30 दिनों में गंजो के सिर पर बाल उगाने का 100 % शर्तिया चमत्कारिक तेल

बालो की समस्या जैसे बालों का झड़ना, असमय सफेदी, रूसी की समस्या तो आम हो गई है। बालों की इन उलझनों के लिए चिरमिटी या गुंचा एक वरदान है! जी हाँ, आपके बालों को झड़ने, रुसी, सफेदी और गंजे होते सिर की समस्याओं को दूर करती है और बुढ़ापे तक आपके बालों की सभी समस्याओं से निजात दिलाता है। यह प्रयोग इतना प्रभावी है कि गंजो के बाल उगा देता है। यह पुरुषों के लिए जितना प्रभावी है उतना ही महिलाओं के लिए तो आइये जाने इस प्राकृतिक रामबाण उपाय के बारे में।
 
सामग्री -     250 ग्राम चिरमिटी/रत्ती/घुंघुचि/गुंचा

गुंचा या चिरमिटी का चमत्कारी तेल बनाने का तरीका
  1.     इसे बारीक पीस कर पाउडर बना छान ले। छानने के बाद जो ऊपर मोटा अंश बचे उसे फेंके नहीं।
  2.     अब छने हुए पाउडर मे से लगभग 50 ग्राम अलग निकाल कर रख लें।
  3.     बाकी बचे हुए सारे 200 ग्राम पाउडर को लगभग 1.5 लीटर पानी मे धीमी आग पर इतना उबाले कि उबल के पानी लगभग 500ml रह जाये। अब इस पानी को छान कर रख ले।
  4.     एक लौहे की कड़ाही मे लगभग 200 ग्राम तिल का तेल ले यदि तिल तेल का न मिले तो सरसों का भी ले सकते हैं परंतु तिल का तेल अधिक असरदार होता है। अब 500ml चिरमटी उबाल कर छाना हुआ पानी व 50 ग्राम चिरमटी का बचा हुआ पाउडर इन सभी को ठंडे तेल मे मिला ले। ध्यान रहे गरम तेल मे कुछ नही डालना है ऐसा नुकसानदायक हो सकता है। अब इस इस ठन्डे तेल में मिली सामग्री को धीमी आंच पर फिर से पकाए।
  5.     पकने उपरांत जब तेल मे से पानी लगभग जल जाए। तो यह टेस्ट करने के लिये की इसमें पानी का अंश पूर्ण रूप से जल गया है केवल मात्र तेल ही शेष बचा है। इसके परिक्षण के लिये एक लौहे की तार का टुकडा या बांस की झाडू की सींख ले उस पर काटन का फोया लपेट उसे तेल में भिगो आग पर रखे। यदि चटर पटर की आवाज आए तो समझे कि अभी तेल पूरी तरह नहीं पका है। उसमें पानी का अंश शेष है तो उसे धीमी आंच पर ओर गरम होने दे।
  6.     अगर तेल लगी हुई रूई तत्काल जल जाए तो समझे कि तेल पक गया है। तब इसे चूल्हे से उतार स्टील के टोप जैसे बर्तन में डाल के रख दें। साथ में तो यह ठंडा हो जायेगा और साथ ही इसमें से काला अंश टोप में निचे बैठ जायेगा। पूरी तरह ठंडा होने पर इस तेल को एक दम सूखी काँच या प्लास्टिक की बोतल में डाल लें। जिसमें पानी का अंश ना हो।
इस चमत्कारी तेल को लगाने का तरीका
  1.     यह तेल सिर पर दिन में 2 बार सुबह – शाम लगाए। लगभग 5 मिनट मालिश करे।
  2.     तेल प्रयोग के दौरान कोई भी साबुन या शैंपू सिर में न लगाए। सिर धोने के लिए खट्टी दहि – खट्टी लस्सी या नींबू का प्रयोग करे।
  3.     हमे आशा ही नही पूर्ण विश्वास है की सिर्फ 1 महीने प्रयोग के बाद आपको निराश नही होना पडेगा। आपकी इच्छानुरूप परिणाम मिलने शुरू हो जायेंगे। क्योंकि यह प्रयोग हमने जिस जिस व्यक्ति पर किया परिणाम 100% मिला।
कृपया ध्यान दे
  1.     चिरमिटी/रत्ती/घुंघुचि/गुंचा यह सब इसके नाम है।
  2.     यह सफ़ेद और लाल + काले रंग की मनके के समान होती है।
  3.     जड़ी बूटी बेचने वालो या पंसारी की दुकान पर आसानी से मिल जाती है
  4.     सफ़ेद रंग कि मिले तो वह ले – न मिले तो लाल काले रंग कि ले

नींबू-मिर्च दरवाजे पर लटकाएं, सेहत से जुड़े ये फायदे पाएं!

