30 दिनों में गंजो के सिर पर बाल उगाने का 100 % शर्तिया चमत्कारिक तेल

बालो की समस्या जैसे बालों का झड़ना, असमय सफेदी, रूसी की समस्या तो आम हो गई है। बालों की इन उलझनों के लिए चिरमिटी या गुंचा एक वरदान है! जी हाँ, आपके बालों को झड़ने, रुसी, सफेदी और गंजे होते सिर की समस्याओं को दूर करती है और बुढ़ापे तक आपके बालों की सभी समस्याओं से निजात दिलाता है। यह प्रयोग इतना प्रभावी है कि गंजो के बाल उगा देता है। यह पुरुषों के लिए जितना प्रभावी है उतना ही महिलाओं के लिए तो आइये जाने इस प्राकृतिक रामबाण उपाय के बारे में।
 
सामग्री -     250 ग्राम चिरमिटी/रत्ती/घुंघुचि/गुंचा

गुंचा या चिरमिटी का चमत्कारी तेल बनाने का तरीका
  1.     इसे बारीक पीस कर पाउडर बना छान ले। छानने के बाद जो ऊपर मोटा अंश बचे उसे फेंके नहीं।
  2.     अब छने हुए पाउडर मे से लगभग 50 ग्राम अलग निकाल कर रख लें।
  3.     बाकी बचे हुए सारे 200 ग्राम पाउडर को लगभग 1.5 लीटर पानी मे धीमी आग पर इतना उबाले कि उबल के पानी लगभग 500ml रह जाये। अब इस पानी को छान कर रख ले।
  4.     एक लौहे की कड़ाही मे लगभग 200 ग्राम तिल का तेल ले यदि तिल तेल का न मिले तो सरसों का भी ले सकते हैं परंतु तिल का तेल अधिक असरदार होता है। अब 500ml चिरमटी उबाल कर छाना हुआ पानी व 50 ग्राम चिरमटी का बचा हुआ पाउडर इन सभी को ठंडे तेल मे मिला ले। ध्यान रहे गरम तेल मे कुछ नही डालना है ऐसा नुकसानदायक हो सकता है। अब इस इस ठन्डे तेल में मिली सामग्री को धीमी आंच पर फिर से पकाए।
  5.     पकने उपरांत जब तेल मे से पानी लगभग जल जाए। तो यह टेस्ट करने के लिये की इसमें पानी का अंश पूर्ण रूप से जल गया है केवल मात्र तेल ही शेष बचा है। इसके परिक्षण के लिये एक लौहे की तार का टुकडा या बांस की झाडू की सींख ले उस पर काटन का फोया लपेट उसे तेल में भिगो आग पर रखे। यदि चटर पटर की आवाज आए तो समझे कि अभी तेल पूरी तरह नहीं पका है। उसमें पानी का अंश शेष है तो उसे धीमी आंच पर ओर गरम होने दे।
  6.     अगर तेल लगी हुई रूई तत्काल जल जाए तो समझे कि तेल पक गया है। तब इसे चूल्हे से उतार स्टील के टोप जैसे बर्तन में डाल के रख दें। साथ में तो यह ठंडा हो जायेगा और साथ ही इसमें से काला अंश टोप में निचे बैठ जायेगा। पूरी तरह ठंडा होने पर इस तेल को एक दम सूखी काँच या प्लास्टिक की बोतल में डाल लें। जिसमें पानी का अंश ना हो।
इस चमत्कारी तेल को लगाने का तरीका
  1.     यह तेल सिर पर दिन में 2 बार सुबह – शाम लगाए। लगभग 5 मिनट मालिश करे।
  2.     तेल प्रयोग के दौरान कोई भी साबुन या शैंपू सिर में न लगाए। सिर धोने के लिए खट्टी दहि – खट्टी लस्सी या नींबू का प्रयोग करे।
  3.     हमे आशा ही नही पूर्ण विश्वास है की सिर्फ 1 महीने प्रयोग के बाद आपको निराश नही होना पडेगा। आपकी इच्छानुरूप परिणाम मिलने शुरू हो जायेंगे। क्योंकि यह प्रयोग हमने जिस जिस व्यक्ति पर किया परिणाम 100% मिला।
कृपया ध्यान दे
  1.     चिरमिटी/रत्ती/घुंघुचि/गुंचा यह सब इसके नाम है।
  2.     यह सफ़ेद और लाल + काले रंग की मनके के समान होती है।
  3.     जड़ी बूटी बेचने वालो या पंसारी की दुकान पर आसानी से मिल जाती है
  4.     सफ़ेद रंग कि मिले तो वह ले – न मिले तो लाल काले रंग कि ले

