रभावस्वरूप आपके बिगड़े काम भी बनने लगेंगे।

इन 7 उपायों से तुरंत खुश होते हैं कालभैरव, करते हैं मुंहमांगी इच्छा पूरी

कालभैरव को भगवान शिव का ही रौद्रावतार माना गया है। यूं तो उन्हें प्रसन्न करना बहुत ही कठिन है फिर भी तंत्र में कुछ ऐसे प्रयोग बताए गए हैं जिन्हें करने से भगवान कालभैरव प्रसन्न होकर भक्तों के सारे कष्ट हर लेते हैं और उन्हें मनचाहा वरदान दे देते हैं। आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ उपाय, जिन्हें करने से आपके दिन बदल जाएंगे।

(1) एक रोटी पर अपनी तर्जनी तथा मध्यमा (पहली और दूसरी) अंगुली से तेल में डुबोकर लाइन खींचें। इस रोटी को किसी भी दो रंग वाले कुत्ते को खिला दें। अगर कुत्ता खा लेता है तो समझे कि भैरूंजी का आशीर्वाद मिल गया। लेकिन अगर कुत्ता रोटी सूंघ कर आगे बढ़ जाएं तो इस क्रम को जारी रखें। इस उपाय को रविवार, बुधवार या गुरुवार के दिन ही करना चाहिए।

(2) शनिवार की रात उड़द के पकौड़े कड़वे तेल में बनाएं तथा रात भर उन्हें ढक कर रख दें। सुबह जल्दी उठकर सुबह ही बिना किसी से बोले उन्हें लेकर निकल जाएं और रास्ते में जो भी पहला कुत्ता मिले, उसे खाने के लिए दे दें। पकौड़े डालने के बाद पीछे मुड़कर न देखें। इस प्रयोग को केवल रविवार को ही करना चाहिए।

(3) रेलवे स्टेशन पर जाकर किसी कोढ़ी, भिखारी को मदिरा की बोतल दान करें।

(4) रविवार या शुक्रवार को किसी भी भैरव मंदिर में गुलाब, चंदन और गुगल की खुशबूदार 33 अगरबत्ती जलाएं।

(5) सवा सौ ग्राम काले तिल, सवा सौ ग्राम काले उड़द, सवा 11 रुपए, सवा मीटर काले कपड़े में पोटली बनाकर भैरव नाथ के मंदिर में बुधवार के दिन चढ़ाएं।

(6) अपने घर के आसपास या किसी अन्यत्र जगह पर ऐसा कोई भैरव मंदिर ढूंढे जहां कोई पूजा करने न आता है। वहां रविवार की सुबह सिंदूर, तेल, नारियल, पुए और जलेबी लेकर पहुंच जाएं और पूरे विधि-विधान के साथ भैरव की पूजा करें। इसके बाद 5 से लेकर 7 साल तक के बटुकों यानी लड़कों को चने-चिरौंजी का प्रसाद बांट दें। साथ लाए जलेबी, नारियल, पुए आदि भी उन्हें बांटे। जल्दी ही आपकी मनोकामना पूरी होगी।

(7) सवा किलो जलेबी बुधवार के दिन भैरव नाथ को चढ़ाएं और कुत्तों को खिलाएं।

हनुमानजी के ये 4 छोटे अचूक उपाय करेंगे, तो दूर होगी हर बाधा, मिलेगा अपार धन

हिंदू शास्त्रों में मंगलवार को हनुमानजी का दिन माना गया है, लेकिन जो लोग शनिवार को हनुमान जी का पूजन करते हैं, उन्हें हनुमानजी, शनिदेव के साथ-साथ देवी लक्ष्मी का भी आशीर्वाद मिलता है। कलयुग के देवता हनुमानजी हैं। लिहाजा रामभक्त बजरंग बली चमत्कारिक सफलता देने वाले देवता माने गए हैं।

मंगलवार अथवा शनिवार के दिन उनके टोटके विशेष रूप से धन प्राप्ति के लिए किए जाते हैं। साथ ही यह टोटके हर प्रकार का अनिष्ट भी दूर करते हैं। जो लोग पूरी श्रद्धा व लगन से ये टोटके करते हैं, उन्हें जीवन में कभी धन की कमी महसूस नहीं होती। अपार धन मिलता है। यहां हम चार ऐसे टोटके या उपाय बता रहे हैं, जो बेहद सहज व सरल हैं। इन्हें करके देखिए...आपके जीवन में चमत्कार होगा...