अक्सर लोगों को आपने अपने घर और आॅफिस के बाहर नींबू मिर्च लटकाते हुए देखा होगा। बहुत भारी संख्या में ऐसे लोग मौजूद हैं जो समझतेहैं कि नींबू मिर्च लगाने ये नजर नहीं लगती। जबकि ऐसा नहीं है। एक रिसर्च में यह साफ हो गया है कि घर के बाहर नींबू-मिर्च लटकाने से कई तरह के स्वास्थ्य लाभ होते हैं। माना जाता है कि नींबू-मिर्च केवल काले जादू से ही नहीं स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाली बुरी बीमारियों से भी बचाता है।

कितने नींबू-मिर्च लटकाएं - इस नींबू-मिर्च का टोटका केवल शनिवार को अपनाया जाता है। किसी भी शनिवार को प्रात:काल नहाकर एक नींबू और सात मिर्च को धागे से बांधकर दरवाजे पर लटकाया जाता है। नींबू हमेशा एक और मिर्च हमेशा पांच या सात ली जाती है।

इसे हर सप्ताह बदला जाता है।

वास्तु दोष मिटाता है नींबू-मिर्च
बुरी नजर के अलावा नींबू-मिर्च वास्तुदोष मिटाने के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है। माना जाता है कि जिस घर में नींबू का पेड़ होता है वहां किसी भी तरह की बुरी नजर और नकारात्मक ऊर्जा सक्रिय नहीं रहती। नींबू के पेड़ के आसपास का वातावरण शुद्ध और सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर रहता है। लेकिन शहरों में तो हर घर में नींबू का पेड़ नहीं लगाया जा सकता। इसलिए नींबू-मिर्च का इस्तेमाल किया जाता है।

हवा स्वच्छ रखें - मिर्च की तीखी खुशबू और नींबू की सुगंध हवा को स्वच्छ बनाए रखने का भी काम करती है। जिससे हवा के जरिये होने वाली सारी बीमारियां आपसे दूर रहती हैं। अगर यूं कहें कि नींबू-मिर्च एक तरह से एयर प्यूरीफायर का काम करती है तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी।

आज अमावस्या, करे लाल धागे का ये उपाए | घर में आएगी सुख शांति और मिटेगा क्लेश

आज अमावस्या, करे लाल धागे का ये उपाए | घर में आएगी सुख शांति और मिटेगा क्लेश

अमावस्या तिथि बहुत मायने रखती है। हिंदू पंचांग के अनुसार कृष्ण पक्ष का यह अंतिम दिन होता है। अमावस्या की रात्रि को चंद्रमा घटते-घटते बिल्कुल लुप्त हो जाता है। सूर्य ग्रहण जैसी खगोलीय घटनाएं केवल अमावस्या तिथि को ही घट सकती हैं।

सावन के महीने में पड़ने वाली अमावस्या का अपना अलग ही महत्व है. इसे हरियाली अमावस्याके नाम से भी जाना जाता है. यह त्योहार सावन में प्रकृति पर आई बहार की खुशी में मनाया जाता है.

आज दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत होकर भगवान शिव जी का विधि विधान से पूजन कर उनको भोग लगाकर अपने सुखी जीवन की कामना करें।

कुल मिलाकर अमावस्य तिथि बहुत महत्वपूर्ण होती है लेकिन धार्मिक रूप से तो अमावस्या और भी खास होती है। स्नान दान के लिये तो यह बहुत ही सौभाग्यशाली तिथि मानी जाती है विशेषकर पितरों की आत्मा की शांति के लिये हवन-पूजा, श्राद्ध, तर्पण आदि करने के लिये तो अमावस्या श्रेष्ठ तिथि होती है। आइये जानते हैं सावन अमावस्या व इसके महत्व के बारे में।

सभी दुखों को दूर करें हनुमान चालीसा की ये 5 चौपाइयां : 5 Hanuman Chalisa Mantra for Health

इन्द्र के  वज्र  से जब हनुमान जी मुर्छित हो गये थे तब पुत्र को छटपटाते हुए देखकर पिता वायुदेव ने अपना वेग रोक दिया और उस समय हनुमान जी को देवताओं ने विभिन्न वरदान दिए थे।  ब्रह्माजी ने हनुमानजी को वरदान दिया कि “इस बालक को कभी ब्रह्मशाप नहीं लगेगा और यह शत्रुओं के लिए भयंकर और मित्रो के लिए अभयदाता बनेगा एवं इच्छानुसार स्वरुप पा सकेगा।”