आज अमावस्या, करे लाल धागे का ये उपाए | घर में आएगी सुख शांति और मिटेगा क्लेश

आज अमावस्या, करे लाल धागे का ये उपाए | घर में आएगी सुख शांति और मिटेगा क्लेश

अमावस्या तिथि बहुत मायने रखती है। हिंदू पंचांग के अनुसार कृष्ण पक्ष का यह अंतिम दिन होता है। अमावस्या की रात्रि को चंद्रमा घटते-घटते बिल्कुल लुप्त हो जाता है। सूर्य ग्रहण जैसी खगोलीय घटनाएं केवल अमावस्या तिथि को ही घट सकती हैं।

सावन के महीने में पड़ने वाली अमावस्या का अपना अलग ही महत्व है. इसे हरियाली अमावस्याके नाम से भी जाना जाता है. यह त्योहार सावन में प्रकृति पर आई बहार की खुशी में मनाया जाता है.

आज दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत होकर भगवान शिव जी का विधि विधान से पूजन कर उनको भोग लगाकर अपने सुखी जीवन की कामना करें।

कुल मिलाकर अमावस्य तिथि बहुत महत्वपूर्ण होती है लेकिन धार्मिक रूप से तो अमावस्या और भी खास होती है। स्नान दान के लिये तो यह बहुत ही सौभाग्यशाली तिथि मानी जाती है विशेषकर पितरों की आत्मा की शांति के लिये हवन-पूजा, श्राद्ध, तर्पण आदि करने के लिये तो अमावस्या श्रेष्ठ तिथि होती है। आइये जानते हैं सावन अमावस्या व इसके महत्व के बारे में।

शाम के वक्त भूलसे भी ना करे ये 5 काम दरिद्रता आती है |

शाम के वक्त भूलसे भी ना करे ये 5 काम दरिद्रता आती है | शाम के वक्त भूलसे भी ना करे ये 5 काम दरिद्रता आती है | 

शाम के वक्त भूलसे भी ना करे ये 5 काम दरिद्रता आती है |

बहुत तेजी से धनवान बनाता है मार्ग में पड़े मिले सिक्कों का यह अदभुत उपाय

घर के आग्नेय कोण (दक्षिण-पूर्व) में सिक्‍कों वाला धात्विक कटोरा अर्थात्‌ धातु का कटोरा रखें * और उसमें ऐसे सिक्‍के जो मार्ग में पड़े मिले हों डालते जाएं ।

ऐसा करने से घर में आकस्मिक रूप से धनागम होने लगेगा ।यह सरल उपाय आपको रातोंरात मालामाल बना सकता है।

थाइरोइड को केवल आयुर्वेद ही जड़ से खातम कर सकता है ! थाइरोइड में लाल प्याज से उपचार l

थायराइड की समस्या आजकल एक गंभीर समस्या बनी हुई है। थायराइड मानव शरीर मे पाए जाने वाले एंडोक्राइन ग्लैंड में से एक है। थाइराइड गर्दन के सामने और स्वर तंत्र के दोनों तरफ होती है। यह थाइराक्सिन नामक हार्मोन बनाती है जिससे शरीर के ऊर्जा क्षय, प्रोटीन उत्पादन एवं अन्य हार्मोन के प्रति होने वाली संवेदनशीलता नियंत्रित होती है। थायराइड तितली के आकार की होती है। थायराइड दो तरह का होता है। हाइपरथायराइडिज्म और हाइपोथायराइड। पुरूषों में आजकल थायराइड की दिक्कत बढ़ती जा रही है। थायराइड में वजन अचानक से बढ़ जाता है या कभी अचानक से कम हो जाता है। इस रोग में काफी दिक्कत होती है।

थायराइड को साइलेंट किलर माना जाता है, क्‍योंकि इसके लक्षण व्‍यक्ति को धीरे-धीरे पता चलते हैं और जब इस बीमारी का निदान होता है तब तक देर हो चुकी होती है। इम्यून सिस्टम में गड़बड़ी से इसकी शुरुआत होती है लेकिन ज्यादातर चिकित्‍सक एंटी बॉडी टेस्ट नहीं करते हैं जिससे ऑटो-इम्युनिटी दिखाई देती है।

आमतौर पर शुरुआती दौर में थायराइड के किसी भी लक्षण का पता आसानी से नहीं चल पाता, क्योंकि गर्दन में छोटी सी गांठ सामान्य ही मान ली जाती है। और जब तक इसे गंभीरता से लिया जाता है, तब तक यह भयानक रूप ले लेता है। थायराइड ग्रंथि शरीर के मेटाबॉल्जिम को नियंत्रण करती है यानि जो खाना हम खाते हैं यह उसे उर्जा में बदलने का काम करती है। इसके अलावा यह मांसपेशियों, हृदय, हड्डियों व कोलेस्ट्रोल को भी प्रभावित करती है।