पहला उपाय...
पीपल के वृक्ष की जड़ में तेल का दीपक जला दें। फिर वापस घर आ जाएं एवं पीछे मुड़कर न देखें। धन लाभ होगा।

दूसरा उपाय...
यदि धन लाभ की स्थितियां बन रही हों, फिर भी लाभ नहीं मिल रहा हो, तो मंगलवार या शनिवार के दिन गोपी चंदन की नौ टिकिया लेकर केले के वृक्ष पर टांग देनी चाहिए। स्मरण रहे यह चंदन पीले धागे से ही बांधना है।

तीसरा उपाय
एक नारियल पर कामिया सिन्दूर, मौली, अक्षत अर्पित कर पूजन करें। फिर हनुमानजी के मन्दिर में चढ़ा आएं। धन लाभ होगा।

चौथा उपाय
कच्ची धानी के तेल के दीपक में लौंग डालकर हनुमान जी की आरती करें। इस उपाय के करने से न सिर्फ शत्रु बाध खत्म होती...हर तरह के संकट दूर होते हैं, बल्कि अपार धन की भी प्राप्ति होती है।

इन सात रामबाण उपायों से प्रसन्न होंगी मां दुर्गा, बनेंगे हर बिगड़े काम

नवरात्र के दस दिन, लेकिन उपाय सिर्फ सात...वह भी ये ऐसे रामबाण उपाय हैं, जो बेहद सहज हैं और घर बैठे कर सकते हैं। नवरात्रों में इन उपायों के करने से मां दुर्गा अपने भक्तों पर अतिप्रसन्न होती हैं और जीवन खुशियों से भर जाता है। जी हां, 1 अक्टूबर से शारदीय नवरात्र शुरू हो रहे हैं।

अश्विन माह में आने वाले इन नवरात्रों में विशेष बात यह है कि इस बार नवरात्र नौ दिन की जगह दस दिन के होंगे। 01 अक्टूर से प्रारम्भ होकर 10 अक्टूबर तक चलने वाले नवरात्रों में देवी दुर्गा के विभिन्न रूपों की पूजा की जाएगी। जो जातक पूरे नौ दिन व्रत नहीं रह सकते हंै, वह अष्टमी या नवमी के दिन उपवास रखकर कन्या पूजन करके मां भगवती को प्रसन्न कर सकते हैं।

गौरतलब है कि नौ दिनों तक होने वाली नौ दुर्गा उपासना में सूर्य और चंद्रमा सहित अन्य नवग्रहों का भी विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है। इससे पहले वर्ष 2000 में दो तिथि लगातार दो दिनों तक होने के कारण नवरात्र 10 दिन के थे। 16 साल बाद फिर ऐसा संयोग बन रहा है। शक्ति आराधना के इन दिनों में कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए, इससे आपके सभी संकट दूर होकर जीवन अपार खुशियों से भर सकता है।
सात रामबाण उपाय....

1. नवरात्र के नौ दिन प्रात: और संध्या के समय घर के सभी सदस्य एक साथ मां दुर्गा का पूजन व आरती जरूर करें।
2. मां भगवती के सभी नौ रूपों का हर दिन पूजन कर उसी अनुरूप प्रसाद चढ़ाएं।
3. जो जातक पूरे नौ दिन व्रत नहीं रह सकते है, वह अष्टमी या नवमी के दिन उपवास रखकर कन्या पूजन करके मां भगवती को प्रसन्न कर सकते हैं।
4. प्रतिदिन पूजा के समय माता को शहद एवं इत्र अवश्य चढ़ाएं।
5. नवरात्रि को मां दुर्गा के साथ हनुमानजी व भैरव की पूजा विशेष फलदायी है।
6. कलश पर नारियल हमेशा रखें और विशेष कामना के लिए कलश को घी से भरें।
7. कलश के नीचे बोई गई जौं थोड़ी-सी उखाड़ कर धन स्थान यानी तिजोरी में रखें। यह उपाय बेहद अचूक है। आपकी तिजोरी कभी खाली नहीं होगी। धन वृद्धि होगी। घर में हमेशा खुशी को माहौल रहेगा।

