Jai Mata Di!

Recent Posts

30 दिनों में गंजो के सिर पर बाल उगाने का 100 % शर्तिया चमत्कारिक तेल

बालो की समस्या जैसे बालों का झड़ना, असमय सफेदी, रूसी की समस्या तो आम हो गई है। बालों की इन उलझनों के लिए चिरमिटी या गुंचा एक वरदान है! जी हाँ, आपके बालों को झड़ने, रुसी, सफेदी और गंजे होते सिर की समस्याओं को दूर करती है और बुढ़ापे तक आपके बालों की सभी समस्याओं से निजात दिलाता है। यह प्रयोग इतना प्रभावी है कि गंजो के बाल उगा देता है। यह पुरुषों के लिए जितना प्रभावी है उतना ही महिलाओं के लिए तो आइये जाने इस प्राकृतिक रामबाण उपाय के बारे में।
 
सामग्री -     250 ग्राम चिरमिटी/रत्ती/घुंघुचि/गुंचा

गुंचा या चिरमिटी का चमत्कारी तेल बनाने का तरीका
  1.     इसे बारीक पीस कर पाउडर बना छान ले। छानने के बाद जो ऊपर मोटा अंश बचे उसे फेंके नहीं।
  2.     अब छने हुए पाउडर मे से लगभग 50 ग्राम अलग निकाल कर रख लें।
  3.     बाकी बचे हुए सारे 200 ग्राम पाउडर को लगभग 1.5 लीटर पानी मे धीमी आग पर इतना उबाले कि उबल के पानी लगभग 500ml रह जाये। अब इस पानी को छान कर रख ले।
  4.     एक लौहे की कड़ाही मे लगभग 200 ग्राम तिल का तेल ले यदि तिल तेल का न मिले तो सरसों का भी ले सकते हैं परंतु तिल का तेल अधिक असरदार होता है। अब 500ml चिरमटी उबाल कर छाना हुआ पानी व 50 ग्राम चिरमटी का बचा हुआ पाउडर इन सभी को ठंडे तेल मे मिला ले। ध्यान रहे गरम तेल मे कुछ नही डालना है ऐसा नुकसानदायक हो सकता है। अब इस इस ठन्डे तेल में मिली सामग्री को धीमी आंच पर फिर से पकाए।
  5.     पकने उपरांत जब तेल मे से पानी लगभग जल जाए। तो यह टेस्ट करने के लिये की इसमें पानी का अंश पूर्ण रूप से जल गया है केवल मात्र तेल ही शेष बचा है। इसके परिक्षण के लिये एक लौहे की तार का टुकडा या बांस की झाडू की सींख ले उस पर काटन का फोया लपेट उसे तेल में भिगो आग पर रखे। यदि चटर पटर की आवाज आए तो समझे कि अभी तेल पूरी तरह नहीं पका है। उसमें पानी का अंश शेष है तो उसे धीमी आंच पर ओर गरम होने दे।
  6.     अगर तेल लगी हुई रूई तत्काल जल जाए तो समझे कि तेल पक गया है। तब इसे चूल्हे से उतार स्टील के टोप जैसे बर्तन में डाल के रख दें। साथ में तो यह ठंडा हो जायेगा और साथ ही इसमें से काला अंश टोप में निचे बैठ जायेगा। पूरी तरह ठंडा होने पर इस तेल को एक दम सूखी काँच या प्लास्टिक की बोतल में डाल लें। जिसमें पानी का अंश ना हो।
इस चमत्कारी तेल को लगाने का तरीका
  1.     यह तेल सिर पर दिन में 2 बार सुबह – शाम लगाए। लगभग 5 मिनट मालिश करे।
  2.     तेल प्रयोग के दौरान कोई भी साबुन या शैंपू सिर में न लगाए। सिर धोने के लिए खट्टी दहि – खट्टी लस्सी या नींबू का प्रयोग करे।
  3.     हमे आशा ही नही पूर्ण विश्वास है की सिर्फ 1 महीने प्रयोग के बाद आपको निराश नही होना पडेगा। आपकी इच्छानुरूप परिणाम मिलने शुरू हो जायेंगे। क्योंकि यह प्रयोग हमने जिस जिस व्यक्ति पर किया परिणाम 100% मिला।
कृपया ध्यान दे
  1.     चिरमिटी/रत्ती/घुंघुचि/गुंचा यह सब इसके नाम है।
  2.     यह सफ़ेद और लाल + काले रंग की मनके के समान होती है।
  3.     जड़ी बूटी बेचने वालो या पंसारी की दुकान पर आसानी से मिल जाती है
  4.     सफ़ेद रंग कि मिले तो वह ले – न मिले तो लाल काले रंग कि ले