Thyroid का सरल उपचार
Igor Knjazkin,  सेंट पीटर्सबर्ग, रूस से एक प्रसिद्ध चिकित्सक ने  थायराइड ग्रंथि के विकारों का इलाज खोजने का  दावा किया है इस अविश्वसनीय उपाए में सिर्फ एक घरेलु औषधि का उपयोग होता है और वो है लाल प्याज | प्याज के गुणों के बारे में हम सब जानते हैं इसमें बहुत सारे  anti-bacterial, anti-fungal, anti-inflammatory, and cancer fighting  गुण होते हैं इस में विटामिन और मिनरल्स भी भरपूर मात्रा में होते हैं जो हमारे शारीर को पोषण देते हैं और बिमारियों से बचाते हैं |

प्याज से Thyroid का इलाज (Thyroid Gland Remedy)
ये उपचार रात को सोने से पहले करना है एक प्याज लेकर उसको दो हिस्सों में काट लें और गर्दन पर Thyroid Gland के आस पास गोल गोल मसाज करे | मसाज करने के बाद गर्दन को धोएं नहीं रात भर ऐसे ही छोड़ दें और प्याज का रस अपना काम करता रहेगा |

सफ़ेद नमक है बहुत हानिकारक.
आज कल जो बाज़ार में सफ़ेद नमक हमको आयोडीन के नाम से खिलाया जा रहा है, चाहे वो कितनी भी बड़ी कंपनी हो, सिर्फ आम जन को मुर्ख बनाने के लिए है. नमक सिर्फ सेंधा या काला ही इस्तेमाल करें.

काली मिर्च.
थाइरोइड के लिए काली मिर्च का उपयोग बहुत ही फायदेमंद साबित होता है. काली मिर्च का यथा संभव नियमित उपयोग चाहे वो किसी भी प्रकार से हो, थाइरोइड के लिए बहुत ही उपयोगी है.

चीनी से सिर्फ 5 मिनट में पाएं ब्लैकहेड्स से छुटकारा! जानें कैसे?

भागदौड़ और प्रदूषण भरे माहौल के चलते लोगों को स्किन से संबंधित कई तरह की समस्याएं हो रही हैं। जिसमें अनचाहे पिंपल्स, झाईयां, पिग्मेंटेशन और ब्लैकहेड्स शामिल हैं। साफ और निखरा हुआ चेहरा पाना हर किसी की ख्वाहिश होती है। लेकिन जब ऐसी चीजें चेहरे पर हो जाती हैं तो ये शर्मिंदा तो महसूस कराती ही हैं साथ ही पर्सनेलिटी भी खराब करती हैं। ब्‍लैकहेड्स अगर हमारी नाक और माथे पर चमकने लगे तो ये हमारे आत्मविश्वास में भी कमी लाते हैं।

ब्‍लैकहेड्स चेहरे की खूबसूरती को पूरी तरह से खराब कर देते हैं। लेकिन अब चेहरे के इस दुश्मन से डरने लगे तो ये हमें और भी डराएगा। कई लोग ब्लैकहेड्स से छुटकारा पाने के लिए हजारों के ब्यूटी प्रॉडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन कई बार वो भी फायदा नहीं करते हैं। आज हम आपको इस दुश्मन से छुटकारा पाने के लिए कुछ घरेलू नुस्खे बता रहे हैं। इन्हें अपनाकर आप इस समस्या से चुटकियों में छुटकारा पा सकेंगे। आइए जानते हैं क्या हैं ये उपचार।

शक्कर से हटाएं ब्लैकहेड्स
शक्कर चाय में ​मिठास लाने के साथ ही हमारे चेहरे पर भी मिठास ला सकता है। ब्लैकहेड्स की समस्या को दूर करने के लिए शक्कर बहुत काम की चीज है। इससे ब्लैकहेड्स दूर करने के लिए एक कटोरी में एक चम्‍मच शक्‍कर और नमक मिलाएं। अब इस पेस्ट से हल्‍के हाथों से 15 मिनट तक नाक और माथे (अगर ब्लैकहेड्स हैं तो) पर गोलाई में मसाज करें। जब यह सूख जाए तब गीले कॉटन से इसे पोछ लें। फर्क आपको खुद दिखेगा।

नींबू भी है असरदार
शरीर के साथ ही नींबू के चेहरे को भी कई फायदे होते हैं। इससे ब्लैकहेड्स दूर करने के​ लिए सबसे पहले नाक पर नींबू का रस लगाकर हल्के हाथों से मसाज करें। अब उसी जगह पर नमक लगा कर गोलाई में हल्‍के हाथों से मसाज करें। 10 मिनट के बाद गरम पानी से चेहरा धो लें। 2 से 3 बार ऐसा करने पर आपको बहुत आराम मिलेगा।

कटे हुए प्याज का अगले दिन इस्तेमाल आपकी जान भी ले सकता हैं, आज ही बताए घर की औरतों को!!