अपने बालों के तेल में इन बीजों को मिलायें और 4 हफ्तों में लंबे घने बाल पायें

अधिकांश लड़कियाँ आम तौर पर मुझसे पूछती हैं की कैसे जल्दी से लंबे बाल पायें? सबसे पहले मुझे उन सब से कहना है कि यह प्राकृतिक प्रक्रिया है जो कि अपना पूरा समय लेती है. लेकिन आज आपको बता दूँ कि एक ऐसी चीज़ है जो कि निश्चित रूप से बालों के बढ़ने की स्पीड बढ़ा सकती है.

आप को आवश्यकता होगी:
नारियल का तेल – 100 मिलीलीटर
    मेथी के बीज – 10 ग्राम
    प्याज के बीज (काले कालोंजी) – 10 ग्राम

सबसे पहले मेथी के बीजों को कूटकर या पीस कर एक मोटे पाउडर की तरह बना लें. इसी तरह प्याज के बीजों को पीस लें. अब ये दोनों पाउडर एक काँच के जार में मिक्स करलें  और नारियल तेल के साथ जार में भर दें.

अब एक पैन में थोड़ा पानी उबाल लें. पानी उबाल जाए तो, गैस बंद कर दें. अब इस गर्म पानी में तेल की बोतल डुबो दें. सीधे तेल को गरम नहीं करना है क्योंकि यह आग पकड़ सकता है. तो गर्म पानी का उपयोग करके इसे गर्म कर सकते हैं. इसे 15 मिनट के लिए गर्म पानी में रहने दें. उसके बाद तेल का जार बाहर निकाल लें. 4 दिनों के लिए सीधे ही धूप में तेल के जार को रख दें. अब बाल बढ़ाने वाला तेल तैयार है.

4 दिन बाद, आप अपने सिर और बालों की मालिश करने के लिए इस तेल का उपयोग कर सकते हैं. यह आपके बालों के बढ़ने की स्पीड को बढ़ा देगा.

सोने से पहले कमरे में जलाएं सिर्फ 1 तेज पत्ता, होगा ये फायदा

रात को अच्छी नींद सोना है तो ज़रूरी है आपको किसी तरह का कोई तनाव न हो। आपका मन शांत हो। आप सुकून महसूस करें। लेकिन अमूमन ये हो नहीं पाता। दिनभर चाहे आप दफ्तर में रहें, कॉलेज जाएं या घर के कामों में उलझे रहें… तनाव हो ही जाता है। तनाव यानी स्ट्रेस। ये तनाव आपको रात को सोने नहीं देता।

ये आपको मानसिक और शारीरिक तरीके से नुकसान पहुंचाता है। अगर आप छोटी सी कोशिश करें तो
तनाव को मिनटों में दूर कर सकते हैं। इसके लिए आपको ज्यादा कुछ नहीं बस एक तेज़ पत्ता चाहिए।

तेज़ पत्ता हर किसी की किचन में बड़े ही आराम से मिल जाता है। ये सिर्फ 5 मिनट में आपके तनाव को दूर करने की क्षमता रखता है। एक रशियन साइंटिस्ट ने इस पर स्टडी की और पाया कि यह हमारे तनाव को दूर कर सकता है। यही वजह है कि तेज पत्‍ते को अरोमाथैरेपी के लिये इस्‍तेमाल किया जाता है। इसके अलावा, तेज़ पत्ता यह त्‍वचा की बीमारियों और सांस से संबन्‍धित समस्‍याओं को भी ठीक करने के लिये जाना जाता है।
कैसे करें इस्तेमाल