शाम के वक्त भूलसे भी ना करे ये 5 काम दरिद्रता आती है |

शाम के वक्त भूलसे भी ना करे ये 5 काम दरिद्रता आती है | शाम के वक्त भूलसे भी ना करे ये 5 काम दरिद्रता आती है | 

शाम के वक्त भूलसे भी ना करे ये 5 काम दरिद्रता आती है |

बहुत तेजी से धनवान बनाता है मार्ग में पड़े मिले सिक्कों का यह अदभुत उपाय

घर के आग्नेय कोण (दक्षिण-पूर्व) में सिक्‍कों वाला धात्विक कटोरा अर्थात्‌ धातु का कटोरा रखें * और उसमें ऐसे सिक्‍के जो मार्ग में पड़े मिले हों डालते जाएं ।

ऐसा करने से घर में आकस्मिक रूप से धनागम होने लगेगा ।यह सरल उपाय आपको रातोंरात मालामाल बना सकता है।

थाइरोइड को केवल आयुर्वेद ही जड़ से खातम कर सकता है ! थाइरोइड में लाल प्याज से उपचार l

थायराइड की समस्या आजकल एक गंभीर समस्या बनी हुई है। थायराइड मानव शरीर मे पाए जाने वाले एंडोक्राइन ग्लैंड में से एक है। थाइराइड गर्दन के सामने और स्वर तंत्र के दोनों तरफ होती है। यह थाइराक्सिन नामक हार्मोन बनाती है जिससे शरीर के ऊर्जा क्षय, प्रोटीन उत्पादन एवं अन्य हार्मोन के प्रति होने वाली संवेदनशीलता नियंत्रित होती है। थायराइड तितली के आकार की होती है। थायराइड दो तरह का होता है। हाइपरथायराइडिज्म और हाइपोथायराइड। पुरूषों में आजकल थायराइड की दिक्कत बढ़ती जा रही है। थायराइड में वजन अचानक से बढ़ जाता है या कभी अचानक से कम हो जाता है। इस रोग में काफी दिक्कत होती है।

थायराइड को साइलेंट किलर माना जाता है, क्‍योंकि इसके लक्षण व्‍यक्ति को धीरे-धीरे पता चलते हैं और जब इस बीमारी का निदान होता है तब तक देर हो चुकी होती है। इम्यून सिस्टम में गड़बड़ी से इसकी शुरुआत होती है लेकिन ज्यादातर चिकित्‍सक एंटी बॉडी टेस्ट नहीं करते हैं जिससे ऑटो-इम्युनिटी दिखाई देती है।

आमतौर पर शुरुआती दौर में थायराइड के किसी भी लक्षण का पता आसानी से नहीं चल पाता, क्योंकि गर्दन में छोटी सी गांठ सामान्य ही मान ली जाती है। और जब तक इसे गंभीरता से लिया जाता है, तब तक यह भयानक रूप ले लेता है। थायराइड ग्रंथि शरीर के मेटाबॉल्जिम को नियंत्रण करती है यानि जो खाना हम खाते हैं यह उसे उर्जा में बदलने का काम करती है। इसके अलावा यह मांसपेशियों, हृदय, हड्डियों व कोलेस्ट्रोल को भी प्रभावित करती है।

Thyroid का सरल उपचार
Igor Knjazkin,  सेंट पीटर्सबर्ग, रूस से एक प्रसिद्ध चिकित्सक ने  थायराइड ग्रंथि के विकारों का इलाज खोजने का  दावा किया है इस अविश्वसनीय उपाए में सिर्फ एक घरेलु औषधि का उपयोग होता है और वो है लाल प्याज | प्याज के गुणों के बारे में हम सब जानते हैं इसमें बहुत सारे  anti-bacterial, anti-fungal, anti-inflammatory, and cancer fighting  गुण होते हैं इस में विटामिन और मिनरल्स भी भरपूर मात्रा में होते हैं जो हमारे शारीर को पोषण देते हैं और बिमारियों से बचाते हैं |