कई भारतीय घरो में गृहिणियां अपना समय बचाने के लिए क्या क्या तरीके नहीं अपनाती। जी हां कुछ गृहिणियां तो अगले दिन के खाने की तैयारी भी पहले ही शुरू कर देती है। यानि कि एक दिन पहले सब्जी काटना और सब्जी में प्रयोग होने वाला सामान जैसे प्यार और टमाटर काट कर रख देना आदि सब करके वो अपना अगले दिन का समय जरूर बचा लेती है। पर क्या आप जानते है कि एक दिन पहले कटे हुए प्याज को अगले दिन सब्जी में इस्तेमाल करना कितना खतरनाक हो सकता है।शायद आपको ये सुनने में थोड़ा अजीब लगे, पर ये सच है।वैसे आज हम आपको इससे जुडी एक कहानी भी बताने वाले है। इस कहानी को पढ़ने के बाद आपको यकीन हो जाएगा कि ऐसा करना वास्तव में खतरनाक हो सकता है।

दरअसल ये सन 1919 की बात है, जी हां आपको जान कर हैरानी होगी कि सन 1919 में फ्लू से लगभग चार करोड़ लोग मारे जा चुके थे। इन बुरे हालातो के चलते एक डॉक्टर कई किसानों से मिलने खुद उनके घर गया। दरअसल डॉक्टर उन किसानो के घर इस आशा के साथ गया था, ताकि वो इस महामारी का इलाज ढूंढ सके, साथ ही वो ये भी जानना चाहता था, कि वो कैसे किसानो की इस महामारी से बचने में सहायता कर सकता है। आपको बता दे कि उस समय बहुत सारे किसान फ्लू से ग्रसित थे और मारे जा चुके थे। इसी दौरान वो डॉक्टर एक ऐसे किसान के सम्पर्क में आया जो इस भयंकर महामारी के चलते भी बिलकुल स्वस्थ था। केवल वही नहीं, बल्कि उस किसान का पूरा परिवार भी एकदम स्वस्थ था।

ऐसे में उस डॉक्टर को ये जानने की जिज्ञासा हुई, कि आखिर उस किसान ने सारे गांव से हट कर ऐसा क्या किया, जो वो और उसका परिवार इस महामारी में भी स्वस्थ है। फिर उस किसान की पत्नी ने बताया कि उसने अपने मकान के दोनों कमरों में एक प्लेट में बिना छिली हुई प्याज रख दी थी। इसके बाद जब डॉक्टर ने प्लेट में रखी इन प्याज में से एक को माइक्रोस्कोप से देखा तो उन्हें उस प्याज में घातक फ्लू के बैक्टीरिया मिले। जो यक़ीनन इन प्याज द्वारा अवशोषित कर लिए गए थे और शायद यही कारण था, कि पूरे गांव में महामारी होने के बावजूद भी यह परिवार बिलकुल स्वस्थ था। दरअसल फ्लू के वायरस इन प्याज द्वारा सोख लिए गए थे।

आपके लिए ये जानना बेहद जरुरी है, कि पहले काट कर रखी गयी प्याज विष के समान होती है। इसके इलावा जब कभी अस्पताल में कोई फ़ूड पोइसिनिंग का केस आता है, तो सबसे पहले मरीज से ये पूछा जाता है, कि उसने आखिरी बार प्याज कब खायी थी और वह प्याज कहा से आयी थी। ऐसे में इस बीमारी के लिए या तो प्याज दोषी होते है या फिर काफी समय पहले काटे गए आलू भी दोषी होते है। आपको बता दे कि प्याज बैक्टीरिया के लिए चुंबक की तरह काम करती है। खास करके कच्ची प्याज खतरनाक होती है। इसलिए आप गलती से भी कटी हुई प्याज को ज्यादा देर तक रखने की गलती न करे।