इन्द्रदेव ने हनुमानजी को वरदान दिया कि “मेरा वज्र भी इस बालक को नुकसान नहीं पहुंचा पायेगा।” सूर्यदेव ने भी कहा कि “इस बालक को में अपना तेज प्रदान करता हूं।” यमदेव ने वरदान दिया कि “यह बालक सदा निरोगी एवं मेरे दण्ड से मुक्त रहेगा”। कुबेर ने आशीर्वाद दिया कि “युद्ध में हनुमान कभी विषादित नहीं होगा तथा राक्षस भी इनको कभी हरा नहीं पाएंगे”। देवो के देव शिव ने भी अपना अभय वरदान हनुमान को दिया।

इन सभी वरदानों को प्राप्त कर, भगवान हनुमान जी कलयुग के प्रमुख एवं पूजनीय देवों में गिने जाते हैं। तुलसीदास जी द्वारा लिखी गयी, काव्यात्मक कृति ‘हनुमान चालीसा’ खुद में हज़ारों और लाखों मन्त्रों के समान शक्तिशाली बताई गयी है। वैसे तो पूरी ही हनुमान चालीसा बहुत महत्वपूर्ण है किन्तु हनुमान चालीसा की यह निम्न 5 चौपाइयां ही अगर सही से निरंतर जाप की जाए, तो सभी दुखों से इंसान को मुक्त कर सकती हैं।

आइये देखते हैं इन प्रमुख 5 चौपाइयों को और उनकी महिमा को-

1. भूत-पिशाच निकट नहीं आवे।
महाबीर जब नाम सुनावे।।
यदि व्यक्ति को किसी भी प्रकार का भय सताता है तो नित्य रोज प्रातः और सायंकाल में 108 बार इस चौपाई का जाप किया जाये तो सभी प्रकार के भय से मुक्ति मिलती है।

2. नासे रोग हरे सब पीरा।
जो सुमिरे हनुमंत बलबीरा।।
यदि व्यक्ति बिमारियों से घिरा रहता है या कोई बहुत बड़ी बीमारी से व्यक्ति ग्रसित है तो निरंतर सुबह-शाम 108 बार जप करना तथा मंगलवार को हनुमान जी की मूर्ति के सामने पूरी हनुमान चालीसा के पाठ से रोगों की पीड़ा खत्म हो जाती है।

3. अष्ट-सिद्धि नवनिधि के दाता।
अस बर दीन जानकी माता।।
हनुमान जी आठ सिद्धि और नौ निधियों को देने वाले भगवान हैं। इनको ऐसा वरदान माता सीताजी ने  दिया है। यदि जीवन में व्यक्ति को शक्तियों की प्राप्ति करनी है ताकि जीवन निर्वाह में मुश्किलों का कम सामना करना पड़े तो नित्य रोज, ब्रह्म महूर्त में घंटा-आधा घंटा, इन पंक्तियों के जप से लाभ प्राप्त हो सकता है।

4.  बिद्यबान गुनी अति चातुर।
रामकाज करीबे को आतुर।।
यदि किसी व्यक्ति को विद्या और धन चाहिए तो निम्न पंक्तियों के जप से हनुमान जी का    आशीर्वाद प्राप्त हो जाता है। विद्या और चतुराई को प्राप्त करने के लिए तो यह चौपाई राम-बाण है। प्रतिदिन 108 बार ध्यानपूर्वक जप करने से, व्यक्ति को धन सम्बंधित दुःख दूर हो जाते हैं।

5. भीम रूप धरि असुर संहारे।
रामचंद्रजी के काज संवारे।।
यदि कोई व्यक्ति शत्रुओं से परेशान हैं या व्यक्ति के कार्य नहीं बन पा रहे हैं तो हनुमान चालीसा की इस चौपाई का कम से कम 108 बार जप करना चाहिए।

मंगलवार और शनिवार को हनुमान चालीसा का पाठ, हनुमान मंदिर में ध्यानपूर्वक करने से सभी तरह के दुखों से मुक्ति प्राप्त हो जाती है।