प्याज से Thyroid का इलाज (Thyroid Gland Remedy)
ये उपचार रात को सोने से पहले करना है एक प्याज लेकर उसको दो हिस्सों में काट लें और गर्दन पर Thyroid Gland के आस पास गोल गोल मसाज करे | मसाज करने के बाद गर्दन को धोएं नहीं रात भर ऐसे ही छोड़ दें और प्याज का रस अपना काम करता रहेगा |

सफ़ेद नमक है बहुत हानिकारक.
आज कल जो बाज़ार में सफ़ेद नमक हमको आयोडीन के नाम से खिलाया जा रहा है, चाहे वो कितनी भी बड़ी कंपनी हो, सिर्फ आम जन को मुर्ख बनाने के लिए है. नमक सिर्फ सेंधा या काला ही इस्तेमाल करें.

काली मिर्च.
थाइरोइड के लिए काली मिर्च का उपयोग बहुत ही फायदेमंद साबित होता है. काली मिर्च का यथा संभव नियमित उपयोग चाहे वो किसी भी प्रकार से हो, थाइरोइड के लिए बहुत ही उपयोगी है.

कटे हुए प्याज का अगले दिन इस्तेमाल आपकी जान भी ले सकता हैं, आज ही बताए घर की औरतों को!!

कई भारतीय घरो में गृहिणियां अपना समय बचाने के लिए क्या क्या तरीके नहीं अपनाती। जी हां कुछ गृहिणियां तो अगले दिन के खाने की तैयारी भी पहले ही शुरू कर देती है। यानि कि एक दिन पहले सब्जी काटना और सब्जी में प्रयोग होने वाला सामान जैसे प्यार और टमाटर काट कर रख देना आदि सब करके वो अपना अगले दिन का समय जरूर बचा लेती है। पर क्या आप जानते है कि एक दिन पहले कटे हुए प्याज को अगले दिन सब्जी में इस्तेमाल करना कितना खतरनाक हो सकता है।शायद आपको ये सुनने में थोड़ा अजीब लगे, पर ये सच है।वैसे आज हम आपको इससे जुडी एक कहानी भी बताने वाले है। इस कहानी को पढ़ने के बाद आपको यकीन हो जाएगा कि ऐसा करना वास्तव में खतरनाक हो सकता है।

दरअसल ये सन 1919 की बात है, जी हां आपको जान कर हैरानी होगी कि सन 1919 में फ्लू से लगभग चार करोड़ लोग मारे जा चुके थे। इन बुरे हालातो के चलते एक डॉक्टर कई किसानों से मिलने खुद उनके घर गया। दरअसल डॉक्टर उन किसानो के घर इस आशा के साथ गया था, ताकि वो इस महामारी का इलाज ढूंढ सके, साथ ही वो ये भी जानना चाहता था, कि वो कैसे किसानो की इस महामारी से बचने में सहायता कर सकता है। आपको बता दे कि उस समय बहुत सारे किसान फ्लू से ग्रसित थे और मारे जा चुके थे। इसी दौरान वो डॉक्टर एक ऐसे किसान के सम्पर्क में आया जो इस भयंकर महामारी के चलते भी बिलकुल स्वस्थ था। केवल वही नहीं, बल्कि उस किसान का पूरा परिवार भी एकदम स्वस्थ था।

ऐसे में उस डॉक्टर को ये जानने की जिज्ञासा हुई, कि आखिर उस किसान ने सारे गांव से हट कर ऐसा क्या किया, जो वो और उसका परिवार इस महामारी में भी स्वस्थ है। फिर उस किसान की पत्नी ने बताया कि उसने अपने मकान के दोनों कमरों में एक प्लेट में बिना छिली हुई प्याज रख दी थी। इसके बाद जब डॉक्टर ने प्लेट में रखी इन प्याज में से एक को माइक्रोस्कोप से देखा तो उन्हें उस प्याज में घातक फ्लू के बैक्टीरिया मिले। जो यक़ीनन इन प्याज द्वारा अवशोषित कर लिए गए थे और शायद यही कारण था, कि पूरे गांव में महामारी होने के बावजूद भी यह परिवार बिलकुल स्वस्थ था। दरअसल फ्लू के वायरस इन प्याज द्वारा सोख लिए गए थे।