इसके इलावा इसे बंद थैली या फ्रिज में भी ज्यादा देर तक रखना सुरक्षित नहीं है। इसके साथ ही इस बात का ध्यान रखे कि एक दिन पहले काटी गयी प्याज को अगले दिन इस्तेमाल न करे, क्यूकि ये खतरनाक हो सकता है। आपको शायद मालूम न हो, कि कटी हुई प्याज एक रात में विषैली हो जाती है। वो इसलिए क्यूकि ये टॉक्सिक बैक्टीरिया बनाती है। जो कभी भी आपका पेट खराब कर सकती है। इसलिए हमेशा अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखे और प्याज का इस्तेमाल सम्भल कर करे।

भूलकर भी इन जगहों पर न बनाएं शारीरिक संबंध

इन 5 जगहों पर भूलकर भी न बनाएं शारीरिक संबंध, वरना ‘महापाप’ के भागी बनेंगे आप! Never Get Intimate on these places.

विवाह के बाद शारीरिक संबंध को हर धर्म में मान्‍यता दी गई है, लेकिन विवाह पूर्व शारीरिक संबंध को हर धर्म में महापाप भी माना गया है। लेकिन आजकल के बदलते परिवेश में सबकुछ बदल गया है। नई पीढ़ी के युवाओं के लिए ये सब बेकार की बातें हैं। लड़के – लड़कियां शादी से पहले साथ रहते हैं और शारीरिक संबंधों से भी उन्हें कोई गुरेज नहीं है। लेकिन, यहां एक बात आपके लिए जाननी जरूरी है कि कुछ ऐसी भी जगहें होती हैं, जहां शारीरिक संबंध बनाना महापाप माना जाता है।

पवित्र नदी के पास :
शास्त्रों के मुताबिक कहीं भी और किसी भी पवित्र नदी के आसपास शारीरिक संबंध नहीं बनाना चाहिए। शास्त्रों में ऐसे संबंध को युद्ध का आमंत्रण माना जाता है। इतिहास में इस बात का प्रमाण मिलता है। जब ऋषि पराशर एवं सत्यवती के रिश्ते की वजह से ही महाभारत की शुरुआत हुई थी।

अग्नि के पास :
भूलकर भी ऐसी जगह पर जहां आसपास अग्नि प्रज्वलित हो शारीरिक संबंध ना बनाएं। अग्नि को हिन्दू धर्म में ‘देवता’ माना गया है, इसलिए अग्नि के पास बनाए गये संबंध को अपवित्र और महापाप माना गया है।

बीमार व्यक्ति के आसपास :
यदि आपके घर में या एक ही छत के नीच कोई ऐसा व्यक्ति हो जो काफी बीमार है और मृत्यु की कगार पर है, तो ऐसी जगह पर शारीरिक संबंध नहीं बनाना चाहिए।

यदि पास हो कोई ब्राह्मण या ऋषि-मुनि :
यदि आपके घर के आसपास कोई ब्राह्मण हो या ऋषि-मुनि या फिर कोई ऐसा महान पुरुष जिसे लोग अपना आदर्श मानते हों, ऐसी जगहों पर शारीरिक संबंध न बनायें। ये उनका अपमान होगा और आप महापाप के भागी बनेंगे।

मंदिर परिसर और नवजात की उपस्थिति में :
शास्त्रों के मुताबिक नवजात की उपस्थिति में शारीरिक संबंध बनाना महापाप है। पति-पत्नी को भी इससे बचना चाहिए। यह तो सभी को ज्ञात है कि मंदिर परिसर में शारीरिक संबंध बनाना वर्जित माना गया है। यह महापाप है।

केवल एक कप और आपकी दोनों किडनियां और शारीर विषाक्त पदार्थो से मुक्त

इंसानी शरीर का विषाक्त पदार्थो से मुक्त होना बहुत जरूरी है अन्यथा यह हमारे शरीर को नुकसान पहुंचा सकते है बहुत से प्राकृतिक तरीकों से शरीर को विषैले तत्वों से मुक्त किया जा सकता है इस लेख में हम आपको बतायंगे की शरीर को टोक्सिन मुक्त करने का सही और प्राकृतिक तरीका क्या है इस औषधि इस्तेमाल के बाद आप इससे मिलने वाले नतीजे से दंग रह जायंगे इस विधि से आपका शरीर टोक्सिन मुक्त हो जाएगा और आपका शरीर पूरा दिन ऊर्जा से भरा रहेगा