एक तेज पत्‍ता लें और उसे किसी कटोरी या एैशट्रे में जला लें। अब इसे कमरे के अंदर लाकर 15 मिनट के लिए रख देंगे। आप पाएंगे कि तेज पत्‍ते की खुशबू पूरे कमरे में भर जाएगी। साथ ही आपको कमरे का माहौल काफी सुकून वाला लगेगा। ये आपको स्पा एक्सपीरियेंस देगा। कुछ देर इस कमरे में रिलेक्स होकर बैठ जाएं, आपको अपने अंदर सुकून बहता हुआ महसूस होगा और आपका तनाव कम होने लगेगा।

करोड़पति बनना है तो शुक्रवार को करें ये उपाय, मां लक्ष्मी भर देगी आपके भंडार

तंत्र शास्त्र के अनुसार यदि मां महालक्ष्मी की आराधना शुक्रवार के दिन की जाए तो उन्हें बहुत जल्दी प्रसन्न किया जा सकता है। इसके लिए ग्रंथों में कुछ उपाय भी बताए गए हैं। आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ उपाय जिन्हें करने से मां लक्ष्मी आप पर प्रसन्न हो जाएगी और आजीवन धनी बनने का आशीर्वाद देंगी।

(1) शुक्रवार के दिन शाम को गाय के घी का दीपक घर के ईशान कोण में जलाएं। इस दीपक में थोड़ा सा केसर डालें तथा रूई के स्थान पर लाल रंग के सूती धागे का प्रयोग करें। इससे शीघ्र ही धन-सम्पदा आने के योग बनते हैं।

(2) शुक्रवार को 7 कुंवारी लड़कियों को घर बुलाकर उन्हें भोजन करवाएं। भोजन में केसर युक्त खीर अवश्य खिलाएं तथा दक्षिणा व वस्त्र दें। इस उपाय से जल्दी ही धन प्राप्ति होती है।

(3) शुक्रवार के दिन एक पीला कपड़ा लेकर उसमें पांच पीले रंग की कौड़ी, थोड़ा सा केसर तथा सिक्के डालें। इन सब को बांधकर उन्हें उन्हें अपनी तिजोरी में या गल्ले में रख दें। इसके प्रभाव से कुछ ही दिनों में आपकी धन संबंधी सभी समस्याएं समाप्त हो जाएंगी और घर में पैसा आना शुरु हो जाएगा।

(4) शुक्रवार के दिन भगवान विष्णु का दक्षिणावर्ती शंख में जल भरकर अभिषेक करे। अभिषेक के बाद उनकी विधिवत पूजा-अर्चना करें। इस उपाय से भी घर में दिन दूना रात चौगुना पैसा आना शुरु हो जाता है।

(5) शुक्रवार के दिन गरीबों को सफेद रंग की वस्तु अथवा खाद्य पदार्थ का दान करें। इससे धन से जुड़ी सारी समस्याएं समाप्त हो जाती हैं।

(6) शुक्ल पक्ष में पडऩे वाले किसी शुक्रवार के दिन पत्नी अपने हाथों से प्रेम पूर्वक साबूदाने की खीर बनाएं लेकिन उसमें शक्कर के स्थान पर मिश्री डालें। इस खीर को सबसे पहले भगवान को अर्पित करें और इसके बाद पति-पत्नी थोड़ी-थोड़ी एक-दूसरे को खिलाएं। इसी दिन किसी मंदिर में इत्र का दान करें।

एक चुटकी नमक से आप भी बन सकते हैं करोड़पति, जाने कैसे

ज्योतिष के अनुसार नमक में एक विशेष आकर्षण शक्ति होती है। इसी विशेषता के दम पर नमक न केवल वशीकरण के काम आता है वरन कुछ खास तंत्र प्रयोग करने वालों को करोड़पति भी बना देता है। इसका इस्तेमाल घर से नकारात्मक ऊर्जा को दूर भगाने में भी होता है। आइए जानते हैं नमक के कुछ ऐसे ही टोटके

