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मधुमेह (Diabetes) की रामबाण औषिधि – काला जीरा (Kala Jeera)

टाइप – 2 मधुमेह के रोगियों के लिए काला जीरा बहुत महत्वपूर्ण हैं, और मधुमेह की वजह से जो दूसरे शरीर के अंगो को नुक्सान पहुँचता हैं उसमे भी ये बहुत लाभकारी हैं। आइये जानते हैं कैसे काला जीरा हमको इन रोगो से बचाता हैं।

भारतीय पाक कला में मसालों के इस्तेमाल का अलग ही महत्व है। मसाले न सिर्फ स्वाद बढ़ाने का काम करते हैं बल्कि ये स्वास्थ्य के लिए भी बेजोड़ होते हैं। ये मसाले अपने आप में हमारे लिए बेहतरीन दवा का काम करते हैं। इन्ही मसालो में एक विशेष हैं काला जीरा। हर रोज़ सिर्फ दो ग्राम की मात्रा में काला जीरा खाने से मधुमेह में विशेष लाभ होता हैं। काला जीरा शरीर के सभी अंगों के लिए बहुत फायदेमंद है क्योंकि इसकी तासीर गर्म होती है और इसके उपयोग से विभिन्न प्रकार के लाभ होते हैं। आज हम आपको विशेष रूप से मधुमेह यानी शुगर में होने वाले लाभो पर चर्चा करेंगे।

काला जीरा अर्थात कलौंजी दो प्रकार से मधुमेह को नियंत्रित करता हैं।

काला जीरा पैंक्रियास को उत्तेजित कर के अधिक इन्सुलिन का निर्माण करवाता हैं। जिस से शरीर में मौजूद ग्लूकोस शरीर के cell (उत्तकों) द्वारा आसानी से ग्रहण कर लिए जाते हैं। ऐसा इसमें मौजूद थायमोक़्यीनॉन के कारण होता हैं। जिस से प्राकृतिक रूप से शरीर में रक्त शर्करा का लेवल कम हो जाता हैं।

Advanced Glycation end products (AGE) जो सीधे तौर पर बहुत सारी डी जेनेरटिव बीमारियो का कारण हैं जिनमे विशेष तौर पर मधुमेह, atherosclerosis , chronic renal failure, अल्ज़ाइमर हैं। और इस से किडनी और लिवरको भी बहुत अधिक नुक्सान पहुंचता हैं। काला जीरा सीधे सीधे इस Advanced Glycation end products (AGE) को बनने से रोक कर इन सब बीमारियो से बचाता हैं।

काला जीरे के सेवन से मधुमेह के कारण हुए आँखों के रोग विशेष कर मोतियाबिंद और दृष्टि मंदता में भी लाभ पहुँचता हैं।

काला जीरा के कुछ अन्य विशेष गुण।
1. खून की कमी यानी एनीमिया
जीरे में आयरन भरपूर मात्रा में होता है जिससे यह खून की कमी यानी एनीमिया को दुरुस्त करता है और रक्त में हीमोग्लोबिन के स्तर को बढ़ाता है।

2. दमा (अस्थमा) में
यह शरीर में ऑक्सीजन का सभी हिस्सों में पहुंचना सुचारु करता है। दमे के मरीजों को इसके भरपूर लाभ मिलते हैं। इसमें थायमोक़्यीनॉन नामक एक खास तत्व होता है जो दमे को रोकने बहुत कारगर है।

3. शरीर की गंदगी बाहर निकालने में।
हमारे शरीर में विभिन्न कारणों से गंदगी आ जाती हैं जिन्हें शरीर पसीने और फुंसियों के रूप में बाहर निकालता है। जीरे का नियमित इस्तेमाल शरीर की शोधन करने की प्रक्रिया को तेज करता है और गंदगी मुंहासों और फुंसियों के तौर पर बाहर नहीं आती। आपकी त्वचा साफ और सुंदर बनी रहती है।

4. एग्ज़िमा और सोराइसिस में
जीरे में विटामिन ई भरपूर मात्रा में होता है जिससे यह त्वचा को स्वस्थ रखने में बहुत कारगर होता है। इसमें प्राकृतिक तेल होने के साथ साथ एंटी फंगल गुण होते हैं जिनसे त्वचा इंफेक्शन से बची रहती है। इसमें त्वचा संबंधी बीमारियों जैसे एग्ज़िमा और सोराइसिस को ठीक करने के गुण होते हैं। जीरा पाउडर को आप अपने फेसपैक में भी मिला सकते हैं। इसमें पाया जाने वाला विटामिन ई त्वचा पर होने वाले उम्र के असर को कम करता है।

5. जीरा फेस पैक
जीरे के उपयोग से बना फेसपैक बहुत फायदेमंद होता है। इसे हल्दी के साथ मिक्स करके बनाया जाता है। जीरा पावडर और हल्दी को शहद के साथ इस्तेमाल करना चाहिए। इस पेस्ट को चेहरे पर लगाकर सूखने तक रखना होता है। इससे त्वचा नर्म और उजली बनती है। जीरे के उपयोग से रूसी से भी छुटकारा पाया जा सकता है। इसे आप अपने तेल में थोड़ा गर्म करके इस गुनगुने तेल से सिर पर मसाज कीजिए और रूसी से छुटकारा पा लीजिए।