आपके लिए ये जानना बेहद जरुरी है, कि पहले काट कर रखी गयी प्याज विष के समान होती है। इसके इलावा जब कभी अस्पताल में कोई फ़ूड पोइसिनिंग का केस आता है, तो सबसे पहले मरीज से ये पूछा जाता है, कि उसने आखिरी बार प्याज कब खायी थी और वह प्याज कहा से आयी थी। ऐसे में इस बीमारी के लिए या तो प्याज दोषी होते है या फिर काफी समय पहले काटे गए आलू भी दोषी होते है। आपको बता दे कि प्याज बैक्टीरिया के लिए चुंबक की तरह काम करती है। खास करके कच्ची प्याज खतरनाक होती है। इसलिए आप गलती से भी कटी हुई प्याज को ज्यादा देर तक रखने की गलती न करे।

इसके इलावा इसे बंद थैली या फ्रिज में भी ज्यादा देर तक रखना सुरक्षित नहीं है। इसके साथ ही इस बात का ध्यान रखे कि एक दिन पहले काटी गयी प्याज को अगले दिन इस्तेमाल न करे, क्यूकि ये खतरनाक हो सकता है। आपको शायद मालूम न हो, कि कटी हुई प्याज एक रात में विषैली हो जाती है। वो इसलिए क्यूकि ये टॉक्सिक बैक्टीरिया बनाती है। जो कभी भी आपका पेट खराब कर सकती है। इसलिए हमेशा अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखे और प्याज का इस्तेमाल सम्भल कर करे।

5 जगहों पर भूलकर भी न बनाएं संबंध, वरना ‘महापाप’ के भागी बनेंगे आप!

इन 5 जगहों पर भूलकर भी न बनाएं शारीरिक संबंध, वरना ‘महापाप’ के भागी बनेंगे आप! Never Get Intimate on these places.

विवाह के बाद शारीरिक संबंध को हर धर्म में मान्‍यता दी गई है, लेकिन विवाह पूर्व शारीरिक संबंध को हर धर्म में महापाप भी माना गया है। लेकिन आजकल के बदलते परिवेश में सबकुछ बदल गया है। नई पीढ़ी के युवाओं के लिए ये सब बेकार की बातें हैं। लड़के – लड़कियां शादी से पहले साथ रहते हैं और शारीरिक संबंधों से भी उन्हें कोई गुरेज नहीं है। लेकिन, यहां एक बात आपके लिए जाननी जरूरी है कि कुछ ऐसी भी जगहें होती हैं, जहां शारीरिक संबंध बनाना महापाप माना जाता है।

पवित्र नदी के पास :
शास्त्रों के मुताबिक कहीं भी और किसी भी पवित्र नदी के आसपास शारीरिक संबंध नहीं बनाना चाहिए। शास्त्रों में ऐसे संबंध को युद्ध का आमंत्रण माना जाता है। इतिहास में इस बात का प्रमाण मिलता है। जब ऋषि पराशर एवं सत्यवती के रिश्ते की वजह से ही महाभारत की शुरुआत हुई थी।

अग्नि के पास :
भूलकर भी ऐसी जगह पर जहां आसपास अग्नि प्रज्वलित हो शारीरिक संबंध ना बनाएं। अग्नि को हिन्दू धर्म में ‘देवता’ माना गया है, इसलिए अग्नि के पास बनाए गये संबंध को अपवित्र और महापाप माना गया है।

बीमार व्यक्ति के आसपास :
यदि आपके घर में या एक ही छत के नीच कोई ऐसा व्यक्ति हो जो काफी बीमार है और मृत्यु की कगार पर है, तो ऐसी जगह पर शारीरिक संबंध नहीं बनाना चाहिए।

यदि पास हो कोई ब्राह्मण या ऋषि-मुनि :
यदि आपके घर के आसपास कोई ब्राह्मण हो या ऋषि-मुनि या फिर कोई ऐसा महान पुरुष जिसे लोग अपना आदर्श मानते हों, ऐसी जगहों पर शारीरिक संबंध न बनायें। ये उनका अपमान होगा और आप महापाप के भागी बनेंगे।

मंदिर परिसर और नवजात की उपस्थिति में :
शास्त्रों के मुताबिक नवजात की उपस्थिति में शारीरिक संबंध बनाना महापाप है। पति-पत्नी को भी इससे बचना चाहिए। यह तो सभी को ज्ञात है कि मंदिर परिसर में शारीरिक संबंध बनाना वर्जित माना गया है। यह महापाप है।