भूने चने के साथ गुड़ खाने से मर्दों को मिलतें हैं ये 8 बेमिसाल फायदे

भूने चने खाने से सेहत को काफी फायदा होता है लेकिन जब इनके साथ गुड़ का भी सेवन करें तो यह शरीर के लिए बहुत फायदेमंद साबित होते हैं। मर्दों के लिए इसे खाना काफी बढ़िया होता है। अक्सर पुरूष बॉडी बनाने के लिए जिम में जाकर कसरत करते हैं ऐसे में उन्हें गुड़ और चने का सेवन जरूर करना चाहिए। इससे मसल्स मजबूत होते हैं और शरीर को भी कई फायदे मिलते हैं।

आइए जानिए गुड़ और चना को एक साथ खाने से कौन से फायदे होते हैं >>

1- मसल्स – गुड़ और चने में काफी मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है जो मसल्स को मजबूत बनाने में मदद करता है। मर्दों को हर रोज इसका सेवन करना चाहिए।

2- चेहरा – इसमें जिंक होता है जो त्वचा को निखारने में मदद करता है। मर्दों को रोजाना इसका सेवन करना चाहिए जिससे उनके चेहरे की चमक बढ़ेगी और वे पहले से ज्यादा स्मार्ट भी लगेेंगे।

3- मोटापा – गुड़ और चने को एक साथ खाने से शरीर का मैटाबॉलिज्म बढ़ता है जो मोटापा कम करने में मदद करता है। कई मर्द वजन कम करने के लिए जिम जाकर एक्सरसाइज करते हैं उन्हें गुड़ और चने का सेवन जरूर करना चाहिए।

4- कब्ज शरीर का डाइजेशन सिस्टम खराब होने की वजह से कब्ज और एसिडिटी की समस्या हो जाती है। ऐसे में गुड़ और चने खाएं, इसमें फाइबर होता है जो पाचन शक्ति को ठीक रखता है।

5- दिमाग गुड़ और चने को मिलाकर खाने से दिमाग तेज होता है। इसमें विटामिन-बी6 होता है जो याददाश्त बढ़ाता है।

6- दांत इसमें फॉस्फोरस होता है जो दांतो के लिए काफी फायदेमंद है। इसके सेवन से दांत मजबूत होते हैं और जल्दी नहीं टूटते।

7- हार्ट जिन लोगों को दिल से जुड़ी कोई समस्या होती है। उनके लिए गुड़ और चने का सेवन काफी फायदेमंद है। इसमें पोटाशियम होता है जो हार्ट अटैक होने से बचाता है।

8- हड्डियां गुड़ और चने में कैल्शियम होता है जो हड्डियों को मजबूत करता है। इसके रोजाना सेवन से गठिया के रोगी को काफी फायदा होता है।

लिवर की खराबी का पक्का रामबाण उपाय वो भी सिर्फ 15 दिनों में, जरूर पढ़े और शेयर करे

लिवर की खराबी का अगर सही समय पर इलाज़ न हो तो आगे जाकर यह बिमारी विकराल रूप ले सकती है, यहाँ तक की जान भी जा सकती है। लीवर कमज़ोर होना या लीवर की खराबी, इस बिमारी के कई कारण हो सकते है। लीवर में दर्द होना, भूख कम लगना आदि इस बिमारी के सामान्य लक्षण है।

लिवर में सूजन आ जाने से खाना आँतों मे सही तरीके से नहीं पहुँच पाता और ठीक तरह से हज़म भी नहीं हो पाता। ठीक तरह से हज़म न हो पानें से अन्य तरीके के रोग भी उत्पन्न हो सकते है। इसलिए लीवर की खराबी का पक्का, आसान और पूरी तरह से आयुर्वेदिक इलाज़ हम आपके लिए लेकर आये है जिससे लिवर की खराबी से निजात मिल जाएगी।

यकृत के विकार (लिवर या जिगर की खराबी) का आसान रामबाण उपाय
एक कागजी नींबू (अच्छा पका हुआ) लेकर उसके दो टुकड़े कर लें। फिर बीज निकालकर आधे नीबू के बिना काटे चार भाग करें पर टुकड़े अलग-अलग न हो। तत्पश्चात् एक भाग में काली मिर्च का चूर्ण, दूसरे में काला नमक (अथवा सैधा नमक), तीसरे में साँठ का चूर्ण और चौथे में मेिश्री का चूर्ण (या शक्कर चीनी) भर दें। रात को प्लेट में रखकर ढंक दें। प्रातः भोजन करने से एक घंटे पहले इस नींबू की फॉक (टुकड़ा) को मन्दी आंच या तवे पर गर्म करके चूस लें।

विशेष :
आवश्यकतानुसार 15 दिन से 21 दिन लेने से लीवर सहीं होगा।
इससे यकृत विकार ठीक होने के साथ पेट दर्द और मुँह का जायक ठीक होगा। भूख बढ़ेगी। सिरदर्द और पुरानी से पुरानी कब्ज दूर होगी।

