त्वचा जलने, दाग व निशान हटाने के उपाय - Ayurvedic Home remdies for Skin Burns Marks

जब किसी व्यक्ति की त्वचा आग से जल जाती है तो वह त्वचा जलन करने लगती है साथ ही जलने का दाग रह जाता है. अगर जली हुयी त्वचा का तुरंत इलाज नहीं किया जाए तो वह आगे चलकर बहुत नुकसान भी पहुंचा सकता है. त्वचा एपिडर्मिस, डर्मिस तथा हाइपोडर्मिस तीन सतहों से मिलकर बनी होती है. एपिडर्मिस नाम की परत त्वचा की सबसे बाहरी परत होती है। जो अक्सर मौसम के असर से त्वचा को बचाने वाली परत का काम करती है। 

नींबू और टमाटर
थोड़े ताजे टमाटर और निम्बू के रस को निकाल लें. अब निम्बू के रस में एक वाश-क्लॉथ डालें इस वाश-क्लॉथ को जले हुए स्थान पर रखें। जब यह सुख जाए तो इस वाश-क्लॉथ को टमाटर के रस में भिगाकर जले हुए स्थान पर रखें। इससे जले हुयी त्वचा को ठीक होने में मदद मिलती है साथ ही टमाटर और नींबू दोनों प्राकृतिक ब्लीचिंग एजेन्ट का काम करते हैं जिनसे जले के दाग कम होते हैं।

आलमंड का तेल या बादाम तेल
एक बाउल में थोड़ा आलमंड तेल लें। अब इस तेल से जले हुए स्थान की मालिश करें. इसकी मालिश करने से धीरे-धीरे जले का निशान कम होने लगेगा।

आलू का छिलका
आलू के छिलके में एन्टी-बैक्टिरीअल गुण पाये जाते हैं। जो घाव को न सिर्फ जल्दी भरने में मदद करता है बल्कि त्वचा को नमी भी पहुंचाता है। यदि त्वचा कम जली हुयी हो तो यह उपचार बहुत असरदार माना जाता है।

    यदि त्वचा जल जाए तो सबसे पहले जलने पर उस पर ठंडा पानी डालिए। बेहतर होगा की आप जले हुए अंग पर नल को खुला छोड़ दें।
    स्किन जलने पर जीवाणुरहित पट्टी का प्रयोग करें, पट्टी को हलके हाथ से लगाए जिसके कारण जली हुई त्‍वचा पर जलन न हो।
    हल्‍दी का पानी भी जले स्थान को ठंडक पहुंचाने में सहायक होता है. हल्दी के पानी को जले हुए हिस्‍से पर लगाए. इससे दर्द कम होता है और आराम मिलता है।
    कुछ तुलसी के पत्‍तों का रस निकाल कर जले हुए स्थान पर लगाने से जले वाले भाग पर दाग होने की संभावना निम्न हो जाती है।
    कुछ तिल लेकर उन्हें पीसे अब इन्हे जले हुए स्थान पर लगाइए, इससे जलन और दर्द नहीं होगा। तिल लगाने से जलने वाले हिस्‍से पर पडे दाग-धब्‍बे भी कम होते हैं।
    जलने पर गाजर को पीसकर उसके रस को जले हुए हिस्‍से पर लगाने से राहत मिलती है।
    जलने पर नारियल का तेल जले हुए स्थान पर लगाएं। इससे जलन कम होती है और आराम मिलता है.

जलने पर ना करें काम
    जले हुए हिस्‍से पर बर्फ की सेंकाई नहीं करनी चाहिए. जले हुए हिस्‍से पर बर्फ की सेंकाई करने से फफोले पडने की संभावना अधिक होती है।
    जिस स्थान पर जला है वहां पर रुई ना लगाए, क्‍योंकि रूई जले हुए स्थान में चिपक सकती है जिसके कारण जलन होने लगती है.
    जलने पर एक साथ पानी नहीं देना चाहिए, बल्कि ओआरएस का घोल पीना चाहिए, क्‍योंकि जलने के बाद आदमी की आंत काम करना बंद कर देती है और पानी सांस नली में फंस सकता है जो कि घातक होता है.
    जले हुए हिस्‍से पर मरहम या मलाई नहीं लगाना चाहिए. इससे इंफेक्‍शन हो सकता है।
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