केवल एक कप और आपकी दोनों किडनियां और शारीर विषाक्त पदार्थो से मुक्त

इंसानी शरीर का विषाक्त पदार्थो से मुक्त होना बहुत जरूरी है अन्यथा यह हमारे शरीर को नुकसान पहुंचा सकते है बहुत से प्राकृतिक तरीकों से शरीर को विषैले तत्वों से मुक्त किया जा सकता है इस लेख में हम आपको बतायंगे की शरीर को टोक्सिन मुक्त करने का सही और प्राकृतिक तरीका क्या है इस औषधि इस्तेमाल के बाद आप इससे मिलने वाले नतीजे से दंग रह जायंगे इस विधि से आपका शरीर टोक्सिन मुक्त हो जाएगा और आपका शरीर पूरा दिन ऊर्जा से भरा रहेगा

औषधि तैयार करने की सामग्री
  1. 1. गिलास पानी
  2. 2. 4 सेब
  3. 3. 1 ताज अदरक (3 चम्मच के बराबर पिसा हुआ )
  4. 4. 1 नींबू
  5. यदि संभव हो तो यह सामग्री आर्गेनिक ही उपयोग की जाये
औषधि तैयार करने की विधि
नींबू का छिलका उतारकर सेब ,नींबू अदरक और पानी को एक साथ जूसर में डालकर रस निकाल ले सुबह इसका खली पेट सेवन करें आप महसूस करेंगे कैसे विषैले तत्व आपके शरीर से बाहर निकल रहे है और अपनी सेहत में आपको सुधार नजर आएगा आप पहले से ज्यादा ऊर्जा से भरे महसूस करेंगे

मंगल दोष निवारण के उपाय | मांगलिक दोष उपचार के टोटके | Mangal Dosh Nivaran Ke Upay

कुण्डली में जब प्रथम, चतुर्थ, सप्तम, अष्टम अथवा द्वादश भाव में मंगल होता है तब मंगलिक दोष लगता है। इस दोष को विवाह के लिए अशुभ माना जाता है। यह दोष जिनकी कुण्डली में हो उन्हें मंगली जीवनसाथी ही तलाश करना चाहिए ऐसी मान्यता है।

जिनकी कुण्डली में मांगलिक दोष है वे अगर 28 वर्ष के पश्चात विवाह करते हैं, तब मंगल वैवाहिक जीवन में अपना दुष्प्रभाव नहीं डालता है। मंगली व्यक्ति इन उपायों पर गौर करें तो मांगलिक दोष को लेकर मन में बैठा भय दूर हो सकता है और वैवाहिक जीवन में मंगल का भय भी नहीं रहता है ज्योतिशास्त्र में कुछ नियम बताए गये हैं जिससे वैवाहिक जीवन में मांगलिक दोष नहीं लगता है, आइये इसे देखें

मांगलिक को शादी में परेशानी क्‍यों आती है?
ऐसा इसलिये क्‍योंकि मंगल ग्रह को अकेले रहना पसंद है और इस प्रकार अगर कोई अन्‍य ग्रह उसके समीप आता है तो वह उससे झगड़ा कर लेता है। इसी प्रकार मांगलिक व्‍यक्‍ति लंबे समय के लिए अपने साथी को बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं।

हर मांगलिक का पति नहीं मरता है
कई कोटि के मंगल दोष होते हैं। अगर पूर्ण मांगलिक हैं तो मंगल ग्रह का प्रभाव आप पर बहुत ज्यादा होगा। अगर आप का मंगल वक्रि है तो मंगल ग्रह आपके जीवन पर एक तिरछा प्रभाव डालेगा। ज्यादातर मामलों में, इस दोष के प्रभाव मामूली है और आपके पति/पत्नी की मौत नहीं होगी।

आयु एक कारण है
कुछ लोगों के लिए मंगल ग्रह का प्रभाव केवल एक निश्चित उम्र तक वैध है। वे एक उम्र के बाद शादी कर सकते है, क्योंकी ज्यादा उम्र के बाद शादी करने से उनके वैवाहिक जीवन में समस्या की उम्मीद नहीं होती है।

कुंभ विवाह
अगर आप पूर्ण मांगलिक हैं तब भी आप के दोष का उपचार किया जा सकता है, कुंभ विवाह के जरिये। इस अनुष्ठान में मंगल दोष से पीड़ित व्यक्ति को पहले एक केला या बरगद के पेड़ से शादी की जाती है। अगर आप लड़की है तो भगवान कृष्ण की एक चांदी या सोने की मूर्ति से शादी कर सकते हैं इस तरह व्यक्ति की कुंडली से दोष ख़तम हो जाता है।