यकृत के कठोर और छोटा होने के रोग (Cirhosis of the liver) में अचूक है। पुराना मलेरिया, ज्वर, कुनैन या पारा के दुव्यवहार, अधिक मद्यपान, अॅधिक मिठाई खाना, अमेधिक पेचिश के रोगाणु का यकृत में प्रवेश आदि कारणों से यकृत रोगों की उत्पति होती है। बुखार ठीक हो जाने के बाद भी यकृत की बीमारी बनी रहती है और यकृत कठोर एवं पहले से बड़ा हो जाता है। रोग के घातक रूप लेने पर युकृत का संकोचन (Cirrhosis of the॥ver) होता है। यकृत रोगों में ऑखें व बिगड़ा स्वाद, दाहिने कंधे के पीछे दर्द, शौच ऑवयुक्त कीचड़ जैसा होना, आदि लक्षण प्रतीत होते हैं।

इन उपायों को साथ इसके साथ करे :
दो सप्ताह तक चीनी अथवा मीठा का इस्तेमाल न करें। चीनी के बजाय दूध में चार-पाँच मुनक्का डाल कर मीठा कर लें। रोटी भी कम खायें। अच्छा तो येह है कि जबै उपचार चलता रहे रोटी बिल्कुल न खाकर सब्जियाँ और फल से ही गुजारा कर लें। सब्जी में मसाला न डालें। टमाटर, पालक, गाजर, बथुआ, करेला, लौकी आदि शाक-सब्जियाँ और पपीता, ऑवला, करें। धी और तली वस्तुओं का प्रयोग कम से कम करें। पन्द्रह दिन में जिगर ठीक हो जाएगा।

जिगर का संकोचन में दिन में दो बार प्याज खाते रहने से भी लाभ होता है।
जिगर रोगों में छाछ (हींग का बगार देकर, जीरा काली मिर्च और नमक मिलाकर) दोपहर के भोजन के बाद सेवन करना बहुत लाभप्रद है।

आँवला का रस 25 ग्राम या सूखे ऑवलों का चूर्ण चार ग्राम पानी के साथ, दिन में तीन बार सेवन करने से 15-20 दिन में यकृत के सारे दोष हो जाते हैं।

एक सौ ग्राम पानी में आधा नीबू निचोडकर नमक (चीनी की जाय) डालें और इसे दिन में तीन बार पीने से जिगर की खराबी ठीक होगी। सात से गकीस दिन लें।

जामुन के मौसम में 200-300 ग्राम दिया और पके हुए जामुन प्रतिदिन खाली पेट खाने से जिगर की खराबी दूर हो जाती है। 40, तिल्ली अथवा जिगर (यकृत) व तिल्ली (प्लीहा) दोनों के बढ़ने पर पुराना गुड़ डेढ़ ग्राम और बड़ी (पीली) हरूड के छिलके का चूर्ण बराबर वजन मिलाकर एक गोली बनायें और ऐसी गोली दिन में दो बार प्रातः सायं हल्के गर्म पानी के साथ एक महीने तक लें। इससे यकृत (Liver) और प्लीहा (Spleen) यदि दोनों ही बढ़े हुए हों, तो भी ठीक हो जाते हैं। विशेष-इसके तीन दिन के प्रयोग से अम्लपित्त का भी नाश होता है।

शाम के वक्त भूलसे भी ना करे ये 5 काम दरिद्रता आती है |

शाम के वक्त भूलसे भी ना करे ये 5 काम दरिद्रता आती है | शाम के वक्त भूलसे भी ना करे ये 5 काम दरिद्रता आती है | 

शाम के वक्त भूलसे भी ना करे ये 5 काम दरिद्रता आती है |

बहुत तेजी से धनवान बनाता है मार्ग में पड़े मिले सिक्कों का यह अदभुत उपाय

घर के आग्नेय कोण (दक्षिण-पूर्व) में सिक्‍कों वाला धात्विक कटोरा अर्थात्‌ धातु का कटोरा रखें * और उसमें ऐसे सिक्‍के जो मार्ग में पड़े मिले हों डालते जाएं ।

ऐसा करने से घर में आकस्मिक रूप से धनागम होने लगेगा ।यह सरल उपाय आपको रातोंरात मालामाल बना सकता है।

आज शुक्रवार को है शिवरात्रि…घर में ले आयें ये चीज़ फिर कभी नहीं होगी पैसों की कमी