(1) डली वाला काला नमक लाल रंग के कपड़े में बांधकर घर के मुख्य द्वार पर लटकाने से घर में किसी प्रकार की बुरी शक्ति यथा भूत, प्रेत आदि नकारात्मक शक्तियां प्रवेश नहीं कर पाती। डली वाला काला नमक अपनी दुकान के मेन गेट तथा तिजोरी के ऊपर लटकाने से व्यापार में दिन दूनी रात चौगुनी तरक्की होने लगती है।

(2) अगर घर में किसी सदस्य या बच्चे को नजर लग गई है तो एक चुटकी नमक लेकर तीन बार उसके ऊपर से घुमाकर बाहर फेंक दें। इससे तुरंत ही नजर दूर हो जाती है।

(3) वास्तु विज्ञान के अनुसार शीशा तथा नमक दोनों ही राहू की कारक वस्तु है। अतः एक शीशे के प्याले में नमक भरकर शौचालय और स्नान घर में रखना चाहिए इससे वास्तुदोष दूर होता है। इससे नकारात्मक ऊर्जा तो दूर होगी ही साथ में सूक्ष्म कीट-काटाणुओं का भी नाश होता है।

(4) घर के किसी कोने में एक शीशे के बर्तन में नमक भरकर घर के किसी कोने में रखने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। अगर किन्हीं कारणों से मन में बुरे विचार या डर पैदा हो रहा है तो उसका भी निवारण हो जाता है।

(5) हफ्ते में एक दिन पानी में चुटकी भर नमक मिलाकर बच्चों को नहलाने से उन्हें नजर नहीं लगती और बच्चों को एलर्जी संबंधी बीमारियां भी नहीं होंगी।

(6) रात को सोते समय पानी में एक चुटकी नमक मिलाकर हाथ पैर धोने से शरीर तथा मन का तनाव दूर होता है और नींद अच्छी आती है। घर में सकारात्मक ऊर्जा की वृद्धि के लिए रॉक साल्ट लैंप रख सकते हैं।

विवाह के बाद स्त्रियों के लिए ये 16 सिंगार क्यों धर्म-शास्त्रों में शुभ शगुन माने गए हैं।

भारतीय धर्म ग्रंथों में बिना सिंगार के स्त्री को अधूरा माना गया है। क्योंकि विवाहित स्त्रियों के लिए सिंगार को सुहाग का प्रतीक माना जाता है। इसीलिए सभी सुहागनों के लिए सिंगार बहुत जरूरी है। एक तरह से धर्म-शास्त्रों में शुभ शगुन माने गए हैं।

बता दें कि, बिंदी, कंगन और चूडिय़ां, सिंदूर, काजल, मेहंदी, लाल कपड़े, गजरा आदि हिन्दू महिलाओं के लिए 16 श्रृंगार का विशेष महत्व है। विवाह के बाद स्त्री इन सभी चीजों को अनिवार्य रूप से धारण करती है। एमपी पत्रिका यहां हर एक सिंगार का अलग-अलग महत्व बता रहा है।

1-बिंदी
हिन्दू परिवारों में सदियों से यह परंपरा चली आ रही है कि सुहागिन स्त्रियों को कुमकुम या सिंदूर से अपने माथे पर लाल बिंदी जरूर लगाना चाहिए। इसे परिवार की समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।

2-कंगन और चूडिय़ां
सास अपनी बडी़ बहू को मुंह दिखाई रस्म में सुखी और सौभाग्यवती बने रहने के आशीर्वाद के साथ वही कंगन देती है, जो पहली बार ससुराल आने पर उसकी सास ने उसे दिए थे। पारंपरिक रूप से सुहागिन स्त्रियों की कलाइयां चूडिय़ों से भरी रहनी चाहिए।