एकाधिक मांगलिक दोष
कुछ लोगों में डबल या ट्रिपल मांगलिक दोष होता है। मंगल ग्रह का प्रभाव उनके जीवन पर इतना मजबूत होता है की दो से तीन बार पुनर्विवाह करने के बाद भी उन के पति के मरने के प्रभाव कम नहीं होते है। ऐसे मामलों में कुंभ विवाह का उपाय करने से यह दोष कम होता है। यह फिर डबल या ट्रिपल मांगलिक व्यक्ति से ही उनकी शादी करनी चाहिए।

अच्छे कर्म
हिंदू धर्म के अच्छे कामों पर काफी जोर दिया जाता है। आपकी अच्छाई और दयालुता से आप आपनी कुंडली में हजारो दोषों को कम कर सकते है। अगर आप एक ईमानदार और अच्छे व्यक्ति है तो आप आपने दोषों के लिए कभी भी ज्‍यादा कष्‍ट नहीं भोगेगें। मांगलिक दोष के बुरे प्रभावों को पूजा, रत्नों तथा ज्योतिष के अन्य उपायों के माध्यम से बहुत हद तक कम किया जा सकता है इसलिये इससे घबराएं बिल्‍कुल नहीं।

बीयर से कैसे धोयें बाल और क्‍या हैं इसके फायदे

बीयर पीना सेहत के लिए फायदेमंद हो या न हो लेकिन बीयर बालों के लिए कई मामले में फायदेमंद है। तो अगर बोतल में थोड़ी सी बियर बच जाए तो उसे फेंकने की जगह घर पर ही अपने बालों के लिए इससे हेयर कंडीशनर बना लें।

बीयर से कैसे धोयें बाल
बीयर पीना सेहत के लिए फायदेमंद हो या न हो लेकिन बीयर बालों के लिए कई मामले में फायदेमंद है। तो अगर बोतल में थोड़ी सी बियर बच जाए तो उसे फेंकने की जगह घर पर ही अपने बालों के लिए इससे हेयर कंडीशनर बना लें। तो चलिये जाने बीयर से बालों को धोने का सही तरीका क्या होता है।

नेचुरल हेयर कंडीशनर - नेचुरल हेयर कंडीशनर का प्रभाव चाहिए तो बालों को पहले बीयर से धोएं और फिर हल्‍के गरम पानी से धो लों। इससे आपके बाल मुलायम बनेंगे।

बीयर और सेब का सिरका - बालों को चमकदार और घना बनाना चाहते/चाहती हैं तो उसे बीयर और सेब का सिरका मिलाकर इससे बालों को धोएं। इस मिश्रण को शैंपू करने के बाद ही बालों पर लगाएं।

बीयर और जोजोबा ऑयल - एक छोटे बीयर के कप में कुछ बूंदे जोजोबा ऑयल मिला लें। इस मिश्रण को बालों की जड़ों में ठीक प्रकार से लगाएं और कुछ देर लगे रहने के बाद बालों को अच्‍छे से धो लें।

नींबी, शहद और बीयर - अगर आपको ज्‍यादा फायदा चाहिए तो बीयर की बोतल को पूरी रात खुली छोड़ दें और फिर उसे कुछ मिनट के लिए गरम करें। उसमें कुछ बूंदे नींबू की और 2 छोटे चम्मच शहद मिलाएं। इस मिश्रण को बालों में 15 मिनट तक लगा रहने दें और फिर अच्‍छे से ताजे पानी से धो लें।

डिस्‍टिल्‍ड वॉटर, नींबू का रस, बीयर और सिरका - डिस्‍टिल्‍ड वॉटर, नींबू का रस, बीयर और सिरके को एक साथ मिलाएं और शैंपू किए हुए बालों पर इस मिश्रण को लगाएं। इसको कुछ देर ऐसे ही छोड़ दें और बालों को धो लें।

शैंपू और पानी के साथ बीयर - अगर आप ज्‍यादा ताम-झाम नहीं करना चाहती हैं तो सीधे शैंपू और पानी के साथ बीयर को मिला कर बालों पर लगा लें। इससे बाल तो मजबूत बनेगें ही साथ ही वे कोमल भी हो जाएगें।