दोस्तों आज शुक्रवार और शिवरात्रि का अद्भुत सयोंग है | ऐसे मैं माँ लक्ष्मी और भोलेनाथ को अगर आपने प्रसन्न कर लिया तो इससे अच्छा आपकी जिन्दगी में और क्या हो सकता है | दोस्तों आज बात करेंगे एक ऐसे चीज़ के बारें जिसे आप आज शुक्रवार यानी आज शिवरात्रि के शुभ अबसर पर यदि घर लातें हैं तो आपको भगवान् शिव और माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होगी |

  1.     मित्रों शास्त्रों और पुराणों में मोर के पंख को बहुत ही शुभ माना गया है क्योंकि इसमें माँ लक्ष्मी का स्वरुप होता है और इसे धन सौंदर्य और गुडलक प्रदान करने वाला माना गया है |
  2.     आप इसे आज के दिन अपने घर लातें हैं और वास्तु के अनुसार इसे गहर में रखते हैं तो आपके पास कभी भी पैसों की कमी नहीं होती |
  3.     वास्तुशास्त्र के अनुसार अगर मोरपंख को घर की दक्षिण दिशा की तिजोरी में खड़ा कर के रखा जाएँ तो उस घर से पैसों की तंगी सदा सदा के ल्लिये मिट जाती है |
  4.     यदि आपके बैबाहिक जीवन में तनाव की स्थति है तो इसे अपने बेडरूम में लगायें | इससे पति पत्नी के बीच पैदा हुई खटास दूर होती है |
  5.     इसे घर में रखने मात्र से सारी बुरी शक्तियां भाग जाती हैं और यये घर में सकारात्मक उर्जा को बढाता है तथा नकारात्मक ऊर्जा को ख़तम करता है |
  6.     वास्तुशास्त्र की अनुसार अगर आपके घर में मोर पंख है तो आपके घर में कभी भी बीमारी नहीं आ सकती और सारे दोष मिट जातें हैं |
ज्यादा जानकारी के लिए वीडियो देखें :

थाइरोइड को केवल आयुर्वेद ही जड़ से खातम कर सकता है ! थाइरोइड में लाल प्याज से उपचार l

थायराइड की समस्या आजकल एक गंभीर समस्या बनी हुई है। थायराइड मानव शरीर मे पाए जाने वाले एंडोक्राइन ग्लैंड में से एक है। थाइराइड गर्दन के सामने और स्वर तंत्र के दोनों तरफ होती है। यह थाइराक्सिन नामक हार्मोन बनाती है जिससे शरीर के ऊर्जा क्षय, प्रोटीन उत्पादन एवं अन्य हार्मोन के प्रति होने वाली संवेदनशीलता नियंत्रित होती है। थायराइड तितली के आकार की होती है। थायराइड दो तरह का होता है। हाइपरथायराइडिज्म और हाइपोथायराइड। पुरूषों में आजकल थायराइड की दिक्कत बढ़ती जा रही है। थायराइड में वजन अचानक से बढ़ जाता है या कभी अचानक से कम हो जाता है। इस रोग में काफी दिक्कत होती है।

थायराइड को साइलेंट किलर माना जाता है, क्‍योंकि इसके लक्षण व्‍यक्ति को धीरे-धीरे पता चलते हैं और जब इस बीमारी का निदान होता है तब तक देर हो चुकी होती है। इम्यून सिस्टम में गड़बड़ी से इसकी शुरुआत होती है लेकिन ज्यादातर चिकित्‍सक एंटी बॉडी टेस्ट नहीं करते हैं जिससे ऑटो-इम्युनिटी दिखाई देती है।

आमतौर पर शुरुआती दौर में थायराइड के किसी भी लक्षण का पता आसानी से नहीं चल पाता, क्योंकि गर्दन में छोटी सी गांठ सामान्य ही मान ली जाती है। और जब तक इसे गंभीरता से लिया जाता है, तब तक यह भयानक रूप ले लेता है। थायराइड ग्रंथि शरीर के मेटाबॉल्जिम को नियंत्रण करती है यानि जो खाना हम खाते हैं यह उसे उर्जा में बदलने का काम करती है। इसके अलावा यह मांसपेशियों, हृदय, हड्डियों व कोलेस्ट्रोल को भी प्रभावित करती है।