औषधि तैयार करने की सामग्री
  1. 1. गिलास पानी
  2. 2. 4 सेब
  3. 3. 1 ताज अदरक (3 चम्मच के बराबर पिसा हुआ )
  4. 4. 1 नींबू
  5. यदि संभव हो तो यह सामग्री आर्गेनिक ही उपयोग की जाये
औषधि तैयार करने की विधि
नींबू का छिलका उतारकर सेब ,नींबू अदरक और पानी को एक साथ जूसर में डालकर रस निकाल ले सुबह इसका खली पेट सेवन करें आप महसूस करेंगे कैसे विषैले तत्व आपके शरीर से बाहर निकल रहे है और अपनी सेहत में आपको सुधार नजर आएगा आप पहले से ज्यादा ऊर्जा से भरे महसूस करेंगे

मंगल दोष निवारण के उपाय | मांगलिक दोष उपचार के टोटके | Mangal Dosh Nivaran Ke Upay

कुण्डली में जब प्रथम, चतुर्थ, सप्तम, अष्टम अथवा द्वादश भाव में मंगल होता है तब मंगलिक दोष लगता है। इस दोष को विवाह के लिए अशुभ माना जाता है। यह दोष जिनकी कुण्डली में हो उन्हें मंगली जीवनसाथी ही तलाश करना चाहिए ऐसी मान्यता है।

जिनकी कुण्डली में मांगलिक दोष है वे अगर 28 वर्ष के पश्चात विवाह करते हैं, तब मंगल वैवाहिक जीवन में अपना दुष्प्रभाव नहीं डालता है। मंगली व्यक्ति इन उपायों पर गौर करें तो मांगलिक दोष को लेकर मन में बैठा भय दूर हो सकता है और वैवाहिक जीवन में मंगल का भय भी नहीं रहता है ज्योतिशास्त्र में कुछ नियम बताए गये हैं जिससे वैवाहिक जीवन में मांगलिक दोष नहीं लगता है, आइये इसे देखें

मांगलिक को शादी में परेशानी क्‍यों आती है?
ऐसा इसलिये क्‍योंकि मंगल ग्रह को अकेले रहना पसंद है और इस प्रकार अगर कोई अन्‍य ग्रह उसके समीप आता है तो वह उससे झगड़ा कर लेता है। इसी प्रकार मांगलिक व्‍यक्‍ति लंबे समय के लिए अपने साथी को बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं।

हर मांगलिक का पति नहीं मरता है
कई कोटि के मंगल दोष होते हैं। अगर पूर्ण मांगलिक हैं तो मंगल ग्रह का प्रभाव आप पर बहुत ज्यादा होगा। अगर आप का मंगल वक्रि है तो मंगल ग्रह आपके जीवन पर एक तिरछा प्रभाव डालेगा। ज्यादातर मामलों में, इस दोष के प्रभाव मामूली है और आपके पति/पत्नी की मौत नहीं होगी।

आयु एक कारण है
कुछ लोगों के लिए मंगल ग्रह का प्रभाव केवल एक निश्चित उम्र तक वैध है। वे एक उम्र के बाद शादी कर सकते है, क्योंकी ज्यादा उम्र के बाद शादी करने से उनके वैवाहिक जीवन में समस्या की उम्मीद नहीं होती है।

कुंभ विवाह
अगर आप पूर्ण मांगलिक हैं तब भी आप के दोष का उपचार किया जा सकता है, कुंभ विवाह के जरिये। इस अनुष्ठान में मंगल दोष से पीड़ित व्यक्ति को पहले एक केला या बरगद के पेड़ से शादी की जाती है। अगर आप लड़की है तो भगवान कृष्ण की एक चांदी या सोने की मूर्ति से शादी कर सकते हैं इस तरह व्यक्ति की कुंडली से दोष ख़तम हो जाता है।

एकाधिक मांगलिक दोष
कुछ लोगों में डबल या ट्रिपल मांगलिक दोष होता है। मंगल ग्रह का प्रभाव उनके जीवन पर इतना मजबूत होता है की दो से तीन बार पुनर्विवाह करने के बाद भी उन के पति के मरने के प्रभाव कम नहीं होते है। ऐसे मामलों में कुंभ विवाह का उपाय करने से यह दोष कम होता है। यह फिर डबल या ट्रिपल मांगलिक व्यक्ति से ही उनकी शादी करनी चाहिए।

अच्छे कर्म
हिंदू धर्म के अच्छे कामों पर काफी जोर दिया जाता है। आपकी अच्छाई और दयालुता से आप आपनी कुंडली में हजारो दोषों को कम कर सकते है। अगर आप एक ईमानदार और अच्छे व्यक्ति है तो आप आपने दोषों के लिए कभी भी ज्‍यादा कष्‍ट नहीं भोगेगें। मांगलिक दोष के बुरे प्रभावों को पूजा, रत्नों तथा ज्योतिष के अन्य उपायों के माध्यम से बहुत हद तक कम किया जा सकता है इसलिये इससे घबराएं बिल्‍कुल नहीं।