3-सिंदूर
सिंदूर को सुहाग का प्रतीक माना जाता है। सात फेरों के बाद जब दूल्हा-दुल्हन की मांग भरता है तो इसका मतलब होता है कि वह उसका साथ जीवन भर निभाएगा। इसलिए विवाह के बाद स्त्री को पति की लंबी उम्र की कामना के साथ रोज मांग भरना चाहिए।

4-काजल
काजल आंखों का सिंगार है। इससे आंखों की सुंदरता तो बढ़ती ही है, साथ ही,काजल की बुरी नजर से भी बचाता है। इसे भी धर्म-ग्रंथों में सौभाग्य का प्रतीक माना गया है।

5-मेहंदी
मेहंदी के बिना सिंगार अधूरा माना जाता है। इसलिए त्यौहार पर परिवार की सुहागिन स्त्रियां अपने हाथों और पैरों में मेहंदी रचाती है। इसे सौभाग्य का शुभ प्रतीक तो माना ही जाता है। साथ ही, मेहंदी लगाना त्वचा के लिए भी अच्छा होता है।

6-लाल कपड़े
शादी के समय दुल्हन को सुसज्जित शादी का लाल जोड़ा पहनाना शुभ माना जाता है। शादी के बाद भी कोई त्यौहार हो या कोई भी शुभ काम हो और घर की स्त्रियां लाल रंग के कपड़े पहने तो बहुत शुभ माना जाता है।

7-गजरा
यदि कोई सुहागन स्त्री रोज सुबह नहाकर सुगंधित फूलों का गजरा लगाकर भगवान की पूजा करती है तो बहुत शुभ माना जाता है। कहा जाता है कि ऐसा करने से घर में स्थिर लक्ष्मी का निवास होता है।

8-मांग टीका
मांग के बीचों बीच पहना जाने वाला यह स्वर्ण आभूषण सिंदूर के साथ मिलकर स्त्री की सुंदरता में चार चांद लगा देता है। इसे भी सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है।

9-नथ या कांटा
शादी के बाद यदि कोई स्त्री नाक में नथ या कांटा नहीं पहनती तो उसे अच्छा नहीं माना जाता है, क्योंकि इसे भी सौभाग्य से जोड़कर देखा जाता है।

10-कान के गहने
कान में पहने जाने वाले आभूषण कई तरह की सुंदर आकृतियों में आते हैं। विवाहिता स्त्री के लिए इसे शुभता का प्रतीक माना जाता है। साथ ही, कान छेदन से कई बीमारियां भी दूर रहती हैं।

11-हार
गले में पहना जाने वाला सोने या मोतियों का हार पति के प्रति सुहागन स्त्री के वचनबद्धता का प्रतीक माना जाता है। शादी के समय वधू के गले में वर मंगलसूत्र पहनाने की रस्म निभाता है। इसलिए गले में हार या मंगलसूत्र पहनना शुभ माना जाता है।

12-बाजूबन्द
कड़े के समान आकृति वाला यह आभूषण सोने या चांदी का होता है। यह बांहों में पूरी तरह कसा रहता है, इसी कारण इसे बाजूबंद कहा जाता है। किसी भी त्यौहार या धार्मिक आयोजन पर सुहागन स्त्रियों का इसे पहनना शुभ माना जाता है।

13-अंगूठी
शादी के पहले सगाई की रस्म में वर-वधू एक-दूसरे को अंगूठी पहनाते हैं। अंगूठी को सदियों से पति-पत्नी के आपसी प्यार और विश्वास का प्रतीक माना जाता रहा है। शादी के बाद भी स्त्री का इसे पहने रहना शुभता का प्रतीक माना जाता है।

14-कमरबंद
कमरबंद कमर में पहना जाने वाला आभूषण है, जिसे स्त्रियां विवाह के बाद पहनती है। इससे उनकी छरहरी काया और भी आकर्षक दिखाई देती है। कमरबंद इस बात का प्रतीक कि स्त्री अपने घर की स्वामिनी है।