Thyroid का सरल उपचार
Igor Knjazkin,  सेंट पीटर्सबर्ग, रूस से एक प्रसिद्ध चिकित्सक ने  थायराइड ग्रंथि के विकारों का इलाज खोजने का  दावा किया है इस अविश्वसनीय उपाए में सिर्फ एक घरेलु औषधि का उपयोग होता है और वो है लाल प्याज | प्याज के गुणों के बारे में हम सब जानते हैं इसमें बहुत सारे  anti-bacterial, anti-fungal, anti-inflammatory, and cancer fighting  गुण होते हैं इस में विटामिन और मिनरल्स भी भरपूर मात्रा में होते हैं जो हमारे शारीर को पोषण देते हैं और बिमारियों से बचाते हैं |

प्याज से Thyroid का इलाज (Thyroid Gland Remedy)
ये उपचार रात को सोने से पहले करना है एक प्याज लेकर उसको दो हिस्सों में काट लें और गर्दन पर Thyroid Gland के आस पास गोल गोल मसाज करे | मसाज करने के बाद गर्दन को धोएं नहीं रात भर ऐसे ही छोड़ दें और प्याज का रस अपना काम करता रहेगा |

सफ़ेद नमक है बहुत हानिकारक.
आज कल जो बाज़ार में सफ़ेद नमक हमको आयोडीन के नाम से खिलाया जा रहा है, चाहे वो कितनी भी बड़ी कंपनी हो, सिर्फ आम जन को मुर्ख बनाने के लिए है. नमक सिर्फ सेंधा या काला ही इस्तेमाल करें.

काली मिर्च.
थाइरोइड के लिए काली मिर्च का उपयोग बहुत ही फायदेमंद साबित होता है. काली मिर्च का यथा संभव नियमित उपयोग चाहे वो किसी भी प्रकार से हो, थाइरोइड के लिए बहुत ही उपयोगी है.

चीनी से सिर्फ 5 मिनट में पाएं ब्लैकहेड्स से छुटकारा! जानें कैसे?

भागदौड़ और प्रदूषण भरे माहौल के चलते लोगों को स्किन से संबंधित कई तरह की समस्याएं हो रही हैं। जिसमें अनचाहे पिंपल्स, झाईयां, पिग्मेंटेशन और ब्लैकहेड्स शामिल हैं। साफ और निखरा हुआ चेहरा पाना हर किसी की ख्वाहिश होती है। लेकिन जब ऐसी चीजें चेहरे पर हो जाती हैं तो ये शर्मिंदा तो महसूस कराती ही हैं साथ ही पर्सनेलिटी भी खराब करती हैं। ब्‍लैकहेड्स अगर हमारी नाक और माथे पर चमकने लगे तो ये हमारे आत्मविश्वास में भी कमी लाते हैं।

ब्‍लैकहेड्स चेहरे की खूबसूरती को पूरी तरह से खराब कर देते हैं। लेकिन अब चेहरे के इस दुश्मन से डरने लगे तो ये हमें और भी डराएगा। कई लोग ब्लैकहेड्स से छुटकारा पाने के लिए हजारों के ब्यूटी प्रॉडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन कई बार वो भी फायदा नहीं करते हैं। आज हम आपको इस दुश्मन से छुटकारा पाने के लिए कुछ घरेलू नुस्खे बता रहे हैं। इन्हें अपनाकर आप इस समस्या से चुटकियों में छुटकारा पा सकेंगे। आइए जानते हैं क्या हैं ये उपचार।

शक्कर से हटाएं ब्लैकहेड्स
शक्कर चाय में ​मिठास लाने के साथ ही हमारे चेहरे पर भी मिठास ला सकता है। ब्लैकहेड्स की समस्या को दूर करने के लिए शक्कर बहुत काम की चीज है। इससे ब्लैकहेड्स दूर करने के लिए एक कटोरी में एक चम्‍मच शक्‍कर और नमक मिलाएं। अब इस पेस्ट से हल्‍के हाथों से 15 मिनट तक नाक और माथे (अगर ब्लैकहेड्स हैं तो) पर गोलाई में मसाज करें। जब यह सूख जाए तब गीले कॉटन से इसे पोछ लें। फर्क आपको खुद दिखेगा।

नींबू भी है असरदार
शरीर के साथ ही नींबू के चेहरे को भी कई फायदे होते हैं। इससे ब्लैकहेड्स दूर करने के​ लिए सबसे पहले नाक पर नींबू का रस लगाकर हल्के हाथों से मसाज करें। अब उसी जगह पर नमक लगा कर गोलाई में हल्‍के हाथों से मसाज करें। 10 मिनट के बाद गरम पानी से चेहरा धो लें। 2 से 3 बार ऐसा करने पर आपको बहुत आराम मिलेगा।

कटे हुए प्याज का अगले दिन इस्तेमाल आपकी जान भी ले सकता हैं, आज ही बताए घर की औरतों को!!