यहाँ रखे फिटकरी धन के साथ मिलेगा सुख

Benefits of Fitkai for Health and Wealth
एंटीसेप्टिक के रूप में
भारतीय घरों में फिटकरी एक एंटीसेप्टिक के रूप में प्रयोग होता रहा है। सामान्य अर्धपारदर्शी पत्थर की तरह दिखने वाला यह पदार्थ वास्तव में पोटाशियम एल्यूमिनियम सल्फेट है जो एंटीसेप्टिक और एंटीबैक्टीरियल होता है। खून रोकने से लेकर घाव ठीक करने तक यह औषधीय गुण युक्त है।

एंटी बैक्टीरियल
यही वजह है कि आम भारतीय घरों में हमेशा से यह दाढ़ी बनाने के बाद आफ्टर शेव के रूप में प्रयोग होता रहा है। इसके अलावा घुली हुई अशुद्धियां दूर करना भी इसकी खास खूबी है। आज भले ही वाटर प्यूरिफायर की सुविधा हो लेकिन पहले ऐसा नहीं था। नदी या तालाब के पानी में फिटकरी डालकर ही उसे शुद्ध किया जाता था, यह उपाय आज भी गांवों में इस्तेमाल किया जाता है।

वास्तु दोषों में फिटकरी
आम जीवन में फिटकरी के ये सामान्य उपयोग हैं जिनसे आप शायद वाकिफ ही होंगे, लेकिन एक बात जो शायद आप ना जानते हों वह यह कि इन एंटीसेप्टिक गुणों के अलावा यह शास्त्रीय उपायों में भी बहुत महत्व रखता है,जी हां, इस एंटीसेप्टिक सफेद पत्थर में आपके घर की नकारात्मक ऊर्जा को सोखकर कर सभी प्रकार के वास्तु दोषों को खत्म कर सकने की क्षमता है। इतना ही नहीं, यह चूहे और तिलचट्टे आदि को भी आपके घर से दूर रखता है, इसलिए अपने घर में एक फिटकरी हमेशा रखना आपके लिए हर तरह से लाभकारी है। कुछ विशेष परेशानियां दूर करने के लिए आप किस प्रकार इसे प्रयोग कर सकते हैं, यह हम आगे की स्लाइड्स में बता रहे हैं।

धन और व्यापार की परेशानियां
व्यापार में लगातार नुकसान हो रहा हो, तो दुकान या ऑफिस के किसी भी कोने में 50 ग्राम फिटकरी रखें। इसके अलावा आपको अपने निवास स्थल के भी हर कमरे में और विशेषकर अपने सोने के कमरे में किसी जगह फिटकरी अवश्य रखना चाहिए। इससे आपके घर और व्यापार से जुड़े सभी वास्तु दोष समाप्त हो जाते हैं और लाभ की स्थितियां बनने लगती

बंधी हुई फिटकरी
अगर लगे कि व्यापार में पर्याप्त लाभ नहीं हो रहा, तो घर और कार्यस्थल दोनों ही जगह मुख्य द्वार पर एक लाल कपड़े या रुमाल में फिटकरी बांधकर लटकाएं। इससे भी आपके व्यापार से जुड़ी बाधाएं दूर होंगी और मुनाफा होने लगेगा।

कर्ज में
अगर लगे कि लगातार कर्ज के हालात बन रहे हैं और आप इससे मुक्त नहीं पो रहे हैं, तो भी फिटकरी का उपाय आपके काम आ सकता है। फिटकरी का एक छोटा टुकड़ा लें और इस पर थोड़ा सिंदूर छिड़कें। अब एक ताजा पान के पत्ते में इसे लपेटकर लाल धागे या कलावा (कच्चा सूत) से बांध दें। पान की इस पोटली को शाम के समय किसी भी पीपल पेड़ के नीचे मिट्टी में दबा दें। यह उपाय जल्दी ही असर दिखाएगा और धीरे-धीरे आप कर्ज से मुक्त हो जाएंगे।

धन सुरक्षा
अगर चाहते हैं कि भविष्य में आपके जीवन में कोई मुश्किल ना आए, तो घर में फिटकरी रखना सबसे आसान उपाय है। घर के बाथरूम में विशेषकर इसे जरूर रखें, लेकिन हर माह पुरानी फिटकरी बदलकर इसकी जगह एक नया टुकड़ा रखना ना भूलें। इसके लिए फिटकरी के कुछ टुकड़े कांच की किसी कटोरी या जार में रखकर बाथरूम में ऐसी जगह रखें जहां से ये गिरे ना और रखा रहे।