बियर के फायदे - बियर में फास्फोरस, मैग्नीशियम, पोटेशियम और मालटोस पाया जाता है जो बालों की देखभाल के लिए अहम सामग्रियां मानी जाती हैं। इसमें बायोटिन भी होता है जो गंजापन दूर करता है और रुसी को भी भगाता है। मालटोस, बालों को मजबूती और विटामिन सी प्राकृतिक चमक लाता है।

इसबगोल के साइड इफेक्ट्स

इसबगोल सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है। भारत में गैस्ट्रोइंटेस्टिनल समस्याओं जैसे कब्‍ज, डायरिया और एसिडिटी से राहत पाने के लिए व्‍यापक रूप से इसका इस्‍तेमाल किया जाता है। यह प्रभावी रूप से वजन कम करने और दिल को स्‍वस्‍थ रखने के लिए जाना जाता है। इसबगोल कई प्रकार के स्‍वास्‍थ्‍य लाभों से जुड़ा है इसलिए इसे इस्‍तेमाल करने के दौरान हम इस तथ्‍य को नजरअंदाज कर देते हैं कि जरूरत से ज्‍यादा या अनुचित तरीके से इसबगोल के इस्‍तेमाल से कई प्रकार के दुष्‍प्रभाव भी हो सकते हैं।

मिनरल के अवशोषण को करता है प्रभावित
एक अध्‍ययन के अनुसार 25 ग्राम इसबगोल भूसी के इस्‍तेमाल से जिंक, कॉपर और मैंगनीज जैसे मिनरल के ट्रेंस से मल उत्‍सर्जन बढ़ जाता है। साथ ही मिनरल का पता लगाने वाले सीरम का स्‍तर काफी गिर जाता है। यह ट्रेंस मिनरल अच्‍छे स्‍वास्‍थ्‍य को बनाये रखने के लिए समान रूप से महत्‍वपूर्ण होते हैं। जिंक इम्‍यूनिटी और एंजाइम की गतिविधि को बढ़ावा देने के साथ घावों को भरने में मदद करता है। मैंगनीज हड्डियों और संयोजी ऊतक की टूट-फूट को रोकता है। साथ ही यह कैल्शियम के अवशोषण, रक्‍त शर्करा के विनियमन और वसा और कार्बोंहाइड्रेट चयापचय में मदद करता है। जबकि कॉपर लाल रक्‍त कोशिकाओं के उत्‍पादन और प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए महत्‍वपूर्ण है।

पेट में सूजन की समस्‍या
इसबगोल फाइबर से भरपूर होता है, इसलिए कब्‍ज और अन्‍य गैस्ट्रोइंटेस्टिनल समस्‍याओं से ग्रस्‍त लोगों को इसबगोल लेने की सलाह दी जाती है। लेकिन फाइबर का बहुत ज्‍यादा सेवन गैस के कारण पेट में सूजन की समस्‍या पैदा कर सकता है। ऐसा पेट की गैस को गैस्ट्रोइंटेस्टिनल पथ से मलाशय में पारित होने में समस्‍या होने के कारण होता है।

दवाओं के अवशोषण में करता है हस्तक्षेप
इसबगोल दवा को सतह पर ही सोख लेता है ऐसा गैस्ट्रोइंटेस्टिनल पथ या छोटी आंत में रक्‍त के अवशोषण को कम करने के कारण होता है। नतीजतन, दवा का प्रभाव कम हो जाता है। यह दावा एस्पिरिन के लिए सच है, लेकिन यह माना जाता है इसबगोल अन्‍य दवाओं के अवशोषण में हस्‍तक्षेप करता है। हालांकि, इस दावे के समर्थन में कोई सबूत नहीं है।

ध्यान रखें इसका अत्यधिक सेवन न करें। साथ ही हमेशा इसका सेवन पानी में भिगोकर नियम से करें। गर्भावस्था में इसे लेने से पहले डॉक्टर से राय लेना न भूलें।

इन दो राशियों की जोड़ी होती है बहुत LUCKY, कभी नहीं होते जुदा

इस बात को जांचने के लिए लोग कई तरह के तरीके अपनाते हैं। वहीं कई लोगों का मानना है कि प्‍यार को मापने के लिए राशि चक्र सबसे बेहतर तरीका है। राशियों के आधार पर मनुष्‍य का व्‍यवहार, भविष्‍य और उसके प्‍यार करने के तरीके के बारे में ज्ञात किया जा सकता है। राशि से आप पता लगा सकते हैं कि आपका पार्टनर आपको प्‍यार करता रहेगा या नहीं।