कई भारतीय घरो में गृहिणियां अपना समय बचाने के लिए क्या क्या तरीके नहीं अपनाती। जी हां कुछ गृहिणियां तो अगले दिन के खाने की तैयारी भी पहले ही शुरू कर देती है। यानि कि एक दिन पहले सब्जी काटना और सब्जी में प्रयोग होने वाला सामान जैसे प्यार और टमाटर काट कर रख देना आदि सब करके वो अपना अगले दिन का समय जरूर बचा लेती है। पर क्या आप जानते है कि एक दिन पहले कटे हुए प्याज को अगले दिन सब्जी में इस्तेमाल करना कितना खतरनाक हो सकता है।शायद आपको ये सुनने में थोड़ा अजीब लगे, पर ये सच है।वैसे आज हम आपको इससे जुडी एक कहानी भी बताने वाले है। इस कहानी को पढ़ने के बाद आपको यकीन हो जाएगा कि ऐसा करना वास्तव में खतरनाक हो सकता है।

दरअसल ये सन 1919 की बात है, जी हां आपको जान कर हैरानी होगी कि सन 1919 में फ्लू से लगभग चार करोड़ लोग मारे जा चुके थे। इन बुरे हालातो के चलते एक डॉक्टर कई किसानों से मिलने खुद उनके घर गया। दरअसल डॉक्टर उन किसानो के घर इस आशा के साथ गया था, ताकि वो इस महामारी का इलाज ढूंढ सके, साथ ही वो ये भी जानना चाहता था, कि वो कैसे किसानो की इस महामारी से बचने में सहायता कर सकता है। आपको बता दे कि उस समय बहुत सारे किसान फ्लू से ग्रसित थे और मारे जा चुके थे। इसी दौरान वो डॉक्टर एक ऐसे किसान के सम्पर्क में आया जो इस भयंकर महामारी के चलते भी बिलकुल स्वस्थ था। केवल वही नहीं, बल्कि उस किसान का पूरा परिवार भी एकदम स्वस्थ था।

ऐसे में उस डॉक्टर को ये जानने की जिज्ञासा हुई, कि आखिर उस किसान ने सारे गांव से हट कर ऐसा क्या किया, जो वो और उसका परिवार इस महामारी में भी स्वस्थ है। फिर उस किसान की पत्नी ने बताया कि उसने अपने मकान के दोनों कमरों में एक प्लेट में बिना छिली हुई प्याज रख दी थी। इसके बाद जब डॉक्टर ने प्लेट में रखी इन प्याज में से एक को माइक्रोस्कोप से देखा तो उन्हें उस प्याज में घातक फ्लू के बैक्टीरिया मिले। जो यक़ीनन इन प्याज द्वारा अवशोषित कर लिए गए थे और शायद यही कारण था, कि पूरे गांव में महामारी होने के बावजूद भी यह परिवार बिलकुल स्वस्थ था। दरअसल फ्लू के वायरस इन प्याज द्वारा सोख लिए गए थे।

आपके लिए ये जानना बेहद जरुरी है, कि पहले काट कर रखी गयी प्याज विष के समान होती है। इसके इलावा जब कभी अस्पताल में कोई फ़ूड पोइसिनिंग का केस आता है, तो सबसे पहले मरीज से ये पूछा जाता है, कि उसने आखिरी बार प्याज कब खायी थी और वह प्याज कहा से आयी थी। ऐसे में इस बीमारी के लिए या तो प्याज दोषी होते है या फिर काफी समय पहले काटे गए आलू भी दोषी होते है। आपको बता दे कि प्याज बैक्टीरिया के लिए चुंबक की तरह काम करती है। खास करके कच्ची प्याज खतरनाक होती है। इसलिए आप गलती से भी कटी हुई प्याज को ज्यादा देर तक रखने की गलती न करे।

इसके इलावा इसे बंद थैली या फ्रिज में भी ज्यादा देर तक रखना सुरक्षित नहीं है। इसके साथ ही इस बात का ध्यान रखे कि एक दिन पहले काटी गयी प्याज को अगले दिन इस्तेमाल न करे, क्यूकि ये खतरनाक हो सकता है। आपको शायद मालूम न हो, कि कटी हुई प्याज एक रात में विषैली हो जाती है। वो इसलिए क्यूकि ये टॉक्सिक बैक्टीरिया बनाती है। जो कभी भी आपका पेट खराब कर सकती है। इसलिए हमेशा अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखे और प्याज का इस्तेमाल सम्भल कर करे।
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