बाथरूम
बाथरूम सफाई की जगह है, एक प्रकार से देखा जाए तो गंदगी के रूप में आप अपनी सारी नकारात्मक ऊर्जा यहां जाकर छोड़ आते हैं। क्योंकि यह आपके घर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है इसलिए लगातार जमा हो रही यह नकारात्मक ऊर्जा एक समय के बाद आपके घर को कई रूपों में नुकसान पहुंचाती है।

बनते-बनते काम बिगड़ना
बनते-बनते काम बिगड़ना, व्यापार-नौकरी में बाधाएं और नुकसान होना, अपमान होना आदि जैसी चीजें इसके कारण होना संभव है। बाथरूम में फिटकरी रखना इस नकारात्मक ऊर्जा को खत्म करता है और आपके जीवन में ये परेशानियां आती नहीं हैं या अगर वर्तमान में हो भी, तो धीरे-धीरे खत्म हो जाती हैं।

सफाई के दौरान
इसके अलावा घर में सफाई के दौरान पोछे के पानी में थोड़ी फिटकरी और सामान्य नमक मिलाकर पोछा डालना घर के सभी वास्तु दोष खत्म करता है और पूरा परिवार तरक्की करता है।

बीयर से कैसे धोयें बाल और क्‍या हैं इसके फायदे

बीयर पीना सेहत के लिए फायदेमंद हो या न हो लेकिन बीयर बालों के लिए कई मामले में फायदेमंद है। तो अगर बोतल में थोड़ी सी बियर बच जाए तो उसे फेंकने की जगह घर पर ही अपने बालों के लिए इससे हेयर कंडीशनर बना लें।

बीयर से कैसे धोयें बाल
बीयर पीना सेहत के लिए फायदेमंद हो या न हो लेकिन बीयर बालों के लिए कई मामले में फायदेमंद है। तो अगर बोतल में थोड़ी सी बियर बच जाए तो उसे फेंकने की जगह घर पर ही अपने बालों के लिए इससे हेयर कंडीशनर बना लें। तो चलिये जाने बीयर से बालों को धोने का सही तरीका क्या होता है।

नेचुरल हेयर कंडीशनर - नेचुरल हेयर कंडीशनर का प्रभाव चाहिए तो बालों को पहले बीयर से धोएं और फिर हल्‍के गरम पानी से धो लों। इससे आपके बाल मुलायम बनेंगे।

बीयर और सेब का सिरका - बालों को चमकदार और घना बनाना चाहते/चाहती हैं तो उसे बीयर और सेब का सिरका मिलाकर इससे बालों को धोएं। इस मिश्रण को शैंपू करने के बाद ही बालों पर लगाएं।

बीयर और जोजोबा ऑयल - एक छोटे बीयर के कप में कुछ बूंदे जोजोबा ऑयल मिला लें। इस मिश्रण को बालों की जड़ों में ठीक प्रकार से लगाएं और कुछ देर लगे रहने के बाद बालों को अच्‍छे से धो लें।

नींबी, शहद और बीयर - अगर आपको ज्‍यादा फायदा चाहिए तो बीयर की बोतल को पूरी रात खुली छोड़ दें और फिर उसे कुछ मिनट के लिए गरम करें। उसमें कुछ बूंदे नींबू की और 2 छोटे चम्मच शहद मिलाएं। इस मिश्रण को बालों में 15 मिनट तक लगा रहने दें और फिर अच्‍छे से ताजे पानी से धो लें।

डिस्‍टिल्‍ड वॉटर, नींबू का रस, बीयर और सिरका - डिस्‍टिल्‍ड वॉटर, नींबू का रस, बीयर और सिरके को एक साथ मिलाएं और शैंपू किए हुए बालों पर इस मिश्रण को लगाएं। इसको कुछ देर ऐसे ही छोड़ दें और बालों को धो लें।

शैंपू और पानी के साथ बीयर - अगर आप ज्‍यादा ताम-झाम नहीं करना चाहती हैं तो सीधे शैंपू और पानी के साथ बीयर को मिला कर बालों पर लगा लें। इससे बाल तो मजबूत बनेगें ही साथ ही वे कोमल भी हो जाएगें।

बियर के फायदे - बियर में फास्फोरस, मैग्नीशियम, पोटेशियम और मालटोस पाया जाता है जो बालों की देखभाल के लिए अहम सामग्रियां मानी जाती हैं। इसमें बायोटिन भी होता है जो गंजापन दूर करता है और रुसी को भी भगाता है। मालटोस, बालों को मजबूती और विटामिन सी प्राकृतिक चमक लाता है।
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