15-बिछुआ
पैरों के अंगूठे में रिंग की तरह पहने जाने वाले इस आभूषण को अरसी या अंगूठा कहा जाता है। इस आभूषण के अलावा स्त्रियां छोटी उंगली को छोड़कर तीनों उंगलियों में बिछुआ पहनती है। बिछुआ स्त्री के सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है।

16 पायल
पैरों में पहने जाने वाले इस आभूषण के घुंघरुओं की सुमधुर ध्वनि को बहुत शुभ माना जाता है। हर सौभाग्यवती स्त्री को पैरों में पायल जरूर पहनना चाहिए।

हमारे धर्म-ग्रंथों में सिंगार का विशेष महत्व दिया गया है। हर एक सुहागिन महिलाओं को अपने पति की दीर्घायु के लिए 16 सिंगार करना चाहिए। विवाह के बाद स्त्री इन सभी चीजों को अनिवार्य रूप से धारण करे।

नींबू-लौंग के ये टोटके 24 घंटों में दूर करेंगे आपकी हर समस्या

तांत्रिक ग्रंथों में कई ऐसे प्रयोगों के बारे में बताया गया है जिनकी मदद से असंभव कार्य को भी संभव बनाया जा सकता है। इन प्रयोगों में विशेष पौधे, पूजा सामग्री, फल तथा अन्य चीजों का उपयोग होता है। तंत्र के अनुसार नींबू तथा लौंग के टोने-टोटके द्वारा जीवन की कई समस्याओं को एक झटके में खत्म किया जा सकता है। लेकिन नींबू के टोटके करते समय ये बातें जरूर ध्यान रखें

(1) जब भी टोटका करने के बाद नींबू फेंके तो पीछे मुड़कर कभी न देखें। सीधे अपने घर की तरफ आ जाएं।

(2) कभी-कभी रोड पर नींबू-मिर्च पड़ी हुई दिख जाती है, किसी चौराहे या तिराहे पर कोई नींबू या नींबू के टुकड़े पड़े रहते हैं तो ध्यान रखें उन हमारा पैर नहीं लगाना चाहिए।

नींबू लौंग के टोटके

(1) यदि घर में किसी बच्चे या बड़े व्यक्ति को बुरी नजर लग जाए तो उसके सिर से पैर तक सात बार नींबू वार लें। इसके बाद इस नींबू के चार टुकड़े करके किसी सुनसान स्थान या किसी तिराहे पर फेंक दें। ध्यान रखें नींबू के टुकड़े फेंकने के बाद पीछे न देखें और सीधे घर आ जाएं। नजर तुरंत दूर हो जाएगी।

(2) यदि किसी व्यक्ति का व्यापार ठीक से नहीं चल रहा है तो उसे शनिवार के दिन नींबू का तांत्रिक उपाय करना चाहिए। इस उपाय के अनुसार एक नींबू को दुकान की चारों दीवारों से स्पर्श कराएं। इसके बाद नींबू को चार टुकड़ों में अच्छे से काट लें और चौराहे पर जाकर चारों दिशाओं में नींबू का एक-एक टुकड़ा फेंक दें। इससे दुकान, व्यापार स्थल की नेगेटिव एनर्जी नष्ट हो जाएगी।

(3) घर की नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए घर में नींबू का पेड़ लगाए। नींबू के पेड़ से आसपास का वातावरण सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर रहता है। इसके साथ ही नींबू का पेड़ घर में लगाने से घर का वास्तु दोष भी दूर होता है।

(4) प्रचलित मान्यता के अनुसार अगर सुई लगा नींबू किसी बीमार के सिर पर से 7 बार वार (उसार) कर चौराहे पर रख देना चाहिए। चौराहे से जाते हुए जो भी व्यक्ति उस नींबू को पार कर चला जाएगा या उसे स्पर्श करेगा तो बीमार व्यक्ति की सारी बीमारी उसको को लग जाती है।