आज हम आपको राशियों के दो ऐसे मेल के बारे में बताएंगें जिनके बीच प्‍यार कभी कम नहीं होता है।
तो चलिए जानते हैं राशियों के कपल्स कभी नहीं होते अलग – प्‍यार में मामले में ऐसे दो सबसे मजबूत मेल के बारे में।


राशियों के कपल्स कभी नहीं होते अलग –

कन्‍या और कुंभ राशि
इन दो राशियों के लोग एक दूसरे से बिलकुल अलग होते हैं। इनका व्‍यवहार और स्‍वभाव एक दूसरे के बिलकुल विपरीत होता है। कन्‍या राशि के लोग अपने साथी से ये उम्‍मीद रखते हैं कि वे उन्‍हें उनसे दोगुना प्‍यार करें और उनकी हर उम्‍मीद पर खरे उतरे हैं। वहीं कुंभ राशि के लोग अपनी बातों को सिर्फ अपने तक ही रखना पसंद करते हैं। ये लोग अपनी निजी बातें किसी दूसरे से शेयर करना बिलकुल पसंद नहीं करते। कुंभ राशि के लोग एकदम परफैक्‍ट पार्टनर साबित होते हैं। स्‍वभाव में एक दूसरे के विपरीत होने के बावजूद इनका प्‍यार बरकरार रहता है।

सिंह और तुला राशि
सिंह राशि के लोग बहुत अभिमानी और प्रयास करते रहने वाले होते हैं। ये लोग कभी हार नहीं मानते हैं। वहीं तुला राशि के लोग खुद को सबसे अलग मानते हैं। तुला राशि वालों का पार्टनर अगर सिंह राशि का है तो इससे उनको अच्‍दा दोस्‍त और रक्षक मिलेगा। सिंह राशि के लोगों के साथ तुला राशि वाले अपनी जरूरतों को भूलकर पूरा प्‍यार और सहयोग देते हैं। इन दो राशियों का मेल परफैक्‍ट होता है।

ये दो राशियों के कपल्स कभी नहीं होते अलग – ज्‍योतिषशास्‍त्र के अनुसार इन दो राशियों का मेल बिलकुल सही रहता है। ये एक दूसरे से कदम से कदम मिलाकर चलते हैं।

हाथ मे थोड़ा सा गंगा जल लेकर ये एक मंत्र बोलें, और देखें चमत्कार, लेकिन मिसयूज न करें

पतित पावनी गंगा का भारतीय संस्कृति में अहम स्थान है। इसके जल में खास गुण होते हैं, तभी तो सनातन धर्मी इसे देव नदी (देवताओं की नदी) कहकर भी पुकारते हैं। माना जाता है कि गंगा का जन्म भगवान विष्णु के चरणों से हुआ है और ये भगवान शिव की जटाओं में वास करती हैं। कल 4 जून रविवार को श्री गंगा दशहरा अथवा श्री गंगा दशमी का पर्व है।

दस दिनों से चला आ रहा श्री गंगा व्रत-स्नान दशहरा समाप्त हो जाएगा। इस शुभ अवसर पर आप गंगा जल की चमत्कारी शक्तियों से जुड़े कुछ खास उपाय करके देख सकते हैं, कैसे आपके जीवन में भी होने लगेंगे चमत्कार।


ज्योतिष के जानकार कहते हैं की हर रोज गंगा जल पीने से व्यक्ति निरोग रहते हुए लंबी उम्र भोगता है। ये सालों तक खराब नहीं होता। अत: इसे घर में लंबे समय तक सहज कर रखा जा सकता है। शास्त्र कहते हैं, गंगाजल को हमेशा घर पर रखने से सुख और संपदा बनी रहती है।

पारिवारिक सदस्यों में क्लेश रहता है तो प्रतिदिन सुबह सारे घर में गंगा जल का छिड़काव करें। इस उपाय से घर की नकारात्मकता का नाश होता है और सकारात्मकता का माहौल बनता है। वास्तु दोष का प्रभाव भी खत्म हो जाता है।

लक्ष्मी नारायण की कृपा पाने के लिए दक्षिणवर्ती शंख में गंगा जल भरकर श्री विष्णु का अभिषेक करें।

सोमवार को शिवलिंग पर गंगा जल चढ़ाएं। जीवन से सभी विकार नष्ट हो जाएंगे।

डरावने सपने आते हैं तो रात को सोने से पूर्व बिस्तर पर गंगा जल का छिड़काव करें।
***