(5) यदि कोई व्यक्ति अचानक ही बीमार हो जाए तथा उस पर दवाओं का कोई असर न हों तो इसके लिए भी नींबू का उपाय किया जाता है। ऐसी स्थिति में एक साबूत नींबू के उपर काली स्याही से 307 लिख दें और उस व्यक्ति के उपर उल्टी तरफ से 7 बार उतारें। इसके पश्चात उसी नींबू को चार भागों में इस प्रकार से काटें कि वह नीचें से जुड़े रहें। और फिर उसी नींबू को घर से बाहर किसी निर्जन स्थान पा फेंक दें। इस उपाय को करने से पीडि़त व्यक्ति 24 घंटों के अंदर ही स्वस्थ हो जायेगा।

(6) अगर आपको कड़ी मेहनत के बाद भी बार-बार असफलता मिल रही है तो नींबू का एक छोटा सा उपाय आपके सारे काम बना देगा। इसके लिए आप एक नींबू और 4 लौंग लेकर किसी निकट के हनुमान मंदिर में जाएं। वहां हनुमानजी की प्रतिमा के सामने बैठकर नींबू के ऊपर चारों लौंग लगा दें, इसके बाद हनुमानचालिसा का पाठ करें। पाठ करने के बाद हनुमानजी से सफलता दिलवाने की प्रार्थना करें और इस नींबू को जेबा में लेकर जाएं। आपको निश्चित ही सफलता मिलेगी।


हल्दी के अचूक टोटके, जिन्हें करते ही तुरंत होता है असर

भारतीय रसोई में काम आने वाली हल्दी के हेल्थ बेनीफिट्स तो सभी को मालूम है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि हल्दी के कुछ तंत्र प्रयोग (टोटके) भी है। दरअसल हल्दी की ही एक प्रजाति काली हल्दी को धन व बुद्धि का कारक माना जाता है। शास्त्रानुसार काली हल्दी के प्रयोग से सभी तरह के तंत्र प्रयोगों को आसानी से काटा जा सकता है। आइए जानते हैं काली हल्दी के कुछ ऐसे ही अचूक उपाय-
काली हल्दी के अचूक उपाय
(1) किसी भी नए कार्य पर निकलने से पहले काली हल्दी का टीका लगाकर निकलें, कार्य में अवश्य सफलता मिलेगी।
(2) अगर किसी व्यक्ति या बच्चे को नजर लग गई हैं तो काले कपड़े में काली हल्दी की गांठ बांधकर 7 बार उस पर से उसारें तथा बहते जल में बहा दें। नजर तुरंत उतर जाएगी।
(3) शुक्ल पक्ष के पहले शुक्रवार को चांदी की डिब्बी में काली हल्दी, नागकेसर तथा सिंदूर को साथ रखकर लक्ष्मीजी की तस्वीर के आगे रखें। थोड़ी देर बाद इसे आशीर्वाद स्वरूप मान कर अपने लॉकर या तिजोरी में रख दें। इससे घर में पैसा आना शुरु हो जाएगा।
(4) अगर घर में रोज गृहक्लेश होता हो तो सिद्ध की हुई काली हल्दी की एक गांठ को काले कपडे में लपेटकर घर के मेन गेट के बाहर टांग दें। घर में तुरंत शांति हो जाएगी और घर को नजर भी नहीं लगेगी।
(5) पीले कपड़े में काली हल्दी, 11 गोमती चक्र, एक चांदी का सिक्का तथा 11 कौड़िया बांधकर 108 बार "ऊं नमो भगवते वासुदेवाय नमः" का जाप करें तथा इस पूरे सामान सहित पोटली को लॉकर या तिजोरी में रख दें। इससे खराब से खराब बिजनेस में भी फायदा होने लगता है।
(6) अगर कोई व्यक्ति बहुत ज्यादा बीमार रहता है और सारे उपायों के बाद भी सही नहीं हो पा रहा है तो गुरुवार के दिन आटे के दो पेड़े बनाकर उसमें गीली चने की दाल के साथ गुड़ और थोड़ी सी पिसी काली हल्दी को दबाकर रोगी व्यक्ति के ऊपर से 7 बार उतार कर गाय को खिला दें। तुरंत आराम आ जाएगा।